दार्जिलिंग, 4 सितंबर 2026: दार्जिलिंग में एकीकृत कर्मचारी संगठन की ओर से आयोजित “विदाई एवं बधाई कार्यक्रम” को संबोधित करते हुए दार्जिलिंग के सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजू बिष्ट ने पहाड़ के गोरखा सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को न्याय और सम्मान का विषय बताया।
कार्यक्रम में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राजू बिष्ट ने कहा कि जो कर्मचारी पश्चिम बंगाल सरकार के अन्य कर्मचारियों के समान कार्य और जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, उन्हें समान वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी, ईपीएफ, जीपीएफ और सेवानिवृत्ति लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों ने सरकार और जनता की सेवा में 20, 25 और यहां तक कि 30 वर्ष बिताए हैं। ऐसे में समान सेवा लाभ की उनकी मांग किसी कृपा की नहीं, बल्कि न्याय और गरिमा की मांग है।
बिष्ट ने बताया कि पे बैंड कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, जिनमें लंबित समायोजन (Absorption), पूर्व सेवा की मान्यता, वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ शामिल हैं, को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के समक्ष उठाया है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों की समस्याओं को भी गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि पहाड़ के सरकारी कर्मचारियों की बार-बार सामने आने वाली समस्याएं उन व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों से जुड़ी हैं, जो दशकों से लंबित हैं। उनके अनुसार, डीजीएचसी और जीटीए जैसी व्यवस्थाएं पहाड़ को पर्याप्त राजनीतिक, प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने में सफल नहीं रही हैं। इसका असर शासन, विकास और रोजगार से जुड़े मामलों में लगातार बनी अनिश्चितता के रूप में सामने आया है।
राजू बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार क्षेत्र के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित समाधान संवैधानिक रूप से सुनिश्चित होगा और गोरखा समुदाय की पहचान, जमीन, सम्मान तथा भविष्य की रक्षा करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा में समर्पित किया है, उन्हें उनके अधिकार, सुरक्षा और सम्मान मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

