वर्तमान में भाजपा में लोग दबी जुबान से चर्चा करते हैं,सिलीगुड़ी समतल में शंकर घोष तो दार्जिलिंग पहाड़ में राजू बिष्ट की पकड़ मजबूत है. इसमें कोई दो राय भी नहीं है कि समतल में डॉक्टर शंकर घोष, तो पहाड़ में राजू बिष्ट भाजपा में एक सर्वमान्य नेता हैं. डॉक्टर शंकर घोष सिलीगुड़ी के विधायक और राज्य के पर्यटन मंत्री हैं. राज्य में मंत्री बनने के बाद डॉक्टर शंकर घोष की चर्चा उनके एक मंत्री के रूप से ज्यादा उनकी सादगी, सरलता और समतल भाजपा को एकजुट करने को लेकर हो रही है.
सिलीगुड़ी में नगर निगम का चुनाव जल्द ही होने वाला है. सरकार से लेकर भाजपा के कई नेताओं के बयान और उनकी राजनीतिक गतिविधियों से भी संकेत मिल जाता है. ताड़ने वाले तो डॉक्टर शंकर घोष की राजनीतिक कवायद तथा पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी से भी लगा लेते हैं और किसी न किसी तरह से उनके अंदर का सवाल जुबान पर आ ही जाता है. क्या डॉक्टर शंकर घोष सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में मेयर पद के उम्मीदवार होंगे?
कुछ लोगों ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि अगर सिलीगुड़ी नगर निगम के चुनाव में भाजपा का बोर्ड गठन होता है तो मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी डॉक्टर शंकर घोष को बतौर मेयर के रूप में सिलीगुड़ी की एक बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकते हैं. डॉक्टर शंकर घोष की मुख्यमंत्री सुबेंदु अधिकारी से बनती भी है. दोनों ही एक दूसरे के करीबी व भाजपा के प्रमुख चेहरे हैं.
हालांकि समतल भाजपा का एक गुट अरुण मंडल को लेकर भी आशान्वित है. क्योंकि जिस तरह से अरुण मंडल ने फांसीदेवा या समीपस्थ इलाकों से अपना बोरिया बिस्तर लेकर सिलीगुड़ी में जमाना शुरू कर दिया है, उससे भी सिलीगुड़ी नगर निगम के आने वाले चुनाव में उनकी भावी रणनीति का संकेत मिल जाता है है
मेयर पद की रेस में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद अमित जैन की भी पार्टी के एक वर्ग में चर्चा हो रही है. अमित जैन को पार्टी के कार्यक्रमों में बराबर देखा जाता है. वे अक्सर शंकर घोष या राजू बिष्ट के साथ नजर आते भी हैं. अमित जैन प्रदेश भाजपा तथा राष्ट्रीय भाजपा नेताओं के संपर्क में भी रहते हैं. वे भाजपा के पुराने नेताओं में से गिने जाते हैं.
अमित जैन पूर्व में नगर निगम में विपक्ष के नेता थे. उनका ट्रैक रिकार्ड भी ठीक है. जब सिलीगुड़ी में टीएमसी की लहर थी, उस समय भी अमित जैन ने अपनी सीट निकाल ली थी. अमित जैन एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं और अपने क्षेत्र के लोगों में काफी लोकप्रिय हैं. इसलिए पार्टी उन्हें अनदेखा नहीं कर सकती. चर्चा है कि अगर भाजपा का बोर्ड गठन होता है तो अमित जैन को पार्टी डिप्टी मेयर का पद दे सकती है. इसकी संभावना भी दिख रही है.
अगर पार्टी में हिंदी और बंगाली चेहरे का कंबीनेशन बनता है तो मेयर पद के लिए बंगाली चेहरे के रूप में डॉक्टर शंकर घोष तथा डिप्टी मेयर के रूप में अमित जैन हिंदी चेहरे के रूप में अपना प्रभाव स्थापित कर सकते हैं. सिलीगुड़ी में हिंदी भाषियों की तादाद पहले से अधिक बढी है. ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेता डिप्टी मेयर का पद किसी हिंदी भाषा नेता को देकर संतुलन बना सकते हैं.
कुछ साल पहले टीएमसी से बीजेपी में शामिल नांटू पाल भी सिलीगुड़ी भाजपा के एक कद्दावर चेहरा माने जाते हैं.अगर सिलीगुड़ी नगर निगम के चुनाव में भाजपा का बोर्ड गठन होता है तो नांटू पाल को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. हालांकि कुछ लोगों ने खासकर उनके समर्थकों ने उन्हें अभी से ही भावी मेयर के रूप में देखना शुरू कर दिया है. नांटू पाल के अलावा भाजपा के राजू साहा व कुछ और महत्वपूर्ण नेता हैं, जो पार्टी में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं. परंतु इन सभी चेहरों में सिलीगुड़ी भाजपा का एकमात्र सर्व मान्य चेहरा डॉक्टर शंकर घोष ही हैं.
भाजपा नेता अरुण मंडल से ज्यादा डॉक्टर शंकर घोष का पलड़ा इसलिए भारी लगता है, क्योंकि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद डॉक्टर शंकर घोष ने सिलीगुड़ी की राजनीति में दखल देना शुरू कर दिया. उन्होंने पूर्व मेयर गौतम देव की तरह ही सिलीगुड़ी की समस्याओं को लेकर एक कार्यक्रम की श्रृंखला शुरू की. इसका प्रभाव भी देखा गया.
सिलीगुड़ी में ट्रैफिक से लेकर अतिक्रमण और विभिन्न मुद्दों पर डॉ शंकर घोष ने अपने प्रभावों से यह साबित करने की कोशिश की है कि वह सिलीगुड़ी के भाजपा नेताओं में सर्वमान्य चेहरा बनते जा रहे हैं. सिलीगुड़ी और आसपास में आयोजित किसी भी राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम में डॉक्टर शंकर घोष की उपस्थिति, उनके बयान, भाजपा नेताओं तथा संगठन में उनकी सलाह तथा एक मार्गदर्शक की भूमिका में उन्हें देखा जाने लगा है.
इस तरह से यह कहा जा सकता है कि सिलीगुड़ी भाजपा की धुरी बनते जा रहे डॉक्टर शंकर घोष सिलीगुड़ी नगर निगम के चुनाव में मेयर पद के दावेदार हो सकते हैं. हालांकि यह कयास है. इस संबंध में पार्टी की भावी रणनीति क्या होगी, यह देखना होगा.
