सिलीगुड़ी के बहुचर्चित वेनस मोड़ का नाम तृणमूल कांग्रेस शासित सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड ने बदलकर सफदर हाशमी चौक किया था तो उस समय भी नाम को लेकर विवाद हुआ था. टीएमसी सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगा था. भारतीय जनता पार्टी चाहती थी कि पश्चिम बंगाल के किसी हिंदू स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर चौक का नाम रखा जाए.
लेकिन टीएमसी सरकार ने वही किया, जो पहले से उसकी योजना में शामिल था. पूर्व मेयर गौतम देव ने सफदर हाशमी चौक नाम रखा और इसका बोर्ड भी लगा दिया गया. राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह कयास लगाया जा रहा था कि भाजपा सरकार सफदर हाशमी चौक का नाम बदलकर बंगाल के किसी अन्य हिंदू स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखेगी.
भारतीय जनता पार्टी की सरकार भविष्य में सफदर हाशमी चौक के नाम को लेकर क्या करेगी, यह तो पता नहीं. लेकिन एक बार फिर से एक अनोखी घटना ने हाशमी चौक के नाम को लेकर विवाद को बढ़ा दिया है. सफदर हाशमी
