October 27, 2026
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जनवरी में शादी होनी थी… उससे पहले ही भगवान ने बुला लिया! जानिए कैसे हुई सिलीगुड़ी विधान मार्केट व्यवसाय समिति के सचिव के पुत्र की मौत!

Siliguri's Abhishek Saha's infamous accident has opened our eyes! What to know before traveling to the mountains from Siliguri!

इंसान की सोच के अनुसार अगर दुनिया में सब कुछ घटित होने लगे तो किसी को किसी से कोई शिकायत ही नहीं रहेगी. लेकिन इंसान नियति और भगवान के आगे बेबस है और आगे भी बेबस रहेगा. यही इस संसार का सत्य है! सदियों से प्रकृति का यह परम सत्य संसार को संचालित कर रहा है!

हर इंसान इस परम सत्य से वाकिफ है. फिर भी हमारे जीवन में कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जो हमें विचलित कर सकती हैं. कम से कम इंसान ने इस तरह की घटना का ख्याल तक नहीं किया होता है. जरा कल्पना करिए कि सिलीगुड़ी के जिस व्यापारी पुत्र की जनवरी में शादी होनी थी, उस पुत्र की अचानक मृत्यु की खबर मिले तो उस बाप,परिवार, सगे संबंधियों ,मित्रों और रिश्तेदारों पर क्या गुजरेगी, इस दुख का वर्णन करना कल्पना करना मुश्किल है.

मृतक का नाम अभिषेक साहा है. वह सिलीगुड़ी विधान मार्केट व्यवसायी समिति के सचिव वापी साहा का पुत्र था. वापी साहा विधान मार्केट के व्यवसाईयों में काफी लोकप्रिय रहे हैं. उनकी तरह ही उनका पुत्र अभिषेक साहा कई संगठनों से भी जुड़ा था और वह इलाके में काफी लोकप्रिय था. हाल ही में संपन्न गणेश पूजा वेलफेयर कमेटी के पूजा कार्यक्रम में अभिषेक साहा ने बढ़ चढ़कर भाग लिया था. वह इलाके में नौजवान साथियों और बड़े बुजुर्गों का लाडला था. उसकी उम्र लगभग 28 साल थी.

जब रात्रि लगभग 8.20 बजे कर्सियांग के रोहिणी रोड में सड़क दुर्घटना की खबर मिली तो उसके संगी साथी, विधान मार्केट व्यवसाय समिति के व्यापारी, अभिषेक साहा के चाहने वाले, सभी अचानक मर्माहत हो गए. पहले तो लोगों को लगा कि कोई छोटा-मोटा हादसा हो सकता है. पर जब अभिषेक साहा की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर मिली तो किसी को भी यकीन नहीं हुआ. ऐसा मातम पसरा कि हर किसी को लगा कि उनके ही परिवार का कोई अपना हमेशा के लिए चला गया.

वापी साहा के गम को हल्का करने के लिए अनेक व्यवसाईयों ने आज अपनी अपनी दुकानें बंद रखी और बापी साहा को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंचे. सिलीगुड़ी के स्थानीय नेता, मंत्री, शुभचिंतक, मित्र, रिश्तेदार सभी ने अपनी संवेदना व्यक्त की. और मातम में डूबे वापी साहा के परिवार को ढाढस बंधाने की कोशिश की. चलिए जानते हैं, कैसे हुई अभिषेक साहा की मौत?

रविवार को आमतौर पर लोग इंजॉय करते हैं. सिलीगुड़ी में या तो लोग पिकनिक मनाने के लिए नजदीकी पिकनिक स्पॉट Dooars चले जाते हैं या फिर पहाड़ पर अपने परिवार या दोस्तों के साथ प्रकृति की सैर करना पसंद करते हैं. सिलीगुड़ी से अधिकतर लोग पहाड़ पर जाना पसंद करते हैं. अभिषेक साहा ने भी अपने दोस्तों के साथ कर्सियांग के पास किसी पिकनिक स्पॉट पर घूमने की योजना बनाई और अपने 5 दोस्तों के साथ कार में सवार होकर चल पड़ा.

