रात गहरी थी. कुछ लोग मीनार मंडल के घर के आसपास छिपे हुए थे. उनकी मंशा मीनार मंडल के घर में डकैती डालने की थी. मीनार मंडल तथा उनके परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे. बाहर में छिपे डकैत उनके घर में डकैती डालने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे थे. तभी पुलिस को पता चला कि कुछ डकैत मीनार मंडल के घर में डकैती डालने की योजना बना रहे हैं. सूचना पाकर तुरंत ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और डकैतों को घेर कर गिरफ्तार कर लिया.
डकैतों ने कहा कि साहब हमें गिरफ्तार करके क्या मिलेगा! हमने तो डकैती भी नहीं की है. लेकिन हम आपको एक अच्छी खबर दे रहे हैं. इससे आपका प्रमोशन होगा. सरकार को भी काफी लाभ होगा. पुलिस अधिकारी ने सोचा कि पकड़े जाने पर सभी डकैत ऐसा ही करते हैं. फिर भी उन्होंने सोचा कि चलो उनकी बात सुन लेते हैं. तब डकैतों में से एक ने जो कुछ बताया, उसे सुनकर पुलिस अधिकारी अवाक रह गये. पुलिस अधिकारी ने पूछा, क्या तुम सही-सही बोल रहे हो? उस व्यक्ति ने जवाब दिया, साब हम झूठ क्यों बोलेंगे? अगर ऐसा नहीं हुआ तो आप जो सजा देंगे, हमें मंजूर होगा…
मीनार मंडल नाम है उस व्यक्ति का, जो कभी उत्तर बंगाल परिवहन बस निगम में बस चालक था. फिलहाल पुलिस ने मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है.क्योंकि उसके घर से साढे 28 करोड़ नगद और 15 किलो सोना बरामद हुआ है. मीनार मंडल ने पुलिस को बताया है कि ना तो सोना और ना ही रुपया उसका है. तो फिर यह किसकी संपत्ति है? उसके पास इतनी बड़ी मात्रा में नगद रुपए और सोना कहां से आया? इसका भी पुलिस ने खुलासा कर लिया है.
हालांकि यह घटना बीरभूम जिले की है, जो इन दिनों मीडिया सुर्खियों में है. सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय अखबारों और न्यूज़ चैनल्स की यह पहली खबर बन गई है. आखिर एक सरकारी रिटायर्ड बस चालक के पास इतनी बड़ी दौलत कैसे आ गई?सबसे बड़ी और रोचक बात यह है कि यह मामला सामने आता भी नहीं. पुलिस को डकैतों ने ही यह खबर दी थी. लेकिन पुलिस ने उन्हीं डकैतों को गिरफ्तार कर लिया है!
चलिए इस घटना की पृष्ठभूमि में चलते हैं. यहां बता देना जरूरी होगा कि उक्त घटना का ताना बाना मीडिया खबरों, पुलिस की प्रारंभिक जांच और लोगों के बयान तथा विश्वसनीय सूत्रों के आधार पर बुना गया है. कुछ बातें रोचकता बनाए रखने के लिए रखी गई हैं. मीनार मंडल जो उत्तर बंगाल परिवहन निगम में बस चालक था, सेवानिवृत्ति के बाद बीरभूम के एक चर्चित पत्थर कारोबारी टुलू मंडल के यहां नौकरी करने लगा और वहीं रहने लगा.
तुलु मंडल का पूरा नाम मोहम्मद निजामुद्दीन था. वीरभूम पत्थर कारोबारियों में यह विख्यात नाम था. लगभग 10 साल पहले तुलु मंडल ने ट्रकों के जरिए पत्थर ढुलाई का काम शुरू किया था. इस काम में पैसे आने लगे तब उसने एक डंपर खरीद लिया. धीरे-धीरे उसने पत्थर खदानों में अपनी किस्मत आजमानी शुरू कर दी. जब उसकी कमाई और कारोबार में उन्नति होने लगी तब उसने वहीं की एक आदिवासी महिला से विवाह कर लिया.
