July 13, 2024
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केजरीवाल को मिल गई बेल!

आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा करने का आदेश दे दिया है. उन्हें 1 जून तक के लिए ही अंतरिम राहत मिली है. अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले ईडी ने उन्हें इस मामले में पूछताछ के लिए 9 समन जारी किए थे.

केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि केजरीवाल शराब घोटाले के मुख्य साजिश कर्ता थे. वे सीधे तौर पर शराब कारोबारी से रिश्वत मांगने में शामिल थे. केजरीवाल पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया और जेल से ही सरकार चलाई है. आपको बता दूं कि इस मामले में ईडी ने अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, मनीष सिसोदिया आदि भी जेल जा चुके हैं. कुछ समय पहले ही संजय सिंह को जमानत मिली है.

अरविंद केजरीवाल या तो आज ही तिहाड़ जेल से रिहा हो जाएंगे या फिर कल तक उनके बाहर आने की उम्मीद है. आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आज ही केजरीवाल के जेल से रिहा होने की बात कही है. कानून विशेषज्ञों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट का आर्डर ट्रायल कोर्ट में जाएगा. इसके बाद ट्रायल कोर्ट में बेल बांड भरा जाएगा. फिर ट्रायल कोर्ट रिलीज ऑर्डर तैयार करके तिहाड़ जेल प्रशासन को भेजेगा. उसके बाद ही अरविंद केजरीवाल को जेल से रिहा किया जाएगा. आज रात भी केजरीवाल जेल से बाहर आ सकते हैं या फिर कल सुबह तक.

अरविंद केजरीवाल 10 दिनों तक ईडी की हिरासत में रहे थे. 1 अप्रैल को ट्रायल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था. उसके बाद से वह तिहाड़ जेल में ही थे. अरविंद केजरीवाल को बेल मिलने के बाद कांग्रेस समेत कई दलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में अपनी सभी संकल्प सभाओं को रद्द कर दिया है और नए सिरे से प्रचार योजना बनाने का फैसला किया है.

जेल से आने के बाद अरविंद केजरीवाल दिल्ली में अपनी पार्टी का जोरदार तरीके से चुनाव प्रचार कर सकेंगे. क्योंकि अदालत ने केजरीवाल के चुनाव प्रचार पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने अपने नेता का स्वागत करने की तैयारी शुरू कर दी है. ऐसा माना जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल के जेल से बाहर आने और अपनी पार्टी का चुनाव प्रचार करने का मतदाताओं पर असर पड़ सकता है. हालांकि यह सीटों में कन्वर्ट हो सकेगा, अभी से कहना मुश्किल है.

(अस्वीकरण : सभी फ़ोटो सिर्फ खबर में दिए जा रहे तथ्यों को सांकेतिक रूप से दर्शाने के लिए दिए गए है । इन फोटोज का इस खबर से कोई संबंध नहीं है। सभी फोटोज इंटरनेट से लिये गए है।)

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