बच्चा टाॅफी खरीदने दुकान पर जाएगा तो टाॅफी महंगी, खाने पीने के सामान महंगे, मां पिताजी के लिए दवाइयां महंगी, यात्रा महंगी, घर में बीमार व्यक्ति के लिए इलाज महंगा, फल महंगे, स्टेशनरी के सामान महंगे, बच्चों की कॉपी और पुस्तकें महंगी, यानी आपका रोजमर्रा का जीवन अस्त व्यस्त होने वाला है!
जैसे शरीर का ब्लड प्रेशर अवरुद्ध हो जाए तो मनुष्य कई रोगों का शिकार हो जाता है, उसी तरह से पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में वृद्धि का मतलब यह है कि परिवहन से लेकर साग सब्जियों, वस्तुओं, किचन के सामान, अनाज, किराने का सामान यानी सब कुछ महंगा होगा. अमूल और मदर डेयरी ने पहले ही दाम बढ़ा दिए हैं. बस कुछ दिनों का इंतजार करिए! सामान की कीमतों में आग लगने वाली है!
पेट्रोल-डीजल का वैश्विक संकट है. दुनिया के बड़े-बड़े देशों में पेट्रोल डीजल के मूल्य में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है. अमेरिका ने पिछले तीन महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 46% और 46.9%, चीन ने क्रमशः.25.3% और 27.7%, फ्रांस ने 22.5% और 28.4%, जापान ने क्रमशः 9.5% और 11% जबकि भारत में 3.9% और 4.3% की ही वृद्धि हुई है. भारत में विगत 10 दिनों में ही तेल कंपनियों ने चार बार इसमें बढ़ोतरी की है.
लगभग सात रुपए प्रति लीटर से ज्यादा इसमें बढ़ोतरी हो चुकी है. 15 मई को 4 साल बाद पहली बार पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया था. पेट्रोल और डीजल की कीमत लगभग ₹3 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी. फिर 19 मई को ईंधन की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया. 23 मई को 97 पैसे प्रति लीटर दाम बढाए गए और 25 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल ₹2. 61 पैसे और डीजल ₹2. 71 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़ाया है.
पहले से ही डॉलर के मुकाबले लगातार टूटते जा रहे भारतीय रुपए ने महंगाई के जोखिम को बढ़ा दिया था. क्योंकि विदेशों से आयात किए जाने वाले सामानों का भुगतान डॉलर में ही किया जाता है और रुपया कमजोर होने से ज्यादा डालर खर्च करने करते हैं.अब पेट्रोल डीजल के दाम लगातार बढने से महंगाई का खतरा और भी बढ गया है. मूल्य वृद्धि अवश्यंभावी है. सरकार के पास भी इसका कोई निदान नहीं है. सरकार पहले ही कह चुकी है कि पेट्रोल, डीजल और गैस के मामले में मितव्ययी बनिए!
मार्केट में दवाइयां महंगी हो चुकी है. ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से निर्माण सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स और ई-कॉमर्स डिलीवरी की लागत भी बढ़ेगी, जिसकी भरपाई ग्राहकों की जेब से करनी होगी. परिवहन उद्योग चरमरा सकता है. महंगे डीजल और पेट्रोल भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले हैं. ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने चेतावनी दे दी है कि डीजल और पेट्रोल की बढती कीमतों के चलते देश भर में यातायात संचालन प्रभावित हो सकता है.
इस तरह से यह कहा जा सकता है कि महंगाई बम को फूटने से कोई नहीं रोक सकता है.अभी तो तेल कंपनियों ने भारतीयों को एक ट्रेलर दिखाया है. अगर सरकार के निर्देशानुसार पेट्रोलियम पदार्थों को कंजूसी से खर्च न किया तो हालात अमेरिका, चीन, फ्रांस, जापान की तरह हो जाएंगे. भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्री लंका में महंगाई बम का विस्फोट हो चुका है और वहां लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. यह स्थिति भारत में भी हो सकती है. हालांकि हमारी सरकार इन सभी स्थितियों पर विचार कर रही है. और जल्द ही पेट्रोल और डीजल का वैकल्पिक ईंधन यहां लाने की तैयारी भी चल रही है.