अपने दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के बाद अभिषेक गाड़ी में सिलीगुड़ी लौट रहे थे. रास्ते में रोहिणी रोड पड़ता है. यह रोड काफी खतरनाक माना जा रहा है. इस रोड पर पहले भी कई बड़े हादसे हुए हैं. तीन-चार साल पहले सिलीगुड़ी के सुभाष पल्ली, रविंद्र नगर के चार लोगों की यहां सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है. इसके अलावा वहां छोटे-बड़े कई हादसे पहले भी हुए हैं. लोग रोहिणी रोड को बेहद अपशकुन मानते हैं.

हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार यह रास्ता अत्यंत संकीर्ण, घुमावदार होने तथा गाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी के कारण जोखिम भरा हो गया है. इस रोड पर संभलकर गाड़ियां चलाना जरूरी है. वाहन चालक ऐसा करते भी हैं. रोहिणी रोड के एक तरफ सैकडों फुट गहरी खाई है. अगर जरा सी भी असावधानी हुई तो गाड़ी सैकड़ो फुट गहरी खाई में समा सकती है. यहां के लोग बताते हैं कि इस स्थिति में हादसा बड़ा हो सकता है. अनेक लोगों की पहले भी जानें गई हैं.

रात हो गई थी. रोहिणी रोड से होकर गाड़ियां आ जा रही थीं. अभिषेक पिकनिक की मीठी याद लिए दोस्तों के साथ घर लौट रहे थे. तब उसे पता नहीं था कि मौत उतनी ही तेजी से उसका पीछा कर रही थी.अचानक ही अभिषेक की गाड़ी एक मोड़ के पास लहराई. चालक ने गाड़ी पर नियंत्रण पाने की काफी कोशिश की. लेकिन वह सफल नहीं रहा और अगले ही पल उनकी कार लगभग 200 फीट गहरी खाई में लुढ़कती चली गई.

जैसे ही दुर्घटना की खबर स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड को मिली, वे घटनास्थल पर भागते नजर आए. सबसे पहले स्थानीय लोगों ने गाड़ी तक पहुंचने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी आ गई. फिर शुरू हुआ कार में सवार लोगों को निकालने और घायलों को शीघ्र उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती करने का काम. यह काम ज्यादा कठिन था. इस काम में लगभग 4 घंटे लग गए. कुछ लोग बताते हैं कि अगर समय पर अभिषेक साहा को निकाल लिया गया होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी!

कार में कुल 6 लोग सवार थे. उनमें से अभिषेक साहा की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई. जबकि उनके पांच दोस्त बुरी तरह जख्मी थे. इन सभी लोगों को दुर्घटनाग्रस्त कार से निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम के लोगों का पूरा साथ दिया. अभिषेक साहा को भी सिलीगुडी के निजी अस्पताल में पहुंचाया गया. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

अभिषेक साहा की मौत की खबर से न केवल उनके परिवार के लोग बल्कि पूरा सिलीगुड़ी शहर सदमे में है. अभिषेक के घायल दोस्तों का कर्सियांग और सिलीगुड़ी के अस्पताल में इलाज चल रहा है. जिस परिवार में अभिषेक की शादी की शहनाई बजने की खुशियां मनाई जा रही थी, उस परिवार की क्या हालत हो रही होगी, यह बयान करना काफी मुश्किल काम है. आखिर यह घटना कैसे घटी? इसकी तो जांच पुलिस करेगी ही. लेकिन उससे पहले लोगों ने एक ज्वलंत सवाल उठाया है.

रोहिणी रोड अपशकुन होता जा रहा है. इस रोड की अवस्था में सुधार और सड़क दुर्घटना में घायलों को समय पर चिकित्सा मिल सके, इसके लिए लोगों ने प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की है. ताकि किसी भी घायल की समय रहते जान बचाई जा सके. अगर इस तरह की व्यवस्था होती तो अभिषेक साहा को भी बचाया जा सकता था!

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