May 3, 2026
Sevoke Road, Siliguri
alert india khabar samay Medical

सावधान! 20 मई को देशभर में बंद रहेंगी दवा की दुकानें; ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों ने खोला मोर्चा !

https://khabarsamay.com/beware-pharmacies-will-remain-closed-nationwide-on-may-20th-chemists-have-launched-a-campaign-against-online-pharmacies/

देशभर में 20 मई को दवा दुकानों के बंद रहने की संभावना है। पारंपरिक दवा विक्रेताओं के सबसे बड़े संगठन ‘ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स’ (AIOCD) ने राष्ट्रव्यापी 24 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया है। इस प्रस्तावित हड़ताल में लगभग 12 लाख से अधिक दवा दुकानदारों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में आम जनता को दवाओं की उपलब्धता में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन मरीजों को जो नियमित रूप से जीवनरक्षक दवाओं पर निर्भर हैं।

AIOCD का कहना है कि ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन और फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। संगठन के मुताबिक यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दवाएं भारी छूट के साथ बेची जा रही हैं, जिससे पारंपरिक दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और बाजार में असंतुलन पैदा हो रहा है। संगठन ने ई-फार्मेसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

संगठन ने अपनी मांगों और चिंताओं को स्पष्ट करते हुए तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया है। पहला, ऑनलाइन दवा बिक्री में नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जिससे गलत या नकली दवाओं के बाजार में आने का खतरा बढ़ रहा है। दूसरा, बड़ी कंपनियों द्वारा दवाओं की कीमतों में मनमानी की जा रही है, जिससे छोटे दुकानदारों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो रहा है। तीसरा, कोविड-19 महामारी के दौरान घर-घर दवा पहुंचाने के लिए दी गई अस्थायी छूट का दुरुपयोग कर ई-फार्मेसी कंपनियां अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं।

AIOCD के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि दवाएं कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस क्षेत्र में सख्त नियम लागू नहीं किए गए तो यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारी छूट के कारण नकली दवाओं का प्रचलन बढ़ रहा है और मरीजों में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी समस्याएं तेजी से उभर रही हैं।

हालांकि, इस हड़ताल को लेकर दवा विक्रेताओं के बीच एकराय नहीं है। ‘ऑल इंडिया केमिस्ट्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन’ ने ई-फार्मेसी के खिलाफ आवाज उठाई है, लेकिन हड़ताल का समर्थन नहीं किया है। उनका मानना है कि इससे आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, खासकर उन लोगों को जो आपातकालीन दवाओं पर निर्भर हैं।

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे 20 मई से पहले अपनी जरूरी दवाएं खरीदकर सुरक्षित रख लें। खासकर बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज और नियमित दवा लेने वाले लोग पहले से तैयारी कर लें। हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाओं को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।

ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह स्थिति पर नजर बनाए रखे और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करे। सरकार और संबंधित विभागों से भी अपील की जा रही है कि वे इस मुद्दे का जल्द समाधान निकालें, ताकि मरीजों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *