सिलीगुड़ी नगर निगम के अंतर्गत वार्डों की संख्या 47 से बढ़ाकर 63 करने का जो फार्मूला प्रशासकीय इकाई की ओर से सेट किया गया है, वह विपक्षी दलों को रास नहीं आ रहा है. विपक्षी दलों के नेता भाजपा समर्थित प्रशासनिक अधिकारी को चेतावनी दे रहे हैं कि अगर उन्होंने ड्राफ्ट फॉर्मूले को वापस नहीं लिया तो इस मुद्दे पर उनकी तरफ से एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ड विभाजन का फार्मूला पूरी तरह संवैधानिक है और पार्टी इसका स्वागत करती है.
सिलीगुड़ी नगर निगम के अंतर्गत वर्तमान में 47 वार्ड हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासक की ओर से नये वार्ड बनाने का जो तरीका ढूंढा गया है, विपक्षी दलों की तरफ से उसे असंवैधानिक बताया जा रहा है. दरअसल प्रशासक की ओर से वार्ड विभाजन का पैमाना बूथ पर आधारित है. विपक्षी दलों का कहना है कि यह संवैधानिक नहीं है. विपक्षी दलों के नेता चाहते हैं कि इसके लिए निर्धारित मानदंड अपनाया जाना चाहिए. ना कि केवल बूथ संख्या के आधार पर इसका विभाजन हो.
सिलीगुड़ी नगर निगम की प्रशासकीय इकाई द्वारा जारी ड्राफ्ट अवधारणा प्रक्रिया पर विपक्षी दल के नेताओं को संदेह है. क्योंकि इनमें बढाए जाने वाले वार्ड को केवल कुछ वार्डो तक ही सीमित किया गया है. यानी जिन वार्डों को विभाजित किया जाएगा, उनमें सिलीगुड़ी नगर निगम के कुछ चुनिंदा वार्ड ही हैं. इसका असर अन्य वार्डों पर नहीं पड़ेगा.
उदाहरण के लिए प्रशासक ने फैसला किया है कि सिलीगुड़ी नगर निगम की वार्ड संख्या 1,4,5,24 और 26 तथा जलपाईगुड़ी जिले के 31, 33, 34, 37, 40, 41 ,42 ,43 और 44 नंबर वार्ड को बूथ संख्या के आधार पर वार्डों की कुल संख्या 63 तक बढ़ाई जाएगी. ऐसे में बाकी वार्डो को अछूता छोड़ दिया गया है. क्या केवल बूथ संख्या के आधार पर वार्ड का विभाजन संविधान सम्मत है? अगर नहीं है तो प्रशासकीय इकाई विपक्षी दलों के साथ बैठक करके उपयुक्त विभाजन तरीका ढूंढे. माकपा से लेकर टीएमसी, कांग्रेस आदि दलों की यह मांग है.
विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा है कि भला इस तरह से विभाजन कहीं होता है. यह तो सरासर भाजपा को लाभ पहुंचाने की ही रणनीति है. इसमें कोई भी संवैधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है. केवल बूथ संख्या को ही आधार नहीं बनाया जा सकता है. जबकि ड्राफ्ट को जारी करते हुए प्रशासकीय इकाई की ओर से कहा गया है कि अगर आप सहमत नहीं हो तो अपनी आपत्ति दर्ज कर सकते हैं. आपको किसने रोका है?
सिलीगुड़ी नगर निगम की प्रशासकीय इकाई ने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ड का विभाजन जनता को अधिक से अधिक प्रशासनिक सुविधा पहुंचाने के लिए किया गया है. अगर जनता को उनके विभाजन के फार्मूले से किसी तरह की आपत्ति है तो वह जिला शासक, जिला निकाय चुनाव कार्यालय अथवा एसडीओ कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज कर सकती है. ऐसे में विपक्षी दलों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है?
विपक्षी दलों का कहना है कि प्रशासन एक तरफा कार्रवाई नहीं कर सकता है. कोई भी मसौदा हो, नियम यह है कि विपक्षी दलों से परामर्श करके ही उसे अंतिम रूप दिया जाए. माकपा दार्जिलिंग जिला कमेटी के सचिव मंडल के सदस्य शरदेंदु चक्रवर्ती का भी यही कहना है. उन्होंने उन्होंने कहा है कि प्रशासनिक अधिकारी को चाहिए कि विपक्षी दलों की एक बैठक बुलाए और उसमें आम सहमति उत्पन्न की जाए. अगर ऐसा नहीं होता है तो उनकी पार्टी की ओर से आंदोलन किया जाएगा.
आज टीएमसी की दार्जिलिंग जिला कमेटी इस मुद्दे पर भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए विचार विमर्श कर रही है. कुंतल राय ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासक का वार्ड विभाजन ड्राफ्ट फार्मूला उनकी पार्टी को मान्य नहीं है. भविष्य में इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा. आंदोलन कैसा होगा, किस तरह से होगा, अभी इस पर विचार किया जा रहा है. उधर कांग्रेस के सुबीन भौमिक भी काफी खफा नजर आते हैं. उन्होंने सिलीगुड़ी नगर निगम के प्रशासक को अपनी नाराजगी से अवगत भी करा दिया है. वह सर्वदलीय बैठक की मांग कर रहे हैं.
सभी विपक्षी दलों को यही लगता है कि एक सोची समझी योजना के तहत भाजपा ने अपना लाभ उठाने के लिए यह ड्राफ्ट तैयार किया है.इसलिए उन्हें ड्राफ्ट विभाजन के फार्मूले से नाराजगी है. लेकिन उनको भी पता है कि ज्यादा से ज्यादा प्रदर्शन के अलावा वे कुछ और नहीं कर सकते हैं. भाजपा ने अपनी रणनीतिक योजना के तहत सिलीगुड़ी की जनता को प्रभावित और आकर्षित करने की कोशिश जरूर की है.लेकिन इसमें भाजपा कहां तक सफल हो पाती है, यह देखना होगा!
आपको बताते चलें कि बूथ संख्या के आधार पर नए वार्डों की जो प्रस्तावना दी गई है, उसके अनुसार 44 से 50 नंबर बूथ को लेकर वार्ड नंबर एक होगा. जबकि 39 से 43 नंबर बूथ को लेकर वार्ड नंबर 50 होगा. इसी तरह से 120 से 126 नंबर बूथ वार्ड 4, 113 से 119 नंबर बूथ वार्ड 51, 127 से 132 नंबर बूथ वार्ड 5, 133 से 137 नंबर बूथ वार्ड 52, 235 से 240 नंबर बूथ वार्ड 24, 241 से 245 नंबर बूथ वार्ड 53, 272 से 276 तथा 279 से 280 बूथ वार्ड 31, 277 से 278 और 281 से 284 बूथ वार्ड 54, बूथ 249 से 253 तथा 260 से 262 बूथ वार्ड 33, 254 से 259 बूथ वार्ड 55, 236, 237, 243, 244, 246 और 248 बूथ वार्ड 34, 238 से 242, 245 और 247 बूथ वार्ड 56 इत्यादि प्रस्तावित है.
