May 25, 2026
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‘अन्नपूर्णा भंडार’ पाने के लिए सिलीगुड़ी की महिलाओं की पोस्ट ऑफिस और बैंकों में उमड़ती भीड़!

Siliguri women throng post offices and banks to get 'Annapurna Bhandaar'

इन दिनों बैंक, पोस्ट ऑफिस, कॉमन सर्विस सेंटर आदि केन्द्रों पर महिलाओं की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ रही है. उन्होंने खाते तो खुलवा लिए हैं, परंतु ऐसे खातों का क्या मतलब जो डीबीटी लिंक ना हो. डीबीटी लिंक एक तकनीकी प्रक्रिया है, जो लाभार्थी के आधार नंबर से उनके अकाउंट को जोड़ा जाता है. पश्चिम बंगाल की सरकार ने अधिसूचना जारी करके कहा है कि महिलाओं के खाते में उनके आधार नंबर से हर महीने ₹3000 ट्रांसफर किए जाएंगे. यह रकम लाभार्थी के खाते में डीबीटी लिंक होने पर ही जमा हो सकेगी.

ममता बनर्जी की सरकार में लक्ष्मी भंडार योजना के तहत हर महीने मिलने वाली राशि महिला के बैंक खाते में महिला के अकाउंट नंबर से ट्रांसफर की जाती थी. पूर्ववर्ती सरकार में महिला के खाते का डीबीटी लिंक होना आवश्यक नहीं था. पर भाजपा सरकार ने अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत इसे अनिवार्य कर दिया है. इसका उद्देश्य लाभार्थी के खाते में पैसे का ट्रांसफर होना सुनिश्चित करना है. यह एक पारदर्शी तरीका होता है.

आजकल डीबीटी लिंक के लिए महिलाओं की बेसब्री इस कदर बढ़ गई है कि पोस्ट ऑफिस और बैंकों में महिलाओं की लाइन सुबह से ही लगनी शुरू हो जाती है. सुबह से शाम हो जाती है. भले ही घर का जरूरी काम काज छूट जाए, लेकिन उनका डीबीटी लिंक 1 जून से पहले हर हाल में होना चाहिए. बैंक और पोस्ट ऑफिस 10:00 बजे खुलते हैं. लेकिन महिलाओं की भीड़ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर 9 बजे से ही शुरू हो जाती है.

ऐसे में जब भूखी प्यासी महिलाओं का काम ना बने तो कभी-कभी बैंकों और पोस्ट ऑफिस पर भी उनका गुस्सा उतरने लगता है. जैसे पिछले दिनों बागडोगरा पोस्ट ऑफिस में देखा गया, जहां ऐन समय पर लिंक फेल हो जाने से महिलाओं ने पोस्ट ऑफिस में जम कर बवाल काटा और तोड़फोड़ की.

आपको बताते चलें कि डीबीटी लिंक की प्रक्रिया में लाभार्थी के आधार कार्ड का मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी है. अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो सर्वप्रथम मोबाइल नंबर को आधार और खाते से लिंक करना जरूरी है. उसके बाद ही डीबीटी की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न होगी. पोस्ट ऑफिस, आधार सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर इत्यादि केन्द्रों में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो रही है. यही कारण है कि इन केन्द्रों में महिलाओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है.

आपको बताते चलें कि पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने महिलाओं के खाते में ₹3000 की राशि हस्तांतरित करने का फैसला किया है. इस संबंध में सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है. विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र में यह बात कही गई थी और अब सरकार बनने के बाद भाजपा अपना वादा पूरा कर रही है. यह योजना महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई है और यह 1 जून 2026 से प्रभावी होगी.

इस योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थी की उम्र 25 से लेकर 60 साल के बीच होनी चाहिए. इसके अलावा भाजपा सरकार ने कुछ और शर्तों का उल्लेख किया है. जैसे लाभार्थी को आयकर दाता नहीं होना चाहिए. सरकारी नौकरी चाहे वह केंद्र की हो या राज्य सरकार की, इस स्थिति में भी महिलाएं इसका लाभ नहीं उठा पाएंगी. इसके अलावा ऐसी महिलाएं भी इसका लाभ नहीं उठा पाएंगी जो स्थानीय निकाय, पंचायत, नगर पालिका या सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों मे स्थाई नौकरी करती हैं या फिर नियमित वेतन या पेंशन प्राप्त करती हैं, उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिलेगा.

भाजपा सरकार की अधिसूचना में साफ कहा गया है कि ऐसी महिलाएं, जो एस आई आर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बाहर हैं, या मृत, स्थानांतरित पाई गई है, इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगी. हालांकि जिन लाभार्थियों ने एस आई आर ट्रिब्यूनल में अपील की है अथवा नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत आवेदन किया है, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के अंतिम निपटान तक अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिलता रहेगा.

भाजपा सरकार 1 जून से नया पोर्टल लांच कर रही है. इसमें जो महिलाएं पहले लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ नहीं उठा पाती थी, उन्हें इसमें आवेदन करने का अवसर मिलेगा. उनके सभी आवेदनों की जांच और सत्यापन सरकारी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा. अगर आप ग्रामीण क्षेत्रों में रहती हैं तो BDO के द्वारा इसका सत्यापन किया जाएगा. जबकि शहरी क्षेत्र की महिलाओं के आवेदन का सत्यापन एसडीओ स्तर के अधिकारी करेंगे. सत्यापन के बाद इसकी अंतिम स्वीकृति जिला मजिस्ट्रेट या उपयुक्त अधिकारियों द्वारा की जाएगी.

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