चिट्ठी आई है… घर से चिट्ठी आई है! क्या डाकिये का यह शोर सुनाई देता है आपको?
आज की पीढी को शायद ‘चिट्ठी’ पता ना हो, परंतु किसी युग में जब डाकिया घर पर चिट्ठी दे जाता था, तो चिट्ठी पाने वाले को ऐसी खुशी मिलती थी, जैसे उसकी लॉटरी निकल गई हो. खासकर अपनों से काफी दूर ‘प्रदेश’ में रहने वाला एक व्यक्ति अपने घर से भेजी गई चिट्ठी पाकर कई […]
