September 28, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी से लेकर जलपाईगुड़ी तक टोटो चालकों में कोहराम!

सिलीगुड़ी से लेकर जलपाईगुड़ी तक टोटो चालकों में कोहराम मचा है. जीविका कमाने के लिए घर से निकलते ही उनके सामने एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है. नियमों को माने या फिर मनमानी करें? अगर नियमों को मानते हैं तो सीमित कमाई से ही उन्हें संतोष करना होगा. जबकि मनमानी करते हैं तो प्रशासन का डंडा घूमेगा!

दुर्गा पूजा से पहले अत्यधिक कमाई करने के प्रलोभन में कई टोटो चालक सरकारी नियमों की परवाह नहीं कर रहे हैं और ऐसे टोटो चालकों से नियमों का पालन करवाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी तैयार खड़े हैं. सिलीगुड़ी से लेकर जलपाईगुड़ी तक यह ड्रामा देखा जा रहा है. सिलीगुड़ी में जगह-जगह टोटो को रोक कर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उनकी मनमानी पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहे हैं तो कई टोटो चालकों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है.

आज सिलीगुड़ी के एयरव्यू मोड़ से लेकर शहर के कई अन्य व्यस्त चौराहों पर सिलीगुड़ी ट्रैफिक विभाग की ओर से चलाए गए अभियान में टोटो चालकों की शामत आ गई! एयरव्यू मोड पर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने गलत रूट पर चलने वाले टोटो की धड़ पकड़ की. उनके टोटो को जब्त करके लाइन में खड़ा कर दिया. ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश और प्रशासन के नियमों के अनुसार पिछले कई दिनों से देखी जा रही है.

सिलीगुड़ी में कभी जलपाई मोड तो कभी सेवक मोड, कभी हिलकार्ट रोड, कभी सेवक रोड, कभी सिलीगुड़ी जंक्शन क्षेत्र और इस तरह से सिलीगुड़ी के लगभग सभी व्यस्त मार्गो पर रूट आधारित टोटो नहीं चलने के विरोध में प्रशासन के निर्देश से टोटो के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है. इससे टोटो चालक परेशान है. उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर वह किस रास्ते पर चलें. अगर प्रशासनिक निर्देश का पालन करते हैं तो भूखों मरने की नौबत आएगी और यदि सरकारी निर्देश का पालन नहीं करते हैं तो ट्रैफिक पुलिस का उन पर ‘डंडा’ चलेगा!

मालूम हो कि कोलकाता हाई कोर्ट ने पहले ही अपना आदेश दे दिया था. हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार टोटो राष्ट्रीय राजमार्ग पर नहीं चलेंगे. टोटो को ग्रामीण सड़कों तथा सहायक सड़कों पर ही चलने की अनुमति है. लेकिन कोर्ट के निर्देश का पालन बहुत कम टोटो चालक ही करते हैं. बल्कि यह कहा जाए कि कोर्ट के निर्देश का पालन करने वाले दो फीसदी से भी कम टोटो चालक हैं तो कोई आश्चर्य नहीं होगा. लेकिन बदलती स्थितियों मे राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रही दुर्घटनाओं और यातायात संबंधित जटिलता को देखते हुए प्रशासन ने टोटो पर नियंत्रण के लिए पुलिस को सख्त निर्देश दिया है.

ट्रैफिक पुलिसकर्मी या अधिकारी द्वारा कोर्ट और सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए अपना अभियान तेज कर दिया गया है. इसकी एक ताजा बानगी आज जलपाईगुड़ी के गौशाला मोड इलाके में देखी गयी, जहां ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे टोटो की धर पकड की. जलपाईगुड़ी ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा.

इस तरह से सिलीगुड़ी से लेकर जलपाईगुड़ी तक और पूरे प्रदेश में टोटो चालकों में प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप देखा जा रहा है. सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन के निर्देश से यातायात विभाग ने सिलीगुड़ी में चल रहे टोटो चालकों को 6 रूट या जोन में बाटा है. अधिकांश टोटो चालकों को रूट नंबर भी आवंटित कर दिया गया है. लेकिन बताया जा रहा है कि अधिक से अधिक कमाई करने के चक्कर में अधिकांश टोटो चालक रूट संबंधित नियमों को नहीं मान रहे हैं. ऐसे ही टोटो चालकों पर प्रशासन की गाज गिर रही है.

दुर्गा पूजा में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं. टोटो चलाकर अपना गुजर बसर करने वाले टोटो चालकों ने सोचा था कि पूजा के समय अच्छी कमाई करेंगे और घर परिवार को सुख और बच्चों को नए कपड़े देकर खुशी प्रदान करेंगे. लेकिन लगता नहीं है कि उनकी इच्छा पूरी हो सकेगी. रवि नामक एक टोटो चालक ने बताया कि पूजा में अब कुछ ही दिन रह गए हैं. लेकिन उसके पास परिवार को खुशियां देने के लिए पैसे नहीं है. पूजा में पत्नी के लिए साड़ी और बच्चों के लिए नए कपड़े और जूते चाहिए. उसने सोचा था कि गाड़ी चला कर वह पूजा से पहले बच्चों और परिवार की इच्छा पूरी कर देगा. लेकिन पुलिस ने उसकी गाड़ी ही जब्त कर दी है.

सिलीगुड़ी में हर दिन सड़कों पर हजारों टोटो चल रहे हैं. उनमें से अधिकांश टोटो चालकों को स्टिकर और रूट नंबर उपलब्ध कराए गए हैं. आरोप है कि इनमें से अधिकांश टोटो चालक ना तो स्टिकर की परवाह कर रहे हैं और ना ही रूट नंबर का ध्यान करते हुए यात्री उठा रहे हैं. मजबूरन पुलिस प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ रही है. सूत्रों ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस प्रशासन पर कोर्ट और सरकार का भी दबाव है. ऐसे में उन्हें अपनी ड्यूटी तो करनी ही होगी. टोटो चालकों को भी समझना चाहिए कि यातायात और सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करेंगे तो इससे ट्रैफिक में अव्यवस्था उत्पन्न होगी.

ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई टोटो चालकों को कमाई करने से रोकना नहीं है. बल्कि प्रशासन की यह कार्रवाई टोटो चालकों में व्यवस्था, अनुशासन और यातायात नियमों के कुशलता से पालन करने को लेकर है. इसका दूरगामी असर पड़ता है. अगर टोटो चालक अपनी आदत से बाज नहीं आएंगे तो आने वाले समय में उनका व्यापार काफी प्रभावित हो सकता है. प्रशासनिक डंडे का शिकार होते रहेंगे. इससे उनकी कमाई पर तो असर पड़ेगा ही, रोजी-रोटी से भी हाथ धो बैठेंगे!

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