राज्य में सत्ता क्या बदली, पहाड़ पर बहार ही लौट गई है! पहाड़ एक नई अंगड़ाई ले रहा है. दार्जिलिंग पहाड़, तराई और Dooars के दिन फिरने जा रहे हैं. बरसों से उपेक्षित इन क्षेत्रों के लोगों की आकांक्षाएं मूर्त रूप लेने जा रही हैं. यह पहाड़ के लिए एक ऐसी बड़ी खुशखबरी है, जिसको पाने के लिए पहाड़ बरसों से बेसब्री से इंतजार कर रहा था. यहां के लोगों के सपने और आकांक्षाएं जल्द ही धरातल पर उतरने जा रही हैं.
आप समझ गए होंगे. पहाड़, तराई और Dooars के लोग वर्षों से स्थाई राजनीतिक समाधान की मांग कर रहे थे. लेकिन तब राज्य में ममता बनर्जी की टीएमसी की सरकार थी और केंद्र में बीजेपी की सरकार. बीच में पीस रहा था पहाड़. यहां स्थाई राजनीतिक समाधान के लिए बार-बार त्रिपक्षीय बैठक बुलाई जाती रही. दिल्ली में बैठक भी हुई. लेकिन उसमें राज्य सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी. इस तरह से पहाड़ का मामला अधर में लटकता रहा.
बताते हैं भाजपा प्रवक्ता राजू बिष्ट. हमने इस दिशा में राज्य सरकार को भी पत्र लिखा. पहाड़ के स्थाई राजनीतिक समाधान के लिए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रियों से अनुरोध कर वार्ताकार की भी नियुक्ति करवा दी. लेकिन राज्य सरकार ने कोई सहयोग नहीं किया. लेकिन अब वह दिन लद गए. हमारी नई सरकार दार्जिलिंग क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर संवाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए गंभीर है. हमने प्रयास तेज कर दिए हैं. मुख्यमंत्री का पूरा साथ मिल रहा है. इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि जल्द ही पहाड़ के लोगों को खुशखबरी मिलने वाली है.
यह एक ऐसा मामला है, जिसके समाधान के लिए केंद्र, राज्य और पहाड़ के प्रतिनिधि संगठनों का आपस में समन्वय जरूरी होता है. अब राज्य में भाजपा की सरकार है. केंद्र में भी भाजपा नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार है. ऐसे में यह उम्मीद बढी है कि जल्द ही पहाड़ का स्थाई राजनीतिक समाधान होगा. पहाड़ के स्थाई राजनीतिक समाधान के लिए केंद्र सरकार की ओर से मध्यस्थ की भी नियुक्ति कर दी गई है. पंकज कुमार सिंह योग्य अनुभवी व्यक्ति हैं, जो पहाड़ और राज्य सरकार के बीच एक सेतु का काम करेंगे.
राज्य में भाजपा की सरकार का एक माह हो चुका है. लेकिन सुवेंदु अधिकारी की सरकार 1 महीने में ही 1 साल का काम कर चुकी है. 2026 के विधानसभा चुनाव में केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहाड़ के गोरखा लोगों को आश्वासन दिया था कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही पहाड के स्थाई राजनीतिक समस्या समाधान के लिए पहल शुरू कर दी जाएगी. राज्य की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस दिशा में पहल कर दी है.
बीते दिनों नवान्न में पहाड़ के लंबित राजनीतिक मुद्दे के समाधान के क्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में क्षेत्रीय वार्ताकार पंकज कुमार सिंह, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉक्टर सुब्रत गुप्ता, गृह एवं पहाड़ मामलों के सचिव तथा राज्य के पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में मुख्यमंत्री ने पहाड़ के स्थाई राजनैतिक समाधान के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया है.
अब तक की यह पहली बैठक थी, जिसमें राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान हो, इसके लिए उनकी सरकार के द्वारा सभी तरह के आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. यह अपनी तरह की पहली सकारात्मक बैठक थी. इसलिए राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि वह दिन दूर नहीं, जब पहाड़ के लोगों को लंबे समय से लंबित अपने मुद्दों के समाधान के लिए और ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
