मालती देवी काफी परेशान थी. पिछले दो दिनों से उनके घर का चूल्हा नहीं जल रहा था. क्योंकि घर में गैस नहीं थी. उन्हें पता नहीं था कि अचानक से एलपीजी गैस संकट बढ जाएगा. इसलिए उन्होंने पहले से अपना एक दूसरा खाली सिलेंडर बुक नहीं कराया था. सोचा था कि गैस खत्म होने से एक हफ्ते पहले बुकिंग करा देगी.दरअसल उस समय गैस बुकिंग करने के दूसरे दिन ही डिलीवरी मैन घर में गैस लेकर चला आता था. लेकिन अचानक ही गैस त्रासदी बढी तो उनके भी होश उड़ गए.
उन्होंने अपने मोबाइल से पुराने गैस नंबर से गैस बुकिंग की कोशिश की. लेकिन इसमें वह सफल नहीं हो रही थी.बार-बार फोन डिस्कनेक्ट हो जाता था या फिर गैस बुकिंग का मैसेज ही नहीं आ रहा था. अब वह महिला थी. इसलिए खाली सिलेंडर लेकर गैस गोदाम भी नहीं जा सकती थी. गैस वितरक के दफ्तर के आगे भी लोगों की लंबी लाइन लगी रहती थी. एक दिन वह यूं ही उदास और परेशान बैठी थी कि उनके मोबाइल के व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि अगर आप अपने मोबाइल से एलपीजी गैस की बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं, तो यह नया नंबर ट्राई कीजिए. 48 घंटे के भीतर डिलीवरी मैन आपके घर पर गैस लेकर हाजिर हो जाएगा. नीचे एक लिंक भेजा गया था.
मालती देवी ने ना आव देखा न ताव. उन्होंने कोई सोच विचार भी नहीं किया और दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया. इसके साथ ही उनकी मुसीबत शुरू हो गई. जल्दी से गैस मिलने के लिए उन्होंने ऐसा किया था. लेकिन गैस तो नहीं मिली. अपितु उनके बैंक अकाउंट से लगभग ₹20000 निकाल लिए गए. मालती देवी ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज करा दी है. यह घटना कोलकाता से सटे साल्टलेक इलाके में घटी है.
क्या आप नहीं चाहते कि आपके साथ ऐसी घटना ना घटे? तो जरा रुकिए. अपने दिमाग के बंद दरवाजे खोल दीजिए और किसी तरह की जल्दबाजी में ना आकर केवल अधिकृत अथवा पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी नंबरों पर ही फोन करें. निर्धारित अवधि से पहले गैस की बुकिंग नहीं कराई जा सकती. इसी तरह से गैस वितरकों और एजेंसियों की ओर से भी ग्राहकों को सावधान किया जा रहा है कि उनकी तरफ से ना तो इस तरह का कोई मैसेज भेजा जा रहा है और ना ही कोई लिंक. इसलिए ऐसे फ्रॉड से सावधान रहें.
इस समय सिलीगुड़ी में एलपीजी गैस बुकिंग के लिए 25 दिन का समय निर्धारित किया गया है यानी 25 दिन से पहले आप गैस की बुकिंग नहीं कर सकते हैं. इस समय सोशल मीडिया में गैस बुकिंग को लेकर नए-नए निर्देश दिए जा रहे हैं. कहीं गैस बुकिंग के लिए नए नंबर जारी किए जा रहे हैं तो कहीं व्हाट्सएप नंबर तो कहीं नया नया लैंडलाइन नंबर. कहीं कहीं तो घर बैठे गैस बुकिंग और डिलीवरी के नए-नए तरीके बताए जा रहे हैं. इन्हीं सभी निर्देशों को पढ़ने के बाद उपभोक्ता भी कंफ्यूज हो रहे हैं.
कुछ लोग तो गैस बुकिंग की अफरा तफरी में इतनी शीघ्रता दिखा देते हैं कि उन्हें लगता है कि अगर कुछ और विलंब हुआ तो उन्हें गैस नहीं मिलेगी. या जल्दी नहीं मिलेगी. फिर खाली सिलेंडर लेकर वितरक के गोदाम में जाना पड़ेगा. कुछ लोग तो बगैर सोचे विचारे फेसबुक से गैस बुकिंग के नए-नए नंबर निकाल लेते हैं और सरल रास्तों से गैस प्राप्ति के लिए व्हाट्सएप अथवा फोन करने लगते हैं. बस यहीं से मुसीबत शुरू हो जाती है.
आपको बता दे कि इस समय उपभोक्ताओं के कन्फ्यूजन और उनकी शीघ्रता को भुनाने के लिए और अपना उल्लू सीधा करने के लिए साइबर जालसाज सक्रिय हो गए हैं. अगर गलती से आपका फोन कॉल उन्हें रिसीव हो गया तो आपका बचना मुश्किल है. फेसबुक और सोशल मीडिया में फर्जी गैस बुकिंग नंबर और फर्जी व्हाट्सएप नए-नए नंबर देकर वे आपको आसानी से फंसा सकते हैं और आपके बैंक खाता तक सीधा पहुंच सकते हैं. ऐसा हुआ भी है. इसलिए आपको सतर्क हो जाना चाहिए. सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट ने भी सिलीगुड़ी के उपभोक्ताओं को सावधान किया है.
