तीस्ता का रौद्र रूप, पहाड़ों पर मंडरा रहा खतरा
बारिश का तांडव, कई राज्यों में IMD का अलर्ट जारी
उत्तर बंगाल में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-10 (NH-10), जो सिलीगुड़ी को सिक्किम और कालिम्पोंग से जोड़ता है, एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गया है। रबीझोरा के पास NH-10 पर तीस्ता नदी का पानी तेज़ बहाव के साथ सड़क पर फैल गया है, जिससे यह मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।
वर्तमान स्थिति यह है कि NH-10 अब वाहनों के लिए नहीं, बल्कि तीस्ता नदी के बहाव के लिए खुला है। सड़क का कोई निशान नहीं दिख रहा, तेज़ जलधारा सड़क के ऊपर से बह रही है, जिससे हर प्रकार की आवाजाही रोक दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने NH-10 पर यात्रा को अत्यंत जोखिमभरा बताते हुए अलर्ट जारी किया है। रबीझोरा, रंगपो और सेवोक क्षेत्र में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे आगे भूस्खलन की आशंका भी जताई जा रही है।
यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे इस मार्ग से न गुजरें और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें।
गौरतलब है कि NH-10 हर मानसून में इस तरह की स्थिति से जूझता है। रबीझोरा, 29 माइल, और सेवोक बाजार जैसे हिस्से तीस्ता के उफान में बार-बार बह जाते हैं।
स्थानीय लोग और संगठन वर्षों से स्थायी ब्रिज और जलनिकासी तंत्र की मांग कर रहे हैं, मगर अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है।
भारी बारिश के कारण सिक्किम और कालिम्पोंग से उत्तर बंगाल का संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है।
तीस्ता बाजार के पास NH-10 पर पानी भरने से सड़क बंद है और दूसरी तरफ, कालिम्पोंग जाने वाला वैकल्पिक मार्ग भी भूस्खलन और जलभराव के कारण पूरी तरह ठप हो गया है।
वाहन चालकों और पर्यटकों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
देशभर में मौसम का कहर – IMD अलर्ट जारी
NH-10 की स्थिति ऐसे समय आई है जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
बिहार: सभी जिलों में ऑरेंज अलर्ट, मूसलधार बारिश की चेतावनी
पश्चिम बंगाल: बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन के चलते दक्षिण बंगाल में भारी वर्षा व आकाशीय बिजली
दिल्ली-NCR: 29 जुलाई से 3 अगस्त तक गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना
राजस्थान, मध्यप्रदेश: अगले 3 दिनों में भारी बारिश, कुछ क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़ की आशंका
उत्तर बंगाल के सात ज़िले:
दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कोचबिहार, मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर और अलीपुरद्वार जिलों में मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
समस्या हर साल लौटती है – समाधान कब?
NH-10 न केवल उत्तर बंगाल बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व भारत की आर्थिक व सामरिक जीवन रेखा है। मगर हर वर्ष यह प्राकृतिक आपदा का शिकार बनता है।
सरकार और एजेंसियों को इस पर दीर्घकालीन समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, वरना हर मानसून यही संकट लौटेगा — और जनजीवन व आपूर्ति प्रणाली दोनों बुरी तरह प्रभावित होते रहेंगे।
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स
NH-10 से गुजरना खतरे से खाली नहीं!
- by Ryanshi
- July 29, 2025
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- 1 year ago
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