August 21, 2026
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प्रधानमंत्री आवास योजना में मिले पैसे की ‘हेराफेरी’ करने वाले सिलीगुड़ी के कई लोग जाएंगे जेल!

Many people from Siliguri who 'misappropriated' the money received under the Pradhan Mantri Awas Yojana will go to jail!

सिलीगुड़ी नगर निगम के विभिन्न वार्डों में रहने वाले खासकर 5 नंबर बोरो के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 40,41 और 42 के कई लोगों की आजकल रातों की नींद उड़ चुकी है.वे काफी डरे हुए हैं. क्योंकि उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि सिलीगुड़ी नगर निगम की नोटिस का क्या जवाब दे. उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ रही है. वे कभी भाग कर अधिकारियों के पास जा रहे हैं तो कभी बीजेपी के नेताओं के पास.

सिलीगुड़ी नगर निगम के कुछ पूर्व पार्षद तो ऐसे भी हैं, जो अपने लोगों को सांत्वना देने की बजाय काफी डरे हुए हैं. क्योंकि खुद उनके दामन भी दागदार बन चुके हैं. जब उन्होंने पीएम आवास योजना के लाभार्थियों की सूची तैयार की, तब उन्हें उम्मीद भी नहीं थी कि एक दिन उनके द्वारा की गई अनियमितता उन पर भारी पड़ जाएगी. चलिए बताते हैं कि आखिर सिलीगुड़ी के कुछ पूर्व पार्षद और कुछ लोग क्यों डरे हुए हैं.

जब राज्य में टीएमसी की सरकार थी, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिलीगुड़ी समतल और पहाड़ में कई ऐसे लोगों को योजना के लाभार्थियों की सूची में शामिल किया गया, जो इस योजना के पात्र ही नहीं थे. लेकिन भाई भतीजावाद और पार्टी, संगठन तथा अप्रोच का लाभ उठाकर कई ऐसे लोग योजना के लाभार्थी बन गए, जिनके पास पहले से ही बड़े-बड़े मकान और प्रतिष्ठान थे. इनमें सिलीगुड़ी के लोगों की एक अच्छी खासी संख्या भी थी.

अब सत्ता और सरकार बदलने के साथ ही ऐसे लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है. उनसे पैसे लौटाने के लिए कहा जा रहा है. अगर उन्होंने प्रशासन के निर्देशानुसार 10 दिनों के अंदर पैसे लौटा दिए या फिर मकान नहीं बनाए जाने का उचित कारण बता दिया तो उन्हें बख्शा जा सकता है. लेकिन जिन्होंने सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया है, उन्हें जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए.

सिलीगुड़ी नगर निगम ने तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सिलीगुड़ी नगर निगम के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची बना करके उनकी कुंडली भी तैयार कर ली है. किन-किन लोगों ने सरकारी पैसे का हिसाब नहीं दिया या फिर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया है, उन्हें चिन्हित करके नोटिस भेजा गया है और उन्हें 10 दिनों का समय दिया गया है. अगर 10 दिनों के भीतर कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया या फिर सरकारी पैसे नहीं लौटाए तो उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है.

तृणमूल कांग्रेस शासित बोर्ड के भंग होने के बाद नई सरकार के निर्देश पर सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है. प्रधानमंत्री आवास योजना मामले में सिलीगुड़ी नगर निगम के 3 नंबर वार्ड के दो लाभार्थियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है. दोनों व्यक्तियों ने सरकारी पैसा उठाया था. जबकि ये लोग आलीशान मकान में रहते हैं.

एक व्यक्ति के पास तो चार मंजिला मकान भी है. कई व्यक्ति ऐसे भी हैं, जिन्होंने काउंसिलर से अपने एप्रोच का लाभ उठाकर सरकारी पैसा उठाया और अपने मकान के निर्माण में लगा दिया. कई लोग तो ऐसे निकले जिन्होंने मकान बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पैसा उठाया और दूसरे मामले में खर्च कर दिए. ये लोग पार्षदों के करीबी निकले. उन्हें भी कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. सिलीगुड़ी नगर निगम को लगता है कि ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्होंने सरकारी पैसे की हेरा फेरी की है.

मिली जानकारी के अनुसार सिलीगुड़ी नगर निगम ने कुल 47 वार्डों में 135 लाभार्थियों को चिन्हित किया है. उन्होंने पीएम आवास योजना के तहत मकान की किस्त प्राप्त की. लेकिन उन्होंने मकान ही नहीं बनाया. संबंधित बोरो ऑफिस के जरिए सभी को नोटिस भेजा जा रहा है. अगर संबंधित व्यक्तियों के द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर जवाब दाखिल नहीं किया जाता है अथवा पैसे नहीं लौटाए जाते हैं तो संबंधित थाना में उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा.

आपको बताते चले की पिछली टीएमसी की सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों की सूची को लेकर कई सवाल उठाए गए थे. पहाड़ में तो योजना के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई और भाई भतीजावाद के तहत अपने लोगों को मकान आवंटित किए गए. या लाभार्थियों की सूची में उनका नाम दर्ज किया गया. बाद में भाजपा नेता राजू बिष्ट ने इस अनियमितता के खिलाफ दिल्ली दरबार में आवाज उठाई. कुछ समय के लिए आवास योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था.

बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना 1 के तहत वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2021-22 में कथित तौर पर कई अनियमितता हुई थी. इस योजना के तहत आवेदन करने के बाद कई लाभार्थियों को अलग-अलग चरणों में ₹50000 से लेकर 70000 रुपए तक उनके खाते में भेजे गए. सूत्रों ने बताया कि मात्र 10% लाभार्थियों ने ही योजना की राशि को सही जगह खर्च किया. जबकि 90% लोगों ने इस राशि का गलत इस्तेमाल किया था.

ऐसे दोषी लोग निगम का नोटिस पाने के बाद काफी डरे हुए हैं. कुछ लोगों ने तो जेल जाने के भय से योजना की राशि भी लौटानी शुरू कर दी है.

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