दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने जानकारी दी है कि दार्जिलिंग पहाड़ के पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
जानकारी के अनुसार, भाजपा दार्जिलिंग जिला समिति के अध्यक्ष संजीव लामा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री शंकर घोष से उनके कार्यालय में मुलाकात की। बैठक के दौरान दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे के विकास और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने की मांग रखी।
बैठक में पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार दार्जिलिंग के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए व्यापक विकास योजना पर काम कर रही है। लगभग ₹2,500 करोड़ की लागत से पर्यटन अवसंरचना को आधुनिक बनाया जाएगा। इस निवेश के तहत सड़क, पार्किंग, पर्यटक सुविधाएं, सौंदर्यीकरण, होटल एवं अन्य पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि इस योजना से पर्यटन उद्योग को नई मजबूती मिलेगी और स्थानीय व्यापार को भी बड़ा लाभ होगा। होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और अन्य व्यवसायों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि भारत सरकार की ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन योजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों का चयन किया गया है। इनमें मिरिक भी शामिल है, जिसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पूरे दार्जिलिंग पहाड़ के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मिरिक झील के व्यापक विकास के लिए लगभग ₹100 करोड़ की परियोजना भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस योजना के तहत झील क्षेत्र का सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक पर्यटन ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इससे मिरिक में पर्यटकों की संख्या बढ़ने और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि प्रस्तावित योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं, तो दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मिरिक का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार, व्यापार और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना दार्जिलिंग पहाड़ को देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