तुलु मंडल के पास अपनी कोई जमीन नहीं थी. लेकिन उसे कारखाना लगाने के लिए एक अच्छी खासी जमीन की जरूरत थी. वह जिस महिला से प्यार करता था, उसके पास काफी जमीन थी. इसी लालच में उसने आदिवासी महिला से विवाह कर लिया और उसकी जमीन पर अपनी crusher मशीन लगा दी और नोट छापना शुरू कर दिया. देखते ही देखते उसने कई खदानों और कंपनियों का काम संभाल लिया.
बताया जाता है कि एक दिन तुलु मंडल लोहे के कुछ ट्रंक और अलमारी लेकर मीनार मंडल के घर आया और बोला कि इसे अपने घर में सुरक्षित रख लो. इसमें कुछ जरूरी कागजात हैं. इसलिए इसे संभाल कर रखना जरूरी है. क्योंकि मीनार मंडल तुलु मंडल की नौकरी करता था. इसलिए वह इनकार नहीं कर सका. उसने अपने घर में trunk और अलमारियां रखवा दी. तुलु मंडल ठीक तरह से अलमारी और ट्र॔क का ताला बंद करके चाबी लेकर चला गया. मीनार मंडल तथा उसके परिवार को पता भी नहीं था कि संदूक और अलमारी में क्या चीज रखी गई है.
हालांकि यह मीनार मंडल के घर वालों का बयान है. अगर उनका बयान सच है और ऐसा ही हुआ है तो फिर उनके घर में रखे सोने और नकदी की जानकारी डकैतों को कैसे लग गई थी?पुलिस के लिए यह एक बड़ा सवाल है और मीनार मंडल परिवार पर शक का कारण भी है. यही कारण है कि पुलिस ने मीनार मंडल को हिरासत में लिया है और उनसे सच उगलवाने की कोशिश कर रही है.
यह घटना 29 जुलाई की सुबह करीब 3:00 बजे की है. जब पुलिस ने डकैतों को गिरफ्तार करने के बाद मीनार मंडल के घर पर दबिश डाली. किसी को भी यकीन नहीं आ रहा था कि एक साधारण कर्मचारी के घर में इतना बड़ा धन का जखीरा छिपा है. पुलिस ने मीनार मंडल को तो उसी समय गिरफ्तार कर लिया था,लेकिन जब वह टुलू मंडल को गिरफ्तार करने के लिए गई तो वह फरार हो चुका था.
अब तक टुलू मंडल के बारे में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार तुलु मंडल के खिलाफ पहले से बीरभूम के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं. उदाहरण के लिए अवैध पत्थर खनन के आरोप, राजस्व और रॉयल्टी में गड़बड़ी का मामला,फर्जी डीसीआर बनाना, 2022 में हत्या का एक मामला, न्यू टाउन में 5 करोड़ की नगदी बरामदगी इत्यादि कई मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं. तूलू मंडल इलाके का एक प्रभावशाली व्यक्ति है और काफी अमीर माना जाता है.
कुछ ही समय पहले उसने अपनी एक बेटी की शादी काफी धूमधाम और शाही तरीके से की थी. लोग देखते रह गए थे. स्थानीय लोगों के अनुसार तुलु मंडल ने अपनी बेटी की शादी में मुंबई और कोलकाता से कई फिल्मी कलाकारों को बुलाया था. एक अनुमान के अनुसार उसने इस शादी में कई करोड़ रुपये फूंक डाले थे. फिलहाल यह मामला सुर्खियों में है. क्योंकि अभी तक कानूनी रूप से अज्ञात संपत्ति के दावेदार सामने नहीं आए हैं.
पुलिस नगदी और सोने के वास्तविक मालिक, इन सभी अज्ञात धन के स्रोत तथा इस अपराध के नेटवर्क के बारे में पता लगा रही है. यह मामला सुर्खियों में है. हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक इस मामले की प्रगति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. पर समझा जाता है कि पुलिस को तुलु मंडल के संभावित ठिकाने का पता चल गया है और देर सवेर तुलु मंडल गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो जाएगा कि 15 किलो सोने और 28.5 करोड़ नगद का वास्तविक मालिक कौन है.
