सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की आधारभूत संरचना और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार के लिए रोगी कल्याण समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गुरुवार को आयोजित बैठक के बाद राज्य के वित्त एवं परिवहन राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन ने बताया कि लंबे समय से लंबित विकास परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए प्रत्येक परियोजना के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर अस्पताल के कैंसर केयर यूनिट और 50 बेड वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य पूरा कर आम लोगों के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में जिलाधिकारी हरिशंकर पनिकेर, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी तुलसी प्रामाणिक, अस्पताल के अधीक्षक कौशिक ईशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की प्रगति पर मंत्री ने बताया कि तीन विभागों की सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। वहीं तीन नए न्यूरोसर्जनों की नियुक्ति के बाद न्यूरोसर्जरी विभाग में भी उपचार शुरू हो गया है। शेष चार विभागों सहित कुल सातों विभागों को पूरी तरह संचालित होने में लगभग डेढ़ से दो वर्ष का समय लग सकता है। हालांकि कार्डियक सर्जरी और कैथ लैब से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य भवन से चर्चा कर अगले दो-एक दिनों में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी भवन की फॉल्स सीलिंग की मरम्मत के लिए सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों का टेंडर अगले तीन से चार महीनों के भीतर पूरा करने की योजना है।
अस्पताल में दलालों की सक्रियता और मरीजों से अवैध रूप से पैसे वसूलने की शिकायतों पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि शवगृह से शव सौंपने के नाम पर अतिरिक्त धन लेने के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित की जाएगी। यदि किसी डॉक्टर, नर्स या अस्पताल कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों और उनके परिजनों को जागरूक करने के लिए अस्पताल के प्रमुख स्थानों पर बड़े सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनमें विभिन्न विभागों की सेवाओं की जानकारी और “यहां सभी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं” जैसी जानकारी प्रदर्शित होगी। साथ ही मरीजों की सहायता के लिए ‘मे आई हेल्प डेस्क’ को भी अधिक सक्रिय बनाया जाएगा।
बैठक में अस्पताल में बेड की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। वर्तमान में अस्पताल में लगभग 1,350 बेड संचालित हैं। मंत्री ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार बेडों की संख्या बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य भवन के साथ चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा अस्पताल परिसर में लंबे समय से जमा कचरे के निस्तारण के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम के साथ लगभग साढ़े सात लाख रुपये वार्षिक लागत का समझौता अंतिम रूप ले चुका है। अगले सप्ताह से सफाई अभियान शुरू किया जाएगा।
राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन ने विश्वास जताया कि नए प्रिंसिपल, एमएसवीपी और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसका सीधा लाभ आम मरीजों को मिलेगा।
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