June 22, 2024
Sevoke Road, Siliguri
उत्तर बंगाल कालिम्पोंग दार्जिलिंग राजनीति सिलीगुड़ी

कालिम्पोंग, कर्सियांग और मिरिक के निकाय अधिकारियों को हटाया जाएगा?

चुनाव आयोग पूरी तरह एक्शन मोड में है. शिकायतों का तुरंत समाधान किया जा रहा है. सिलीगुड़ी, पहाड़ से लेकर पूरे बंगाल में चुनाव आयोग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवार चुनाव आयोग पहुंच रहे हैं. अथवा पत्र लिख रहे हैं. जिन पर तुरंत कार्रवाई होती है.इसी तरह से दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार राजू बिष्ट ने केंद्रीय चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को पत्र लिखकर कालिमपोंग, कर्सियांग और मिरिक नगर पालिकाओं के अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त करने की मुख्य चुनाव आयुक्त से मांग की है.

पहाड़ में तृणमूल कांग्रेस के द्वारा स्थानीय क्षेत्रीय दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा द्वारा प्रस्तावित और समर्थित उम्मीदवार गोपाल लामा को मैदान में उतारा गया है. गोपाल लामा भाजपा उम्मीदवार राजू बिष्ट को तगड़ी चुनौती दे रहे हैं. पिछले 15 सालों से दार्जिलिंग संसदीय क्षेत्र पर भाजपा का कब्जा रहा है. लेकिन इस बार नजारा कुछ अलग है. पहाड़ में अनित थापा का दबदबा है.अनित थापा जीटीए के अध्यक्ष है. तृणमूल कांग्रेस ने जीटीए के जरिए पहाड़ की तीनों नगर पालिकाओं कालिमपोंग, कर्सियांग और मिरिक के लिए शासकीय अधिकारियों की नियुक्ति की है, जिन पर आरोप है कि वह पहाड़ के मतदाताओं को तृणमूल कांग्रेस में वोट करने के लिए धमका रहे हैं .

राजू बिष्ट ने अपने पत्र में लिखा है कि क्षेत्र में निष्पक्ष और लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव कराने के लिए मतदाताओं को डराने धमकाने वाले TMC के द्वारा नियुक्त तीन निकाय प्रमुख रवि प्रधान, ब्रिगेन गुरुंग तथा आर बी राई को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की है. रवि प्रधान कर्सयांग पालिका के प्रमुख हैं. जबकि ब्रिगेन गुरुंग कर्सियांग पालिका के प्रमुख हैं. एल बी राई मिरिक नगर पालिका का काज भार देखते हैं. राजू बिष्ट का कहना है कि इन तीनों ही नगर पालिकाओं का सत्र 2022 में ही समाप्त हो गया था. लेकिन इसके बावजूद टीएमसी की सरकार ने अपने खास लोगों को वहां क्यों नियुक्त किया है.

राजू बिष्ट ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के चुने हुए यह तीनों प्रमुख अपने-अपने क्षेत्र में मतदाताओं को तृणमूल कांग्रेस में वोट करने के लिए धमका रहे हैं. उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि अगर इस पर तुरंत ध्यान नहीं दिया जाता है तो लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव कराना मुश्किल हो जाएगा. राजू बिष्ट के पत्र पर विचार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने राज्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है. राज्य चुनाव आयुक्त के द्वारा दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र के लिए जनरल ऑब्जर्वर को नियुक्त किया गया है. जनरल ऑब्जर्वर विक्रम सिंह मलिक ने दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी कीमत पर निकाय प्रमुख जनता को बरगला ना सके.

आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त तीनों ही निकाय प्रमुख भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा से जुड़े हुए हैं. वे भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के लिए काम कर रहे हैं. भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा के ही उम्मीदवार हैं गोपाल लामा, जिनको जिताने का अनित थापा ने बीडा उठाया है. जनरल ऑब्जर्वर विक्रम सिंह मलिक ने इसकी पड़ताल तेज कर दी है. उन्होंने दार्जिलिंग जिला निर्वाचन अधिकारी को आरोप के संदर्भ में उचित जांच करने और निर्वाचन से पूर्व निष्पक्ष व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दार्जिलिंग जिला चुनाव अधिकारी तीनों ही नगर पालिका प्रमुखों को बर्खास्त करेंगे?

(अस्वीकरण : सभी फ़ोटो सिर्फ खबर में दिए जा रहे तथ्यों को सांकेतिक रूप से दर्शाने के लिए दिए गए है । इन फोटोज का इस खबर से कोई संबंध नहीं है। सभी फोटोज इंटरनेट से लिये गए है।)

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