सिलीगुरी के लोगों के लिए दो महत्वपूर्ण खबर है. एक खबर सिलीगुडी रेगुलेटड मार्केट से जुड़ी है. जबकि दूसरी महत्वपूर्ण खबर आम आदमी के रोजमर्रेे के जीवन से संबंधित है. वर्तमान में चीनी और प्याज का दाम आसमान छू रहा है. अब सरकार की जैसी योजना है, अगर यह सफल रहती है तो पूजा से पहले चीनी ₹50 प्रति किलो जबकि प्याज का भाव ₹35 किलो हो सकता है.
पश्चिम बंगाल सरकार पूरे प्रदेश में बाजारों के विकास पर एक रोड मैप तैयार कर चुकी है. पूरे प्रदेश में कम से कम 50 ऐसे बाजार तैयार करने की योजना है, जो आदर्श थोक बाजार के रूप में स्थापित हो सके. सरकर के तैयार किए गए कार्यक्रम की सूची में सिलीगुडी का भी स्थान है. सिलीगुडी में रेगुलेटड मार्केट को चिन्हित किया गया है. इसलिए आने वाले समय में सिलीगुडी रेगुलेटेड मार्केट एक आदर्श मार्केट के रूप में पहचान बनने जा रहा है.
सिलीगुड़ी का रेगुलेटेड मार्केट न केवल सिलीगुड़ी बल्कि उत्तर बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के लिए एक थोक बाजार के रूप में स्थापित हो चुका है. लेकिन वर्तमान में इस रेगुलेटेड मार्केट का हाल सबसे ज्यादा बदहाल है. जब आप रेगुलेटेड मार्केट में आएंगे तो यह एक उजाड़-सा नजर आता है. गंदगी, जल जमाव, कीचड़,अतिक्रमण तथा प्रदूषण का स्थल बन चुका रेगुलेटेड मार्केट लावारिस स्थिति में सांस लेता हुआ महसूस होगा. लेकिन एक कहावत है ना कि 12 साल के बाद घुरे के भी दिन फिर जाते हैं.
सूत्र बता रहे हैं कि जो काम 34 सालों की वाम मोर्चा सरकार में नहीं हुआ, जो काम 15 सालों के टीएमसी शासन काल में नहीं हुआ, वह 2 महीने के भाजपा शासन काल में होने जा रहा है. सिलीगुडी रेगुलेटड मार्केट एक विस्तारित और आदर्श मार्केट के रूप में स्थापित होने जा रहा है. राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष तथा अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक में रेगुलेटेड मार्केट के विकास का रोड मैप तैयार किया जा चुका है. जैसा कि सूत्र बता रहे हैं कि यहां रेगुलेटेड मार्केट का विकास उसी तरह से किया जाएगा, ताकि यह सिलीगुड़ी ही नहीं बल्कि उत्तर बंगाल और पूर्वोत्तर का एक आदर्श मार्केट बन सके.
आने वाले समय में आप रेगुलेटेड मार्केट में व्यापारियों, किसानों व ट्रक चालकों के लिए अलग-अलग सुविधाएं, व्यापारिक कार्यों को सरल बनाने की तकनीकों के साथ ही साथ आधारभूत ढांचाओं के सम्यक विकास की एक मजबूत श्रृंखला देख सकते हैं. सूत्रों ने कहा कि रेगुलेटेड मार्केट के विकास के वादे तो पहले भी किए गए. लेकिन काम नहीं हुआ. पहली बार स्थानीय प्रशासन और राज्य के मंत्री रेगुलेटेड मार्केट के संपूर्ण विकास और विपणन के लिए मजबूती से हाथ मिला रहे हैं. मंत्री दिलीप घोष के साथ बैठक में कृषि विपणन विभाग के सचिव अभिनव चंद्र आईएएस, एसडीओ, डीएम, स्थानीय व्यापारी सभी ने एक स्वर से सरकार के काम में सहयोग करने का प्रण किया है.
मिल रही जानकारी के अनुसार लगभग 50 एकड़ में फैले सिलीगुडी रेगुलेटड मार्केट का कायाकल्प कुछ इस तरह से किया जाएगा, ताकि यह एक आदर्श मार्केट के रूप में नजर आ सके. उदाहरण के लिए बाजार तक आसानी से पहुंच के लिए सड़क का विकास, जल जमाव से बचाव के लिए जल निकासी की उत्तम व्यवस्था, बाजार में वाहनों और व्यापारियों के सुगम प्रवेश तथा निकासी के गेट, पेयजल, टॉयलेट, परिसेवा के अलावा कचरा निष्पादन, प्लास्टिक का कम उपयोग, बाजार को स्थापित करने वाले चिन्ह, सुरक्षा व्यवस्था, आवारा पशुओं को बाजार में प्रवेश से रोकने की व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, बाजार में ही प्रोसेसिंग सेंटर निर्माण, कारोबारी के लिए स्थल का निर्माण, व्यापारियों के लिए बैठने का स्थान, बाजार के जैविक कचरे से खाद निर्माण की व्यवस्था इत्यादि बहुत से कार्यक्रम तैयार किए गए हैं.
बन रहे सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट की एक बड़ी विशेषता यह होगी कि यह मार्केट छोटे से लेकर बड़े वाहनों का भी भार आसानी से वहन कर सकेगा. सिलीगुड़ी रेगुलेटेड मार्केट में पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से मालवाही ट्रक और व्यापारी आते हैं. उनके लिए रेस्ट हाउस का निर्माण किया जाएगा, ताकि वे आराम से नहा धोकर आराम कर सकें. यहां बनने वाले भवन की प्रत्येक मंजिल की अपनी अपनी विशेषता होगी. सबसे ऊपर की मंजिल चालकों के लिए होगी. यहां गोदाम की भी रूपरेखा तैयार की गई है. इसके अलावा व्यापारियों को नुकसान से बचाने और सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा समय तक संरक्षित करने के लिए यहां कोल्ड स्टोरेज भी बनाया जाएगा. कोल्ड स्टोरेज में कई तरह के फलों को महीनों तक रखा जा सकता है. इससे फलों तथा सब्जियों की महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सकेगा.
राज्य सरकार के सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार जिस तरह की योजना बनाई गई है, इसमें काफी समय लग सकता है. इसलिए सरकार ने इसका चरणबद्ध तरीके से विकास करने की योजना बनाई है. सर्वप्रथम रेगुलेटेड मार्केट के ढांचे का विकास होगा. जलापूर्ति के अलावा बिजली व्यवस्था में भी बदलाव किया जाएगा. मिल रही जानकारी के अनुसार सौर ऊर्जा व्यवस्था यहां लाने की तैयारी है. इसके अलावा बाजार में चोरी या अतिक्रमण से निबटने की भी स्थाई योजना बनाई गई है. इन सभी कामों को पूरा करने में काफी वक्त लगेगा. लेकिन उससे पहले बुनियादी तौर पर किसानों, व्यापारियों, ट्रक चालकों और आम उपभोक्ताओं के लिए अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बाजार के रूप में परिणत करने की कर्म सूची तैयार कर ली गई है. बहरहाल देखना होगा कि भाजपा सरकार बाजार विकास की अपनी योजना को कब तक जमीन पर लागू करती है.

