सिलीगुड़ी: रेलवे की जमीन पर रहने वाले परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों ने अपने निवास संबंधी दस्तावेज़ जमा किए। दस्तावेज़ जमा करने के दौरान वृद्धों से लेकर युवाओं तक सभी आयु वर्ग के लोग लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों और सिलीगुड़ी बृहत्तर खुदरा व्यापारी संघ के प्रतिनिधि भी उनके समर्थन में मौजूद रहे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पिछले तीन से चार पीढ़ियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। ऐसे में यदि पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाया गया, तो उनके सामने गंभीर आवास और आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा।
वहीं, सीपीआई(एम) और व्यापारी संगठन के प्रतिनिधियों ने भी रेलवे प्रशासन से अपील की है कि किसी भी बेदखली की कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि वर्षों से बसे परिवारों के अधिकारों और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाना चाहिए।

