August 20, 2026
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हड़कंप:स्कूल के भोजन में नमक की जगह डिटर्जेंट डालने का आरोप, 34 बच्चियां अस्पताल में भर्ती!

34 girls hospitalized after school accused of replacing salt with detergent in school meals

बिहार के नालंदा जिले से मिड-डे मील को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नूरसराय थाना क्षेत्र के परासी स्थित मिडिल स्कूल में मंगलवार को खाना खाने के बाद 34 बच्चियों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने चक्कर आने और उल्टी की शिकायत की, जिसके बाद सभी को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आरोप है कि सब्जी में नमक कम होने की शिकायत के बाद रसोइए ने गलती से नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर डाल दिया। हालांकि, प्रशासनिक जांच पूरी होने तक खाने में वास्तव में डिटर्जेंट मिला था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मंगलवार को स्कूल में बच्चों को चावल और सोयाबीन-आलू की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाने के कुछ देर बाद कई बच्चों को चक्कर आने और उल्टी की शिकायत होने लगी। स्कूल में प्राथमिक उपचार के बाद भी जब बच्चों की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
मामले की पड़ताल में सामने आया कि नालंदा के रामघाट स्थित एकता फाउंडेशन की रसोई से करीब 220 स्कूलों में मिड-डे मील भेजा जाता है।

फाउंडेशन के मैनेजर प्रशांत के मुताबिक, मंगलवार को भी निर्धारित मेन्यू के अनुसार स्कूलों में खाना भेजा गया था। उनके अनुसार, परासी स्कूल से बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद मामले की जानकारी ली गई।

मैनेजर ने बताया कि स्कूल में कुछ बच्चों ने सब्जी में नमक कम होने की शिकायत की थी। इसके बाद रसोइए से नमक मंगाया गया और कथित तौर पर इसी दौरान नमक की जगह डिटर्जेंट डाल दिया गया।

हालांकि, उन्होंने साफ किया कि खाने में वास्तव में डिटर्जेंट मिला था या नहीं, इसकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
फाउंडेशन के मैनेजर ने मामले में स्कूल स्तर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नमक और दूसरे पदार्थों को अलग-अलग और सुरक्षित तरीके से रखा जाना चाहिए था।

घटना के बाद मिड-डे मील की व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावित बच्चों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाना तैयार करने और बच्चों को परोसने के दौरान चूक कहां हुई।

फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाने में डिटर्जेंट मिला था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी।

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