सिलीगुड़ी समेत पूरे बंगाल की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है. जो महिलाएं अन्नपूर्णा के लिए इतने दिनों से भागदौड कर रही थीं, उनका आवेदन स्वीकृत हो चुका है. बीडीओ ऑफिस, नगर निगम,नगर पालिका सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश महिलाओं का आवेदन स्वीकृत किया जा चुका है. 17 अगस्त को योजना की पहली किस्त उनके खाते में जमा हो जाएगी.
अगर आपका आवेदन 10 जुलाई तक स्वीकृत हो चुका है, तो 17 अगस्त को आपके खाते में सरकार का ₹3000 जमा हो जाएगा. जून महीने से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी. यह जुलाई तक चला था. इस प्रकार से जून और जुलाई दोनों महीनों का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है. सरकार ने बताया है कि अगस्त 10 तक वेरिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है. कम से कम 2 करोड़ आवेदन पत्र सरकारी पोर्टल पर पंजीकृत किए जा चुके हैं.
जिन महिलाओं को जून और जुलाई दोनों महीने अन्नपूर्णा के पैसे मिले हैं, उन्हें अगस्त महीने में तीसरी किस्त मिलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है.क्योंकि अगस्त महीने से उन्हीं महिलाओं के खाते में पैसा भेजा जाएगा, जिनके आवेदन पत्रों की जांच पूरी हो चुकी है. इस बार सरकार वोटर लिस्ट को देखकर पैसे नहीं भेज रही है. बल्कि महिलाओं के द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच पूरी होने पर पात्रता सिद्ध होने की स्थिति में ही उनके खाते में पैसा डीबीटी के जरिए भेजा जा रहा है. इसलिए अगर आप अन्नपूर्णा योजना की पात्र महिला हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आपको तीसरी किस्त भी मिलेगी.
उन महिलाओं को भी चिंतित होने की जरूरत नहीं है, जिनका पहले स्टेटस पेमेंट फेलियर दिखा रहा था, क्योंकि सरकारी सूत्र बताते हैं कि ऐसी महिलाओं का आवेदन पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है और उसके आधार पर सरकार ने उनके खाते में डीबीटी के जरिए पैसा ट्रांसफर किया था, लेकिन डीबीटी/ बायोमेट्रिक अथवा खाते में भूल या फिर खाता फ्रिज होने की स्थिति में बैंक ने पैसा स्वीकार नहीं किया. पिछली किस्त की रकम आपके खाते में जमा नहीं हो सकी. अगर आपका स्टेटस पेमेंट फेलियर था, तो अपनी बैंक शाखा में जाकर डीबीटी लिंक करा लें.
अगर 17 अगस्त को महिलाओं के खाते में अन्नपूर्णा का पैसा आ जाता है तो उन्हें अगले 5 वर्षों तक पैसा नियमित रूप से मिलता रहेगा. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बांकुड़ा में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान स्पष्ट कर दिया था कि जब तक बीजेपी की सरकार रहेगी,तब तक पात्र महिलाओं को हर महीने दूसरे हफ्ते में उनके खाते में योजना का पैसा जमा होता रहेगा. अर्थात अगस्त का महीना आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है.
ऐसी महिलाओं के लिए जिनके आवेदन पत्रों पर अब तक विचार नहीं किया गया है या फिर उनका स्टेटस अंडर इंक्वायरी दिखा रहा है, तो उन्हें ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है. क्योंकि अधिकांश अंडर इंक्वायरी आवेदन पत्रों को स्वीकृत किया जा चुका है. ऐसी महिलाएं बीडीओ ऑफिस, एसडीओ ऑफिस, नगर पालिका, नगर निगम के दफ्तरों में जाकर अपना स्टेटस चेक करवा रही हैं. अधिकांश महिलाओं का स्टेटस अप्रूव्ड हो चुका है. 17 अगस्त को ऐसी महिलाओं के खाते में अन्नपूर्णा योजना की पहली किस्त जमा हो जाएगी.
लेकिन अगर आपका आवेदन पत्र विचाराधीन है तो अगस्त महीने में आपके खाते में अन्नपूर्णा योजना का पैसा कदाचित जमा नहीं हो पाएगा. सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि 10 जुलाई के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों को अभी वेरिफिकेशन के दायरे में रखा गया है. इसलिए ऐसी महिलाओं के खाते में 17 अगस्त को अन्नपूर्णा का पैसा जमा नहीं हो सकेगा. क्योंकि अभी पोर्टल पर कोई भी नया आवेदन नहीं लिया जा रहा है. इसलिए जिन लोगों ने अपना आवेदन 10 जुलाई के बाद जमा किया है, उन्हें अगली सूचन तक इंतजार करना होगा.
जिनका वेरिफिकेशन अभी तक नहीं हुआ है, उन्हें इस महीने अन्नपूर्णा का पैसा नहीं मिलेगा. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि जिनका आवेदन विचाराधीन है, ऐसी महिलाएं पंचायत, BDO ऑफिस, नगर पालिका, नगर निगम, एसडीओ ऑफिस आदि दफ्तरों में जाकर अपना आवेदन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू करा सकती हैं. इसमें कोई भी सच्चाई नहीं है. क्योंकि ना तो एसडीओ ऑफिस और ना ही बीडीओ ऑफिस में अन्नपूर्णा योजना की कोई नई प्रक्रिया शुरू हो रही है. वहां सिर्फ आप अपना स्टेटस चेक करवा सकती हैं. इसके अलावा कोई नया काम वहां नहीं हो रहा है.
अगस्त का महीना सिलीगुड़ी समेत पूरे बंगाल की महिलाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण महीना कहा जा सकता है. क्योंकि इसी महीने प्राप्त अन्नपूर्णा का पैसा यह निर्धारित करेगा कि अगले 5 वर्षों तक लाभार्थियों को पैसा मिलता रहेगा. बंगाल सरकार महिला सशक्तिकरण के अगले विकल्प पर भी विचार कर रही है. जब तक सरकार के पास कोई ठोस योजना प्रस्तुत नहीं कर दी जाती, तब तक बंगाल की महिलाओं को यह सुविधा मिलती रहेगी.
आपको यह भी बता दूं कि उन महिलाओं को अन्नपूर्णा का लाभ नहीं मिलेगा, जिनके परिवार में आयकर दाता हों, जिनके परिवार की पृष्ठभूमि जीएसटी से शुरू होती है या फिर जिनके घर में कोई सरकारी सेवक हो या आंगनबाड़ी , आशा कर्मी आदि महिलाओं को सरकार की इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. बंगाल सरकार की पूरे देश में यह पहली योजना है, जहां महिलाओं को महीने में इतनी बड़ी धनराशि मिलती है. मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली आदि राज्यों में महिलाओं को दी जाने वाली हर महीने की सहायता ₹3000 से कम है.
