October 27, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव से पहले सरकार का ‘मास्टर स्ट्रोक’! सिलीगुड़ी समेत पहाड़ की नगर पालिकाओं के पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड खंगालेगा कैग!

पश्चिम बंगाल सरकार नवंबर के आखिर में सिलीगुड़ी, कोलकाता, हावड़ा समेत प्रदेश की कई नगर निगम और नगर पालिकाओं का चुनाव करा सकती है. सिलीगुड़ी में तो जिला भाजपा कमेटी की तरफ से इसकी तैयारी भी शुरू हो चुकी है. भाजपा पूरे दमखम के साथ नगर निगम और नगर पालिकाओं में अपनी सत्ता जमाने की तैयारी में है.

सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में बोर्ड बनाने के प्रति भाजपा इस कदर आश्वस्त है कि ऐसा लगता है कि पार्टी में उम्मीदवार से ज्यादा इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि भाजपा का मेयर कौन होगा! सूत्रों के अनुसार इस क्रम में भाजपा नेता अरुण मंडल के साथ ही दो अन्य उम्मीदवारों के नाम की बयार बह रही है. अरुण मंडल का नाम शीर्ष पर है.

आखिर भाजपा को इतना विश्वास क्यों है कि वह पूरे प्रदेश में नगर निकायों के चुनाव जीत सकेगी? आखिर सिलीगुड़ी के भाजपा नेताओं को ऐसा क्यों लगता है कि सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड पर उनका कब्जा होगा? इसके कारण भी हैं. एक तो टीएमसी का बोर्ड भंग हो चुका है. टीएमसी के कई पूर्व पार्षदों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. सबसे महत्वपूर्ण राज्य में भाजपा की सरकार होना है, जो अपनी जीत पक्की करने के लिए मास्टर स्ट्रोक चल सकती है.

चुनाव से ठीक पहले भाजपा सरकार ने ऐसा ही एक मास्टर स्ट्रोक चला है और जैसे टीएमसी नेताओं के पांव तले की धरती खिसका दी है. यह एक ऐसा मास्टर स्ट्रोक कहा जा सकता है, जहां टीएमसी के पूर्व पार्षद और नेता जांच के दायरे में आ सकते हैं. दरअसल भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की विशेष टीम सिलीगुड़ी नगर निगम समेत राज्य की 16 नगर पालिकाओं में पिछली सरकार के 5 वर्षों के कामकाज की ऑडिट करने जा रही है.

मिल रही जानकारी के अनुसार कैग की टीम वित्त वर्ष 2021-22 से 2025 26 तक के 5 वर्षों के रिकॉर्ड की जांच करेगी. इन रिकार्डो में पिछली सरकार द्वारा नगर निकायों अथवा नगर पालिकाओं के दायरे में भवन निर्माण की अनुमति देने की प्रक्रिया, अवैध निर्माण, संपत्ति कर के निर्धारण, कर वसूली की व्यवस्था आदि की जांच शामिल है. जिन नगर निकायों एवं नगर पालिकाओं में कैग की टीम ऑडिट करने जा रही है, उनमें सिलीगुड़ी तो है ही, इसके साथ ही दार्जिलिंग नगर पालिका, कर्सियांग नगर पालिका आदि भी शामिल हैं.

उपरोक्त के अलावा आसनसोल, दमदम, डोमकल, हल्दिया, हालीशहर, बड़ानगर, कृष्णा नगर ,उलूबेरिया, उत्तरपारा, श्रीरामपुर, बोलपुर ,कांथी आदि नगर पालिकाएं शामिल हैं , जहां 2021 से लेकर 2026 तक टीएमसी की सत्ता थी. कैग के इस विशेष अभियान को होरिजेंटल रिव्यू नाम दिया गया है.

हालांकि देश के 22 राज्यों की चयनित नगर पालिकाओं में चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य निकायों में प्रशासनिक कमियों की पहचान करना और उन्हें दूर करने के लिए सुझाव देना है. परंतु राजनीतिक विश्लेषक इसे पालिका चुनाव में भाजपा की आसान जीत बनाने की रणनीति समझते हैं.

जाहिर है कि सिलीगुड़ी में टीएमसी का बोर्ड था तो पहाड़ में टीएमसी समर्थित अनित थापा की पालिका थी. अब कैग की टीम यह पड़ताल करेगी कि मकान और बहुमंजिली निर्माण के नक्शे मंजूर करते समय निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं? इसके अलावा आवेदन के निपटान में अनावश्यक देरी, स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्माण और अवैध निर्माण की आशंका वाले मामलों की भी कैग की टीम पड़ताल करेगी.

कैग की टीम संपत्ति कर के लिए योग्य संपत्तियों का पंजीकरण, कर निर्धारण, बकाया राजस्व और संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी. जांच अधिकारी भवन निर्माण की अनुमति से जुड़े रिकॉर्ड का संपत्ति कर के हिसाब से मिलान भी करेंगे. इससे ऐसी संपत्तियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जिनका कर निर्धारण सही तरीके से नहीं हुआ है. कैग की टीम की ऑडिट रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया जाएगा. उसके आधार पर ही प्रशासनिक सुधारो के सुझाव सरकार दे सकती है.

अगर किसी मामले में कोई अनियमितता सामने आती है तो राज्य सरकार आगे की जांच का फैसला कर सकती है. मालूम हो कि बंगाल के नगर एवं शहरी विकास विभाग ने संबंधित नगर पालिकाओं को ऑडिट के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. बंगाल के लेखा परीक्षक ने 5 अक्टूबर को राज्य सरकार को पत्र लिखा था. इसके बाद 13 अक्टूबर को नगर एवं शहरी विकास विभाग ने संबंधित निकायों को आवश्यक सहयोग करने के लिए पत्र लिखा.

अब देखना होगा कि कैग की ऑडिट की कार्रवाई से विपक्षी ममता तृणमूल को कितना बड़ा झटका लगता है और यह भी तय हो जाएगा कि कैग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार की कार्रवाई भाजपा को राज्य के निकाय चुनाव में विजय दिलाने में उसकी रणनीति को कितना सहयोग कर पाती है.

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