मुझे तो अपनों ने ही लूटा, गैरों में कहां दम था! मेरी किश्ती वहां डूबी, जहां पानी भी कम था! महाराष्ट्र की तरह ही बंगाल में हो गया खेला! ममता बनर्जी की तृणमूल टूटी!
ममता बनर्जी के बारे में यह शेर काफी फिट बैठता है. मुझे अपनों ने ही लूटा, गैरों में कहां दम था! मेरी किश्ती.
