June 29, 2026
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उत्तर बंगाल में आफत की बारिश: मिरिक में भूस्खलन, कूचबिहार में बाढ़ जैसे हालात; सिलीगुड़ी-माटीगाड़ा भी जलमग्न !

Disasterous rains lash North Bengal: Landslides in Mirik, flood-like conditions in Cooch Behar; Siliguri-Matigara areas also submerged

लगातार हो रही भारी बारिश ने उत्तर बंगाल के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कई नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दार्जिलिंग जिले के मिरिक इलाके में भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे सिलीगुड़ी-मिरिक मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क पर पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग बंद हो गया। प्रशासन की ओर से मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन स्थिति सामान्य होने में समय लगने की संभावना है।

वहीं, कूचबिहार और अलीपुरदुआर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कूचबिहार के हरिपुर क्षेत्र में कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारत-भूटान सीमा से सटे जयगांव क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

लगातार बारिश के कारण तीस्ता, तोरसा, महानंदा, संकोष और जलढाका जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

इससे पहले फूलबाड़ी स्थित महानंदा बैराज में भी जलस्तर बढ़ने के कारण स्थिति गंभीर हो गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर बैराज के कई लॉकगेट खोल दिए गए थे। लॉकगेट खुलने के बाद पानी का तेज बहाव देखने को मिला। प्रशासन ने लोगों से बैराज और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की थी।

सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा इलाके में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। खापराइल मोड़ सहित कई आवासीय क्षेत्रों, सड़कों और घरों में पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

माटीगाड़ा ब्लॉक स्वास्थ्य केंद्र भी जलभराव से प्रभावित हुआ, जहां परिसर और कुछ हिस्सों में पानी भरने से मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी हुई। आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बेहतर जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश के दौरान ऐसी समस्या उत्पन्न होती है।

स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के परिवहन राज्यमंत्री और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी के विधायक मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों और स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

इधर, धोत्रे से मानेभंजन रोड की खराब हालत को लेकर भी स्थानीय लोगों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। सड़क के गड्ढों और जलभराव वाले हिस्सों में ग्रामीणों ने धान रोपकर और बत्तख छोड़कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण आम लोगों, छात्रों और पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तर बंगाल में लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से भी सावधानी बरतने और नदी या जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

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