दार्जिलिंग, तराई और डुआर्स क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित राजनीतिक मुद्दे के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने जानकारी दी कि गुरुवार को कोलकाता स्थित नबान्न में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई।
राजू बिष्ट के अनुसार, यह पहली औपचारिक बैठक थी जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त क्षेत्रीय वार्ताकार पंकज कुमार सिंह एक साथ शामिल हुए। बैठक में दार्जिलिंग क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर संवाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और संवैधानिक समाधान की दिशा में प्रयास तेज करने पर चर्चा हुई।
सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वार्ता प्रक्रिया में राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पक्ष मिलकर सकारात्मक संवाद के माध्यम से जल्द से जल्द संवैधानिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
राजू बिष्ट ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा नियुक्त वार्ताकार के साथ संवाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग नहीं किया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से वार्ता प्रक्रिया को नई गति मिलेगी।
सांसद ने दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डुआर्स के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने से क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद जगी है।
बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. सुभ्रत गुप्ता, गृह एवं पहाड़ मामलों के सचिव तथा राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बैठक के बाद दार्जिलिंग क्षेत्र से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर संवाद प्रक्रिया को नई दिशा मिल सकती है।

