राज्य में भाजपा सरकार क्या आई, सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों की तकदीर के बंद दरवाजे खुल गए. टीएमसी की सरकार में माटीगाड़ा से लेकर शिव मंदिर और बागडोगरा तक जैसा विकास होना चाहिए, वैसा नहीं हुआ. जबकि इन इलाकों में विकास की काफी संभावनाएं हैं. पंचायत क्षेत्र में शामिल माटीगाड़ा, शिव मंदिर और बागडोगरा इलाकों में रहने वाले बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रहे हैं. अब इन इलाकों में रहने वाले लोगों को पेय जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, कचरा अपशिष्ट निदान और वे सभी सुविधाए॔ मिलने जा रही हैं, जो नगर निगम इलाके में रहने वाले लोगों को मिलती है.
आपने सही अंदाजा लगाया. माटीगाड़ा, शिव मंदिर,बागडोगरा आदि इलाके एकीकृत शहरी निकाय प्रणाली के तहत सिलीगुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़े जाएंगे. अर्थात सिलीगुड़ी नगर निगम का विस्तार होने जा रहा है और एक नया सिलीगुड़ी नगर निगम बनाया जाएगा जो काफी बृहद होगा. दरअसल सिलीगुड़ी को जिला बनाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है. तकनीकी तैयारी पूरी करने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर काम होगा.
बंगाल की डबल इंजन सरकार 5 साल का काम 5 महीने में ही पूरा कर लेना चाहती है. राज्य में नई भाजपा सरकार आने के साथ ही भाजपा के घोषणा पत्र के तमाम बिंदुओं पर काम शुरू हो चुका है. सिलीगुड़ी को जिला बनाने की काफी समय से माग हो रही है. यह सिलीगुड़ी ही नहीं बल्कि आसपास के तमाम शहरी और ग्रामीण इलाकों के सर्वांगीण विकास के लिए भी जरूरी है इन इलाकों में विभिन्न तरह की सुविधाओं का अभाव है. लोगों को शुद्ध पीने का पानी नहीं मिल रहा है स्वास्थ्य सेवाएं भी काम है इसके अलावा सड़क शिक्षा साफ सफाई ठोस कचरा प्रबंधन इत्यादि का काफी अभाव है
अब नई सरकार के आने के साथ ही इस पर विचार बैठकों का दौर शुरू हो चुका है. पिछले दिनों दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिष्ट, सिलीगुड़ी के आसपास के इलाकों के विधायक, दार्जिलिंग पहाड के विधायक, जिलाधिकारी,जीटीए अधिकारी ,एसडीओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी इत्यादि की इस संबंध में एक समीक्षा बैठक हुई थी जिसमें सिलीगुड़ी को जिला बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी के विभिन्न बिंदुओं पर विचार किया गया. समीक्षा बैठक में विभिन्न विधायकों से उनकी राय जानने की भी कोशिश की गई.
सिलीगुड़ी जिला बनेगा तो उसकी प्रशासनिक व्यवस्था भी काफी मजबूत होनी चाहिए. नया नगर निगम के साथ समन्वय कैसा होना चाहिए, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी क्या हो और बेहतर नागरिक सुविधाएं क्या होनी चाहिए, इस पर विचार किया गया है. इन इलाकों में सफाई व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है. इसके अलावा यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था के साथ ही नागरिक सुविधाएं भी अच्छी नहीं है. अगर राज्य सरकार की योजना क्रियान्वित की जाती है तो इसका लाभ सभी लोगों को कैसे मिल सके, इस पर भी चर्चा की गई है
. वर्तमान समय में माटीगाड़ा, शिव मंदिर, बागडोगरा आदि इलाके तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्र हैं. लेकिन ये पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत विकसित नहीं हो सकते हैं. इसके लिए उन्हें नगर निगम क्षेत्र में शामिल किया जाना जरूरी है. इन इलाकों में प्रशासनिक व्यवस्था भी अच्छी नहीं है. तमाम विभागों के बीच समन्वय का अभाव है. कानून व्यवस्था की स्थिति तो ऐसी रही है कि टीएमसी सरकार ने कभी भी इन ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शी शासन व्यवस्था संचालन का प्रयास ही नहीं किया. अगर यहां मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और अच्छी कानून व्यवस्था रहती तो माटीगाड़ा इलाके में पाकिस्तान बस्ती के नाम से कोई जगह भी नहीं होती.
इन इलाकों में अपराध काफी फल फूल रहे हैं. अपराधी दूसरे इलाकों से अपराध करके यहीं शरण भी लेते हैं, जिसको समय रहते नियंत्रित करने की कोशिश नहीं की गई. यहां रहने वाले लोगों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. व्यवसाय से लेकर रोजगार के क्षेत्र में भी लोगों को संघर्ष करते देखा गया है. कोई ज्यादा दिन नहीं हुए. यहां कटमनी और अवैध वसूली भी होती थी. अब इन इलाकों को बृहद सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में शामिल कर देने से न केवल यहां विकास होगा बल्कि अपराध और अपराधियों पर भी नकेल कसने में प्रशासन को सफलता मिलेगी.
जब से लोगों को भाजपा सरकार की इस पहल का पता चला है तभी से इलाके में खुशियां देखी जा रही है. अब यहां के लोगों को एक नई जिंदगी के साथ ही उज्जवल भविष्य नजर आ रहा है.इसलिए वे प्रशासन के साथ कदमताल करने के लिए तैयार हैं. माटीगाड़ा क्षेत्र के विधायक आनंद मय बर्मन ने कहा कि माटीगाड़ा और संलग्न इलाकों के समग्र विकास के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम कहा जा सकता है. हमारी सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था की समस्या का त्वरित समाधान ढूंढने के लिए सभी तरह के कदम उठा रही है.
सिलीगुड़ी जिला बन जाने से एक मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था कायम होगी, जिसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था के अलावा सड़क, ट्रैफिक जाम, ठोस कचरा प्रबंधन, पर्यटन और जनहित के तमाम मुद्दों पर त्वरित रिजल्ट सामने आएगा. यहां के लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. पारदर्शिता और अच्छी व्यवस्था के तहत ही नागरिकों का कल्याण और विकास होता है. इन इलाकों में चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिक काफी उपेक्षित जिंदगी जी रहे हैं. यहां प्रशासनिक व्यवस्था और बृहद एकीकृत शहरी निकाय प्रणाली स्थापित हो जाने से सभी विभागों में काम करने में पारदर्शिता आएगी. चाय बागानों के श्रमिकों के कार्यों में भी पारदर्शिता तथा उनका वेतन भुगतान समय पर हो, इसकी भी व्यवस्था सुचारू रूप से हो सकेगी.
हालांकि सिलीगुड़ी में नशा मुक्ति के लिए स्थानीय प्रशासन ने काम जरूर किया था. लेकिन उसका लाभ नहीं मिला. ठोस और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था तथा बृहद सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र बन जाने से इन इलाकों में फल फूल रहे नशे के कारोबार पर लगाम लगाने में आसानी होगी.इसके साथ ही सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेय जल ,ट्रैफिक जाम, अवैध भूमि कब्जा, महिला बाल तस्करी, भ्रष्टाचार और तमाम मुद्दों पर गंभीरता पूर्वक ध्यान दिया जा सकेगा. जबकि नागरिकों के जनहित के अनेक मुद्दों को भी सुलझाने में सफलता मिलेगी. बहरहाल देखना होगा कि राज्य सरकार की यह योजना कब तक फ्लोर पर आती है!
