सिलीगुड़ी: भारत-नेपाल सीमा स्थित पानीटंकी के पुराने पुल के पास बीआईटी चेकपोस्ट पर 41वीं बटालियन एसएसबी के जवानों ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी नेपाल से भारत में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। जांच के दौरान पता चला कि उसके पास मौजूद भारतीय वीजा की अवधि काफी पहले समाप्त हो चुकी थी।
एसएसबी सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 36 वर्षीय मोहम्मद मुख्तार हुसैन के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश के ढाका जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित मदन मोहनपुर गांव का निवासी है। नियमित जांच अभियान के दौरान मंगलवार को उसे बीआईटी चेकपोस्ट पर रोका गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना पासपोर्ट और वीजा प्रस्तुत किया। दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि वह 30 अगस्त 2023 को हरिदासपुर इमिग्रेशन चेकपोस्ट के माध्यम से भारत में दाखिल हुआ था। उसके वीजा की वैधता 23 सितंबर 2023 को समाप्त हो गई थी। हालांकि, वीजा समाप्त होने के बाद भी वह लगभग एक वर्ष तक कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में अवैध रूप से रह रहा था।
जांच में यह भी पता चला कि कोलकाता में रहने के दौरान एक दलाल ने उसे नेपाल के रास्ते यूरोप में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। दलाल की मदद से वह नेपाल पहुंच गया। हालांकि, वह यह स्पष्ट नहीं कर सका कि वह किस मार्ग से और कैसे नेपाल गया था। पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से वह नेपाल में वेल्डर का काम कर रहा था। बाद में संबंधित दलाल ने उससे संपर्क तोड़ लिया।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजे जाने की खबर मिलने के बाद उसकी मां ने उसे स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने की सलाह दी। इसके बाद वह काठमांडू से बस के जरिए काकरभिट्टा पहुंचा और पानीटंकी के पुराने पुल से पैदल भारत में प्रवेश करने का प्रयास किया।
एसएसबी, खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त पूछताछ के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए खोरीबाड़ी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उसके खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह नेपाल कैसे पहुंचा तथा इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।

