June 3, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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सिलीगुड़ी में अनाथ हुई TMC! संजय टिबड़ेवाल समेत अधिकारियों का ताज छिना!

ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी में फूट को देखते हुए पूरे राज्य में तृणमूल कांग्रेस संगठन की सभी कमिटियों तथा फ्रंटल शाखाओं को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है और पार्टी की ओर से कहा गया है कि भविष्य में नए सिरे से TMC के संगठन को खड़ा किया जाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी के संस्थापक की घोषणा के बाद पूरे राज्य में टीएमसी अनाथ हो गई है.

पार्टी की ओर से घोषणा के बाद सिलीगुड़ी से लेकर कोलकाता और पूरे राज्य में टीएमसी के संगठन प्रभारी, मंत्री, अधिकारी, चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन सभी भौचक है. कुछ ही समय पहले विधानसभा चुनाव से पूर्व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने संगठन को सशक्त बनाने के लिए कई नए पदाधिकारियों को दायित्व सौंपा था. उन्होंने पुराने पार्टी नेताओं को भी अपने संगठन और समितियों में जगह दी थी. लेकिन युवा चेहरे को ज्यादा प्राथमिकता दी गयी थी. उन्होंने संजय टिबड़ेवाल को टीएमसी संगठन का पहाड़ में प्रभारी बनाया था.

सिलीगुड़ी में तो टीएमसी के नेताओं के पांव तले की भूमि खिसक गई है. खासकर ऐसे नेताओं की जो तृणमूल कांग्रेस के विभिन्न संगठनों में अधिकारी या अध्यक्ष के रूप में अपना काम संभाल रहे थे. चाहे वह पहाड़ की तृणमूल कांग्रेस शाखा हो या समतल सिलीगुड़ी की शाखा, सभी अधिकारी, उपाधिकारी, सचिव और अध्यक्ष अनाथ हो गए हैं. ममता बनर्जी ने एक ही झटके में उनका ताज छीन लिया है.

पार्टी की ओर से घोषणा के बाद सिलीगुड़ी में टीएमसी नेताओं को विश्वास नहीं हो रहा है. उन्हें तो यह भी विश्वास नहीं हो रहा है कि टीएमसी टूट गई और ममता बनर्जी अलग-थलग पड़ गई. घटनाएं इतनी तेजी से घटी है कि किसी को कुछ सोचने तक का वक्त नहीं मिला है. सिलीगुड़ी में ममता बनर्जी के तथाकथित वफादार नेता और कार्यकर्ता दोराहे पर खड़े हो गए हैं. अब वे ना तो अधिकारी रहे और ना ही प्रभारी. वे एक ही झटके में सड़क पर आ गए हैं.

अब टीएमसी की ना कोई शाखा है. ना ही कोई समिति. या ना कोई संगठन. ऐसे में पार्टी पदाधिकारी का लेबल भी उतर चुका है. पार्टी के द्वारा उठाए गए इस बड़े कदम के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम का टीएमसी बोर्ड भविष्य खतरे में है. विधानसभा चुनाव से पूर्व ममता बनर्जी का लगातार सिलीगुड़ी और पहाड़ दौरा होता रहा. उन्होंने यहां नए सिरे से संगठन को विस्तार दिया और युवा चेहरे को नई जिम्मेदारी सौंपी. अब ममता बनर्जी के साथ-साथ वे सभी रास्ते पर आ गए हैं.

कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर के तौर पर गौतम देव, रंजन सरकार आदि टीएमसी नेता अपने पद पर कब तक बने रह सकेंगे? जब टीएमसी का संगठन ही नहीं रहा तो राजनीति कैसी? ममता बनर्जी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ सिलीगुड़ी समतल और पहाड़ समितियों का गठन किया था. अब स्वतः ही ये समितियां भंग हो गई है. अब क्या करेंगे संगठन प्रभारी और नेता ?

इस बीच सिलीगुड़ी नगर निगम में भ्रष्टाचार की जांच की आंच तेज हो गई है. इस सिलसिले में 7 जून को उपमुख्यमंत्री और राज्य की शहरी विकास एवं नगर पालिका मंत्री अग्निमित्र पाॅल सिलीगुड़ी आ रही है. आज की घटना के बाद इस सूचना को पाकर टीएमसी के नेताओं में बदहवासी देखी जा रही है. एक बार एक उन्हें झटके मिलते जा रहे हैं

हालांकि गौतम देव चुपचाप हैं. उन्हें अग्निमित्र पॉल के सिलीगुड़ी आने की खबर मिल गई है. वे कहते हैं कि उनका सिलीगुड़ी में स्वागत करने में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी. एक दिन पहले ही सिलीगुड़ी नगर निगम में सिलीगुड़ी नगर निगम के एक नंबर वार्ड के टीएमसी पार्षद संजय पाठक ने मेयर इन काउंसिल सदस्य के रूप में शपथ ली थी.

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