कालिम्पोंग, 4 नवंबर 2026 : कालिम्पोंग नगरपालिका क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने के लिए दार्जिलिंग के सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट ने बुधवार को कालिम्पोंग नगरपालिका की समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्र में जारी पेयजल की कमी, जलाशय की मरम्मत तथा आम लोगों को नियमित पानी उपलब्ध कराने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजू बिष्ट ने बताया कि कालिम्पोंग में पेयजल संकट मुख्य रूप से जलाशय में जमी गाद हटाने (डिसिल्टेशन), उसकी मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्यों की वजह से उत्पन्न हुआ है। हालांकि, संबंधित विभाग ने वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था किए बिना ही मरम्मत कार्य शुरू करने का प्रयास किया, जिसके कारण नगरपालिका क्षेत्र के लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए वे कालिम्पोंग के विधायक भरत छेत्री, जिला मजिस्ट्रेट, नगरपालिका प्रशासक तथा जिला एवं नगरपालिका के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
राजू बिष्ट के अनुसार, जलाशय से गाद हटाने और उसकी मरम्मत एवं सुधार का अल्पकालिक कार्य अगले 15 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अवधि में कालिम्पोंग नगरपालिका के सभी क्षेत्रों में प्रतिदिन टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले 15 दिनों तक टैंकरों से पानी पहुंचाने में होने वाला पूरा खर्च वे अपने निजी वेतन से वहन करेंगे।
सांसद ने कहा कि केवल तत्कालीन पेयजल संकट का समाधान करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि कालिम्पोंग के लिए ऐसी दीर्घकालिक पेयजल व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे आने वाले 100 वर्षों तक क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए पेयजल बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि कालिम्पोंग सहित पूरे पहाड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। उनके अनुसार, ये समस्याएं पूर्ववर्ती माकपा और तृणमूल कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल की विरासत हैं। भाजपा पहाड़ी क्षेत्र को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है।
अंत में राजू बिष्ट ने कालिम्पोंग की जनता के धैर्य, सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और लोगों को राहत पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।

