मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद राज्य में एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य पुलिस और प्रशासन ने वितरकों के साथ बैठक करके एक अभियान चलाया है. इस अभियान के तहत माइकिंग के जरिए लोगों को सजग करना, उपभोक्ताओं की परेशानियों को दूर करना और अफवाहों से बचने की सलाह दी जा रही है. यह अभियान सिलीगुड़ी में भी चलाया जा रहा है.
सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ दिनों से गैस उपभोक्ताओं को बुकिंग में परेशानी आ रही है. लोगों की शिकायत है कि मोबाइल पर गैस की बुकिंग नहीं हो रही है. इसलिए वितरकों के दफ्तरों के आगे सुबह से ही लोगों की लाइन लग रही है. कई उपभोक्ताओं की शिकायत यह है कि वितरक एलपीजी गैस की कालाबाजारी कर रहे हैं. हालांकि अभी तक सिलीगुड़ी पुलिस को इसका कोई सबूत नहीं मिला है.
सिलीगुड़ी के दो-तीन इलाकों के उपभोक्ताओं ने बताया कि उनके मोबाइल पर गैस वितरित का मैसेज आ रहा है. जबकि उन्होंने गैस उठायी ही नहीं है. कुछ लोग अपनी-अपनी शिकायत लेकर वितरण के अधिकारियों पर बरस रहे हैं. कुछ लोगों की शिकायत यह भी है कि उन्होंने बुकिंग तक नहीं कराई. जबकि गैस सिलेंडर की अन्य जगह डिलीवरी हो गई. जबकि कुछ उपभोक्ता यह भी बता रहे हैं कि गैस बुकिंग के कई-कई दिनों बाद भी उन्हें गैस नहीं मिल रही है.
कुछ उपभोक्ता पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी नए नंबर पर गैस बुकिंग करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो रहे हैं. ऐसे लोग भी गैस बुकिंग के लिए अपने वितरक के ऑफिस के बाहर लाइन लगा रहे हैं. सिलीगुड़ी के सेवक रोड स्थित एक गैस एजेंसी के दफ्तर के बाहर तो लोगों का इस कदर हंगामा हो गया, जब वे खाली सिलेंडर लेकर गैस लेने के लिए पहुंच गये थे. बाद में स्थिति को शांत कराने के लिए मौके पर भक्ति नगर पुलिस को बुलाना पड़ा.
सेवक रोड, एस एफ रोड, आश्रम पाड़ा, कॉलेज पाड़ा, प्रधान नगर सब जगह गैस के लिए अफरा तफरी मची हुई है. कई लोगों ने तो गैस की मारामारी से बचने के लिए घर में इंडक्शन चूल्हों का प्रयोग करना शुरू कर दिया है. सूत्रों ने बताया कि बाजार में बिजली से चलने वाले चूल्हों की मांग बढ़ गई है. दुकानदार भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं. हालांकि आपदा में कई दुकानदारों की कमाई के अवसर भी बढ़ गए हैं. इंडक्शन चूल्हे को मनमानी दर पर बेचा जा रहा है.
दूसरी ओर सिलीगुड़ी से लेकर जलपाईगुड़ी और पहाड़ी इलाकों में गैस की कालाबाजारी रोकने तथा उपभोक्ताओं को सहज रूप से गैस की आपूर्ति हो सके, इस संदर्भ में अधिकारियों के निर्देश पर सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस ने स्थानीय वितरकों के साथ एक बैठक करके समस्या के समाधान के लिए एक बड़ा ही प्रयास किया है. गैस वितरकों के साथ बैठक में पुलिस अधिकारियों ने पाया है कि सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों में गैस की किल्लत से ज्यादा अफवाहों ने लोगों में हड़कंप मचा दिया है. इन अफवाहों को रोकने के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम की ओर से भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जो 24 घंटे काम करते रहेंगे.
इसके अलावा सभी थानों के पुलिस अधिकारी लगातार माइकिंग करके उपभोक्ताओं को अपडेट देते रहेंगे. डीसीपी राकेश सिंह ने बताया कि सिलीगुड़ी में गैस की कोई किल्लत नहीं है. लोग अफवाहों के शिकार हो रहे हैं. उन्होंने सिलीगुड़ी के उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वह किसी तरह की अफवाहों के शिकार ना बने. उधर सिलीगुड़ी से ज्यादा जलपाईगुड़ी में गैस त्रासदी देखी जा रही है. वहां तो सिलीगुड़ी से भी ज्यादा बुरा हाल है. जलपाईगुड़ी पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय वितरकों के साथ बैठक करके अफवाहों को दूर करने के लिए अभियान चलाया है.
उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया जा रहा है कि एलपीजी गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी. जलपाईगुड़ी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने अपने बयान में कहा है कि लोग अफवाहों से बचें. एनफोर्समेंट ब्रांच लगातार अभियान चला रहा है. एलपीजी गैस की कालाबाजारी अथवा अफवाह फैलाने में जो कोई पकड़ा जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. यही बात पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा सिलीगुड़ी में भी कही जा रही है. मौजूदा संकट और लोगों में अफरा तफरी को देखते हुए नॉर्थ बंगाल एंड सिक्किम एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन ने बताया है कि घरेलू एलपीजी गैस का कोई संकट नहीं है. खाड़ी युद्ध के चलते केवल 10% व्यापार प्रभावित हुआ है. एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि सर्वर डाउन की वजह से मोबाइल पर गैस बुकिंग नहीं हो रही है. उनकी तरफ से कहा गया है कि एलपीजी गैस की गाड़ियां नियमित रूप से नहीं आ रही है, जिसके चलते गैस वितरण में अनियमितता आ रही है. उम्मीद की जानी चाहिए कि यह संकट जल्द ही दूर होगा. यह भी उम्मीद की जानी चाहिए कि लोग आपदा में कमाई के अवसर की तलाश नहीं करेंगे.
