June 9, 2026
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‘सिफर’ की ओर अग्रसर होती ममता बनर्जी! बंगाल से लेकर दिल्ली तक TMC में घमासान!

Mamata Banerjee is heading towards zero! From Bengal to Delhi, the TMC is in turmoil.

घर बनाने में समय,श्रम और पैसा भी लगता है. लेकिन जब वही घर बनकर तैयार हो जाता है, तो घर मलिक अपना सारा कष्ट भूल जाता है.दूसरी तरफ बना बनाया घर एक झटके में गिरा दिया जाता है तो उतना ही दुख भी होता है. बंगाल की मां, माटी और मानुष की आशा और आकांक्षाओं के अनुरूप ममता बनर्जी ने जिस पार्टी को खड़ा किया था, सींचकर परवान चढ़ाया, आज उनका वही घर उजड़ गया प्रतीत होता है. यह सब उनकी आंखों के सामने हो रहा है और वह इतनी बेबस हो गई है कि अपना घर उजड़ते देखने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं रह गया है.

अब काफी विलंब हो चुका है. भाईपो के मोह की शिकार ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में कोलकाता से लेकर दिल्ली तक घमासान मचा हुआ है. लोकसभा में अभिषेक का पद छीनने की बागी गुट की तैयारी चल रही है. टीएमसी का बागी गुट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अपनी भविष्य की रणनीति को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है. टीएमसी के बागी गुट ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का भी फैसला कर लिया है. बागी गुट में 20 टीएमसी सांसदों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है. बागी गुट ने ऐलान किया है कि लोकसभा में अभिषेक बनर्जी नहीं बल्कि काकोली घोष पार्टी की ओर से सदन की नेता होगी.

सोमवार को दिल्ली में एक पर एक कई राजनीतिक घटनाक्रम हुए. टीएमसी के 14 लोकसभा सांसदों ने भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के घर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मिले. उनके बीच मीटिंग भी हुई. मीटिंग खत्म होने के बाद वरिष्ठ टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने मीडिया के सामने दावा किया कि टीएमसी के लगभग 20 सांसद एनडीए सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सूचना भी दे दी है.

वर्तमान में टीएमसी के 28 लोकसभा सांसद और 12 राज्यसभा सांसद हैं. संविधान के अनुसार टीएमसी के सांसदों के द्वारा अलग गुट बनाने के लिए कम से कम 12 सांसद चाहिए.जबकि बागी गुट ने दावा किया है कि उनके साथ 20 टीएमसी सांसद हैं जो उनका समर्थन करेंगे. बागी गुट की ओर से काकोली घोष ने दावा किया है कि उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेज दिया है. इस पत्र में बागी सांसदों की ओर से एनडीए सरकार को समर्थन करने की इच्छा व्यक्त की गई है.

मजे की बात है कि ममता बनर्जी दिल्ली में थी और वह इंडिया ब्लॉक के राजनीतिक दलों की मीटिंग में शामिल हुई थी. दूसरी तरफ बागी अपना खेल दिखा रहे थे. काकोली घोष ने मीडिया के सामने कहा कि अभिषेक बनर्जी लोकसभा में टीएमसी के नेता हैं. लेकिन उनके पास संख्या बल नहीं है.संख्या बल बागी गुट के पास है और बागी गुट की नेता काकोली घोष है. इसलिए सदन का नेता काकोली घोष को होना चाहिए. यह सारा खेल राज्य विधानसभा की तरह ही दिल्ली में खेला गया है. बता दें कि राज्य विधानसभा में 60 टीएमसी विधायकों के गुट को भाजपा सरकार ने मान्यता दे दी है. इस गुट के नेता हैं रितव्रत बनर्जी.

दिल्ली में भी ऐसा ही खेल खेला गया है. ममता बनर्जी जब बंगाल की मुखिया थी, तो वह अक्सर अपने भाषणों में खेला होने की बात करती थी. खासकर चुनाव के समय. लेकिन समय का तख्ता ऐसे पलटा कि अब उनके साथ ही खेला शुरू हो गया है और वह इस कदर मजबूर है कि इस खेल को चाह कर भी रोक नहीं सकती हैं. यह घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी धीरे-धीरे 0 की ओर जा रही है. बुजुर्गों ने कहा है कि सत्ता और पैसे का घमंड कभी नहीं करना चाहिए. क्योंकि यह स्थाई होता नहीं है. जो लोग बुजुर्गों की सीख को भूल जाते हैं, उनका हाल ऐसा ही होता है.

ऐसा प्रतीत होता है कि एनडीए का कुनबा बढ़ने वाला है. भारतीय जनता पार्टी इसी मौके की ताक में थी. कहीं ना कहीं भाजपा अपनी रणनीति में सफल रही है. टीएमसी में असंतोष तो पहले से ही था. लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार और उसके बाद विधानसभा में शोभन देव को विपक्ष का नेता बनाने की ममता बनर्जी की आनन-फानन में की गई तैयारी उन पर भारी पड़ी है. यहीं से टीएमसी में बुरे दौर की शुरुआत हुई. पहले राज्य में और अब दिल्ली में भी यह दिखने लगा है.

धीरे-धीरे बागी सांसदों की भड़ास भी सामने आने लगी है. यह बागी सांसद ममता बनर्जी के समय में उनके सामने बोलने की हिम्मत नहीं करते थे. आज वे उन्हें आंखें दिखा रहे हैं. ममता बनर्जी का ध्यान फिलहाल इंडिया गठबंधन को एकजुट करने और लोकसभा चुनाव में एनडीए खासकर बीजेपी को घेरने का है. लेकिन ममता बनर्जी जिस स्थिति में पहुंच चुकी है, वहां इंडिया ब्लॉक में उन्हें कितनी अहमियत मिलेगी, यह तो भविष्य ही बताएगा. क्योंकि चढते सूरज की सभी पूजा करते हैं. ममता बनर्जी का सूरज अस्त हो चुका है.

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