जैसे-जैसे चुनाव निकट आता जा रहा है, डाबग्राम फुलबाड़ी के राजनीतिक माहौल में उबाल आता जा रहा है. हालांकि शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है.पुलिस केंद्रीय बलों की मदद से शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है. लेकिन इन सब के बावजूद राजनीतिक दलों का संग्राम, एक दूसरे दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हमले, उम्मीदवारों की जुबानी जंग अपनी जगह पर कायम है. ऐसी ही घटनाओं की कड़ी में एक और सनसनीखेज घटना जुड़ गई है. यह घटना आशिधर आउट पोस्ट इलाके की है.
सामाजिक और भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक कार्यकर्ता और स्थानीय नेता जितेंद्र सरीन हैदरपाडा में रहते हैं. वह फूड कॉरपोरेशन आफ इंडिया के एडवाइजरी कमेटी के मेंबर भी हैं. उन्होंने आशिधर आउटपोस्ट में एक एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके आधार पर यह घटना सुर्खियों में है. धार्मिक चरक पूजा का कार्यक्रम चल रहा था. इस कार्यक्रम में जितेंद्र सरीन को भी आमंत्रित किया गया था. लेकिन वह किसी कारण से पूजा कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके थे.पर उन्होंने अपने ड्राइवर को कार्यक्रम में जरूर भेजा था.
उनका ड्राइवर गाड़ी लेकर चरक पूजा कार्यक्रम में शामिल होने गया था. चरक पूजा कार्यक्रम समाप्त होते होते रात हो गई. पूजा समापन के बाद देर रात को उनका ड्राइवर गाड़ी लेकर घर लौट रहा था. अंधेरी रात और रास्ता सुनसान था. तभी रास्ते में लगभग दो दर्जन लोगों ने जितेंद्र सरीन के गाड़ी में मौजूद होने के भ्रम में उनकी गाड़ी को घेर लिया और हमला कर दिया. उन्होंने ड्राइवर से जितेंद्र सरीन के बारे में पूछा. ड्राइवर ने बताया कि वह गाड़ी में नहीं है. इस पर हमलावरों ने ड्राइवर को मारना पीटना शुरू कर दिया.
कुछ हमलावरों ने स्वयं ही गाड़ी में जितेंद्र सरीन को ढूंढने की कोशिश की. लेकिन वह गाड़ी में मौजूद ही नहीं थे. तब उन्होंने उनके चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी. हमलावरों का नेतृत्व लोकनाथ साहा और पोषण प्रसाद कर रहे थे. उन्होंने ड्राइवर को पीटते हुए कहा कि वह जितेंद्र सरीन का पता बता दे तो उसे छोड़ दिया जाएगा. लेकिन ड्राइवर कुछ नहीं बोला तो उनलोगों ने लोहे की राॅड, लकड़ी के बटाम और धारधार हथियारों से उस पर एक साथ हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया.
कुछ हमलावर जितेंद्र सरीन को आसपास ढूंढ रहे थे. यह सोचकर कि कहीं खतरा देखकर जितेंद्र सरीन पहले ही गाड़ी से उतर कर छुप ना गए हो. उनके नहीं मिलने से हमलावर ड्राइवर पर अपनी भड़ास निकाल रहे थे. रात के सन्नाटे में ड्राइवर की चीखें गूंज रही थी. उन्होंने ड्राइवर को मारपीट कर मूर्छित कर दिया और गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर दिए. जाते-जाते हमलावरों ने गाड़ी के डैशबोर्ड से लगभग 43000 नगद भी लूट लिए.
इस बीच गाड़ी के ड्राइवर को होश आया तो उसने मदद के लिए आसपास के लोगों को आवाज़ लगाई. भक्ति नगर पुलिस को भी सूचना दी गई. तब तक हमलावर फरार हो चुके थे. कुछ देर के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची. गाड़ी के मालिक जितेंद्र सरीन को फोन करके घायल ड्राइवर को आनन फानन में सिलीगुड़ी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां अभी भी उसका इलाज चल रहा है.
FIR के अनुसार हमलावर तृणमूल कांग्रेस समर्थित लोग थे, जिनका निशाना जितेंद्र सरीन थे. अगर वह मौके पर होते तो पता नहीं उनके साथ क्या होता! डाबग्राम-फुलबाड़ी में इस घटना ने राजनीतिक उबाल ले लिया है. आशीधर आउटपोस्ट में जितेंद्र सरीन ने हमलावरों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. पुलिस पर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दबाव बढ़ाया जा रहा है. पुलिस ने नामजद आरोपियों में से एक व्यक्ति प्रसनजीत प्रसाद उर्फ पोशन को गिरफ्तार कर आज जलपाईगुड़ी कोर्ट में पेश किया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
