May 29, 2026
Sevoke Road, Siliguri
प्रमुख हेडलाइंस और अपडेट्स good news liquor newsupdate siliguri SILIGURI MUNICIPAL CORPORATION WEST BENGAL westbengal

सिलीगुड़ी में स्कूल-कॉलेज और मंदिर के 1 KM के दायरे में शराब की दुकानें नहीं होंगी!

There will be no liquor shops within 1 km radius of schools, colleges and temples in Siliguri.

प्रदेश के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा क्या कर दी, सिलीगुड़ी में तो धार्मिक और शैक्षणिक संस्थाओं में खुशी की लहर देखी जा रही है. छोटे से शहर सिलीगुड़ी में दर्जनों वाइन शॉप हैं, जो स्कूलों और मंदिरों के आसपास या कह सकते हैं कि 1 किलोमीटर के दायरे के अंतर्गत स्थित हैं. जब सुबह के समय मंदिरों में घंटे बजा कर भगवान की आरती की जाती है, तो उस समय वहां से कुछ ही कदम हटकर वाइन शॉप से शराब पीकर झूमते जाते शराबियों को देखकर उन पुजारी और भक्तों पर क्या बीतता होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है!

इसी तरह से जरा कल्पना करिए कि किसी स्कूल के आसपास वाइन शॉप स्थित हो तो विद्यालय और विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों पर क्या असर पड़ेगा! इन दारू की दुकानों और दारू पीकर रास्ते में गुजरते लोगों को देखकर बच्चे क्या सीख लेंगे! वे विद्यालय में पढ़ाई गई ज्ञान की बातें ही भूल जाएंगे. जाहिर है इसका असर विद्यालय के परिवेश और बच्चों के भविष्य पर जरूर पड़ता है. इसीलिए आज सिलीगुड़ी के स्कूल कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, विद्यार्थी ,शिक्षक और मंदिर के पुजारी, भक्त सब खुश नजर आ रहे हैं और भाजपा सरकार को धन्यवाद कह रहे हैं.

यह बताने की जरूरत नहीं है कि सिलीगुड़ी में निजी स्कूलों की बाढ़ सी आई है. कुछ स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो कई छोटे-बडे स्कूलों के आसपास कई वाइन शॉप स्थित हैं, जो 1 किलोमीटर के दायरे से भी कम दूरी पर स्थित हैं. पश्चिम बंगाल की सरकार ने फैसला किया है कि यहां कोई भी नई शराब की दुकान भविष्य में नहीं खोली जाएगी और जो दुकान चल रही है, उन्हें सरकारी निर्देश का पालन करना होगा. बच्चों के भविष्य और अच्छी शिक्षा को ध्यान में रखकर भाजपा सरकार जल्द ही गाइडलाइंस जारी कर सकती है. इससे शिक्षा के माहौल में अपेक्षित सुधार होगा.

इसी तरह से अगर सिलीगुड़ी के मंदिरों और धार्मिक स्थलों की बात करें तो संतोषी नगर से लेकर सालूगाड़ा तक कई धार्मिक स्थल ऐसे हैं जिनके निकट में ही वाइन शॉप स्थित हैं. इन वाइन शॉप के कारण धार्मिक पवित्रता भंग होती है. बहुत से धार्मिक धार्मिक व्यक्तियों, संस्थानों, पुजारियो॔ और पंडितों ने स्थिति में बदलाव के लिए पहले भी प्रशासन से आग्रह किया था. लेकिन तब राज्य में टीएमसी की सरकार थी. उनकी अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.

अब उन्हें लगता है कि प्रदेश में नई सरकार आई है जो धर्म और धार्मिक स्थलों के बारे में एक अच्छा विचार रखती है. उन्हें लगता है कि भविष्य में धर्म और धार्मिक स्थलों की रक्षा हो सकेगी. इसलिए उनमें खुशी देखी जा रही है. सरकार का मानना है कि शैक्षणिक संस्थाओं और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती है. ऐसे में सरकार नई नीति ला सकती है. इससे संवेदनशील इलाकों में शराब बिक्री को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

अब सवाल यह है कि जो शराब की दुकानें पहले से ही सिलीगुड़ी में चल रही हैं और जो दुकानें स्कूल कॉलेज अथवा धार्मिक स्थल से एक किलोमीटर के दायरे के अंदर आती हैं, तो क्या उन्हें वहां से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएगा या तोड़ दिया जाएगा? हालांकि इस संदर्भ में भाजपा सरकार की कोई ताजा गाइडलाइंस नहीं आई है. पर सूत्र बताते हैं कि जो वाइन शॉप पहले से ही चल रहे हैं, ऐसी दुकानों के लिए सुवेंदु अधिकारी की सरकार एक नई गाइडलाइंस जारी कर सकती है. इसमें इस बात पर जोर दिया जा सकता है कि शैक्षणिक संस्थान और धार्मिक स्थलों का माहौल प्रदूषित न हो.

बहरहाल यह देखना होगा कि राज्य की नई भाजपा सरकार भविष्य में धार्मिक स्थलों व शैक्षणिक संस्थाओं की पवित्रता की रक्षा के लिए और कौन से नए कदम उठाती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *