September 14, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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साइबर ठगी का ‘गढ़’ बनता जा रहा माटीगाड़ा!

Matigara is becoming a stronghold of cyber fraud!

माटीगाड़ा में वर्तमान समय में बहुत से कॉल सेंटर खुल गये हैं. यहां की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों और आजू-बाजू में फैले अनेक कॉल सेंटर के भीतर क्या होता है, यह किसी को पता नहीं होता. पता तो तब चलता है, जब आधी रात को पुलिस यहां रेड डालती है और लोग पकड़े जाते हैं. तब पता चलता है कि नाम कुछ और है और खेल कुछ और ही हो रहा है. अब तो लोग यह भी कहने लगे हैं कि अगर किसी व्यक्ति के मोबाइल पर किसी फ्रॉड का कॉल आता है तो ज्यादा संभावना रहती है कि यह कॉल माटीगाड़ा के ही किसी न किसी कॉल सेंटर से किया गया होगा.

आधी रात का समय था, जब माटीगाड़ा के परिवहन नगर तथा लीचूबागान के लोग खा पीकर नींद के आगोश में थे. उसी समय यहां पुलिस की गाड़ियों की धमक हुई तो लोगों की नींद टूट गई. एक विशाल पुलिस फोर्स यहां के दो कॉल सेंटर पर दबिश डाल रही थी. पुलिस आसपास में खड़ी तीन इमारतों को अपनी निगरानी में ले रखी थी. इन्हीं इमारतों में वे कॉल सेंटर भी थे, जो बिना लाइसेंस के चोरी छुपे चल रहे थे. उस समय कॉल सेंटर में कुछ चल रहा था, जिसकी जानकारी पुलिस को हुई और सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सलाह पर पुलिस की स्पेशल टीम ने यहां रेड डाला था.

एसटीएफ ने यहां से जिन युवक युवतियों को गिरफ्तार किया, उनमें से चार लड़कियां शामिल थीं. जिस समय पुलिस ने यहां रेड डाला था, उस समय सिलीगुड़ी से लेकर माटीगाड़ा तक आंधी तूफान के बीच भारी बरसात हो रही थी. पुलिस टीम में लगभग 200 पुलिसकर्मी थे. एसटीएफ का नेतृत्व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे. पिछली रात से चली कार्रवाई अगली सुबह 10:00 बजे तक चली. पुलिस ने कॉल सेंटर की कार्रवाई में बड़ी संख्या में मोबाइल, सिम कार्ड ,कंप्यूटर और हार्ड डिस्क बरामद की. वहां से जिन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, उनके नाम किशोर छेत्री, प्रेषित रावत, खुशबू मोदक ,मेघा छेत्री ,मोहम्मद राजू ,फैजल इस्लाम, सज्जाद अंसारी ,पूजा चौधरी और श्रेयसी सिंह बताए जा रहे हैं.

पुलिस ने यह भी पता लगाया कि उक्त दोनों कॉल सेंटर पिछले दो-तीन महीने से ही चल रहे थे. पुलिस ने यह भी पता लगाया कि यहां से देश और विदेशों में भी साइबर ठगी की जाती थी. रेड डालने की कार्रवाई में पुलिस की भारी भरकम टीम में सिलीगुड़ी साइबर थाना, एसटीएफ के जवान आदि शामिल थे. पुलिस ने कॉल सेंटर को सील करने के बाद सभी 9 आरोपियों को सिलीगुड़ी कोर्ट में पेश किया, जहां सात लोगों को तो जमानत मिल गई. जबकि दो लोगों को पुलिस ने रिमांड पर लिया है. पुलिस उनसे पूछताछ करके साइबर अपराध के नेटवर्क तक पहुंचना चाहती है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पिछले कुछ दिनों में सिलीगुड़ी में अलग-अलग इलाकों में हुई साइबर ठगी के मामलों में कहीं उनका कनेक्शन तो नहीं है!

कोई ज्यादा समय नहीं हुआ जब माटी गाड़ा एक वीरान तथा सूनसान स्थल नजर आता था. यहां इक्के-दुक्के मकान नजर आते थे. चारों तरफ खेती होती थी. हालांकि अपराध उस समय भी होता था. परंतु आबादी वहां नहीं थी. अपराधी माटीगाड़ा से सिलीगुड़ी अपराध करने आते थे और अपराध करने के बाद रातों-रात माटीगाड़ा निकल जाते थे. तब राज्य में माकपा की सरकार थी. सिलीगुड़ी पुलिस बहुत गंभीर मामलों में ही अपराधियों को पकड़ने में माटीगाड़ा पुलिस का सहयोग लेती थी. सिलीगुड़ी में चोरी डकैती अथवा छोटी मोटी वारदात करने वाले माटीगाड़ा के बदमाशों को इसका लाभ मिल जाता था.

आज माटीगाड़ा का हुलिया बदल चुका है. यहां आबादी विस्तार के साथ ही बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें और शॉपिंग मॉल खुल गए हैं. कभी ₹5000 कट्ठा बिकने वाली जमीन आज 30-40 लाख रुपए कट्ठा हो गई है. फिर भी यहां मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है. माटीगाड़ा में सभी जाति एवं धर्म के लोग निवास करते हैं. माटीगाड़ा में अपराध पहले भी होता था, लेकिन आज बदलते समय के साथ अपराधी चोरी डकैती के बजाय साइबर क्राइम की ओर बढ़ रहे हैं. उनकी नजर में यह सबसे सुरक्षित और रातोंरात अमीर बनने का एक आसान जरिया बन गया है.

माटीगाड़ा एक पंचायत क्षेत्र है. इसलिए यहां सिलीगुड़ी पुलिस का सीधा कनेक्शन नहीं है. घनी आबादियों के बीच बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों और दुकानों में चल रही गतिविधियों के बारे में बाहर वालों को कुछ पता नहीं होता. नगर निगम के दायरे में नहीं होने तथा पंचायत स्तर का होने का लाभ यहां साइबर अपराधी उठाते रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़े मामलों में अधिकांश गिरफ्तारियां माटीगाड़ा क्षेत्र में ही हुई है॔. यही कारण है कि चाहे साइबर अपराध हो या अन्य प्रकार के अपराध माटीगाड़ा हमेशा सुर्खियों में रहता है.

यूं तो माटीगाड़ा के लोग अपने दैनिक रोजमर्रे के जीवन में व्यस्त रहते हैं. लेकिन जब कभी यहां इलाके में पुलिस का रेड पड़ता है तो लोगों को पता चलता है और खबरें चर्चा का विषय बन जाती है. कुछ दिन पहले भी माटीगाड़ा में पुलिस का रेड पड़ा था और एक बार फिर से साइबर क्राइम के मामले में ही पुलिस और एसटीएफ की टीम ने यहां की कुछ इमारतें में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी के खेल को बेनकाब कर दिया है. अब देखना होगा कि पुलिस की इस कार्रवाई के बाद साइबर नेटवर्क का क्या सच निकल कर सामने आता है. हालांकि जानकार मानते हैं कि अगर पुलिस इसी तरह से ‘साइबर सफाई’ की कोशिश जारी रखे तो जल्द ही माटीगाड़ा साइबर अपराध मुक्त क्षेत्र बन जाएगा. बहर हाल सिलीगुड़ी और माटीगाडा के लोग पुलिस की इस कार्रवाई की काफी तारीफ कर रहे हैं.

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