कम समय में अधिक ब्याज का लालच किसे नहीं होता है. बस यहीं पर इंसान फ॔स जाता है और फिर उसकी मेहनत की कमाई जमा पूंजी स्वाहा हो जाती है. बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्युचुअल फंड, शेयर मार्केट आदि कोई भी वित्तीय संस्था एक साल में आपकी रकम को डबल नहीं कर सकती. लेकिन लोग सोचे विचारे बिना ऐसे ठगों की गिरफ्त में पड़ जाते हैं, जिनकी नजर आपकी पूंजी को हड़पने पर रहती है. ये ठग ऐसे एक्सपर्ट होते हैं जो अपनी बातचीत और कौशल के जरिए आपका भरोसा जीत लेते हैं.
सिलीगुड़ी में ऐसे बहुत से मामले पहले भी देखे गए हैं. कई लोग नारदा, शारदा,सहारा आदि कंपनियों के ऑफर के जाल में फंसकर आज भी पछता रहे हैं. लेकिन इन सभी के बावजूद लोग ठगों के माया जाल में फंस ही जाते हैं. सिलीगुड़ी से इसी तरह की एक सनसनीखेज घटना प्रकाश में आई है, जहां पीड़ित महिला के द्वारा दिए गए बयान के अनुसार आरोपी ने महिला की रकम एक साल में डबल करने का झांसा देकर उससे लगभग 12 लाख रुपए ठग लिए.
आरोपी का नाम रोहित अग्रवाल है. खालपाडा की रहने वाली एक महिला ने सिलीगुड़ी थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा है कि एक दिन रोहित अग्रवाल उसके पास निवेश की एक आकर्षक योजना लेकर आया था, जिसमें उसने एक साल में डबल रिटर्न की बात कही थी. उसके झांसे में आकर महिला ने 11 लाख 88 हजार रुपए आरटीजीएस के जरिए दो बार में भुगतान कर दिया.जब साल पूरा हो गया, तो महिला ने रोहित अग्रवाल से रकम वापस मांगी. तब रोहित अग्रवाल ने पैसे देने से इनकार कर दिया.
कौन है रोहित अग्रवाल और वह ठग कैसे बना? आरोप है कि रोहित अग्रवाल सिलीगुड़ी, नया बाजार और माटीगाड़ा के विभिन्न इलाकों से परिचित व्यापारियों, पुरुषों और महिलाओं के साथ इस तरह की आर्थिक धोखाधड़ी करता था. वह कुछ ही दिनों में रकम डबल कर देने का झांसा देकर लोगों से पैसा ऐंठता था और उसके बाद जगह बदल लेता था या फिर गायब हो जाता था.
उसके खिलाफ माटीगाड़ा थाने में दर्ज कराई गई एक अन्य FIR के अनुसार यह व्यक्ति खालपाड़ा के शिवाजी रोड, नया बाजार का रहने वाला है. वह माटीगाड़ा में पुराने वाहनों की खरीद बिक्री करने वाली एक कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर काम करता था. यह कंपनी दो पार्टनरों की साझेदारी में चलती है.
कंपनी की एक पार्टनर श्रीमती चांदनी झा और दूसरा पार्टनर वरुण कुमार झा है. चांदनी झा नामक महिला पार्टनर द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत के अनुसार रोहित अग्रवाल ने पिछले 3 महीने में सिलीगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों से विभिन्न ग्राहकों से भारी मात्रा में रकम वसूल करके अपने विभिन्न खातों में जमा कराए, जबकि उसने कंपनी को बताया कि रुपया डूब गया है.
कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि रोहित अग्रवाल ने अनुचित तरीके से 5,37,780 रुपए विभिन्न देनदारों से गुप्त रूप से वसूल करके अपने खाते में रुपए ट्रांसफर कराए. इस तरह से उसने कंपनी को लाखों रुपए का घाटा दिखाया. इतना ही नहीं इस व्यक्ति ने इस कंपनी के दूसरे पार्टनर वरुण कुमार झा से भी 75000 रुपए गाड़ियों की मरम्मती और टैक्स अपडेट के नाम पर ले लिया. शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस व्यक्ति ने अवैध तरीके से कंपनी की दो गाड़ियों को बेच दिया था.
रोहित अग्रवाल के खिलाफ इस तरह की शिकायत माटीगाड़ा थाने में अपराध क्रमांक 153/ 26, भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (4 )के अंतर्गत दर्ज कराई गई है,जिसके आधार पर माटीगाड़ा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी. उसके खिलाफ जांच सही पायी जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल यह व्यक्ति पुलिस रिमांड पर है, जहां पुलिस उससे ठगी के अन्य मामलों की पूछताछ कर रही है.
यह घटना एक सबक है, उन लोगों के लिए जो अपनी मेहनत की जमा पूंजी को कम समय में डबल करने का लालच पाल लेते हैं. परिणाम यह होता है कि डबल तो दूर की बात है, उनका मूल भी चला जाता है. यह अपनी तरह का पहला मामला है, जहां एक मामले में पुलिस ने व्यक्ति को रिमांड अवधि पूरा होने पर कोर्ट में पेश किया और उसी दिन एक अन्य ठगी के मामले में पुलिस ने उसे फिर से रिमांड पर ले लिया. रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी व्यक्ति से ठगी के विभिन्न मामलों की पूछताछ कर रही है. इन्वेस्टिगेशन पूरा होने के बाद पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करके जेल भेजने की व्यवस्था करेगी.
