पहले नेपाल की सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्र में नेपाल के लोगों के द्वारा भारतीय उत्पाद की खरीदारी पर भंसार लगाया और अब सरकार का एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसके बाद नेपाल में खलबली मच गई है. नेपाल सरकार का नया फरमान नेपाल के वाहन चालकों के लिए एक बड़ी मुसीबत लेकर आया है, जिसका प्रभाव नेपाल के नागरिकों के साथ ही अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा.
अगर आप पानीटंकी या फिर नेपाल से लगती भारतीय सीमा पर स्थित पेट्रोल पंप से गुजर रहे हैं तो वहां कोई भी पेट्रोल पंप खाली नहीं मिलेगा. लोगों की भीड़ डीजल और पेट्रोल लेने के लिए कतार में लगी नजर आएगी. इनमें ज्यादातर नेपाली नागरिक होंगे. कल तक ऐसा नहीं था. पर अचानक से वो हो गया, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. नेपाल में डीजल का भाव ₹33 प्रति लीटर तक बढ़ा दिया गया है.
नेपाल के वाहन चालकों को डीजल पेट्रोल चाहिए. नेपाल में इसकी कीमत काफी बढ़ गई है. सरकार के फैसले के बाद वहां अफरा तफरी का आलम है. नेपाल सरकार ने डीजल की कीमतों में अचानक ही ₹33 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है. अब नेपाल में डीजल 148 रुपए 12 पैसे प्रति लीटर बिक रहा है. जबकि भारत में डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
नेपाल के मुकाबले भारत में डीजल आसानी से उपलब्ध है और कीमत भी काफी कम है. भारतीय पेट्रोल पंपों से डीजल लेने के लिए नेपाल के वाहन चालक सुबह से ही भीड़ कर रहे हैं.इससे स्थानीय डीजल क्रेताओं को काफी परेशानी हो रही है. उन्हें डीजल लेने के लिए लाइन लगाना पड़ता है और इसमें कई घंटे तक लग जाते हैं.
जब से नेपाल सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है, तभी से नेपाल में अफरा तफरी का आलम है. खासकर नेपाली वाहन चालक काफी परेशान है और डीजल के लिए भारत की ओर भाग रहे हैं. नेपाल सरकार के इस फैसले ने न केवल वहां के वाहन चालकों की परेशानी बढ़ाई है, बल्कि इसका भारी असर यात्रियों पर भी पड़ रहा है. क्योंकि उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए गाड़ियां नहीं मिल रही है.
मिल रही जानकारी के अनुसार पानी टंकी से लेकर बिहार में जहां-जहां नेपाल की सीमा भारत से लगती है, वहां के पेट्रोल पंप पर सुबह से शाम तक डीजल या पेट्रोल लेने के लिए वाहनों की भीड़ बढ़ रही है. नेपाल के वाहन चालक अपनी गाड़ियों की टंकी फुल करवा रहे हैं. इसके साथ ही यह भी जानकारी आ रही है कि अन्य तरीके से भी डीजल की जमाखोरी चल रही है.
पानी टंकी अथवा नेपाल से लगती सीमा पर स्थित भारतीय पेट्रोल पंपों पर नेपाली वाहनों की लगती भीड़ और डीजल की जमाखोरी को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद स्थानीय प्रशासन ने एक आदेश जारी किया है कि नेपाली वाहनों को केवल लिमिटेड तेल ही उपलब्ध कराया जाए. स्थानीय लोगों ने भी इसकी शिकायत की है. इसके बाद ही प्रशासन का फैसला सामने आया है.
स्थानीय प्रशासन के फैसले के बाद सीमावर्ती भारतीय पेट्रोल पंपों ने उसे सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है. इसके अनुसार नेपाली वाहन दो पहिया को अधिक से अधिक 3 लीटर पेट्रोल मिलेगा. जबकि छोटे चार पहिया वाहन को अधिकतम 10 लीटर डीजल या पेट्रोल भारतीय पेट्रोल पंप से जारी किए जा सकेंगे. लेकिन ट्रक आदि बड़े वाहन के लिए 20 लीटर डीजल उपलब्ध कराया जा सकता है.
स्थानीय प्रशासन के फरमान के बाद उम्मीद की जा रही है कि नेपाली वाहनों की तादाद में कमी आएगी और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी. उधर भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले भारतीयों ने प्रशासन से मांग की है कि नेपाली वाहनों और भारतीय वाहनों के लिए अलग-अलग लाइन की व्यवस्था हो ताकि पेट्रोल पंपों पर लगती भीड़ को नियंत्रित किया जा सके. इस संदर्भ में जल्द ही एक प्रशासनिक बैठक होने वाली है. यह इसलिए भी जरूरी है कि भारत और नेपाल के रिश्तों में कटुता ना हो और दोनों देशों के नागरिक आपस में लड़े झगड़े भी नहीं.
