October 13, 2026
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सिलीगुड़ी में बिरयानी बनाने वाले की धार्मिक पहचान पूछना क्या जरूरी है? सिलीगुड़ी में हिंदू जागरण मंच के लगाए पोस्टर से खड़ा हुआ राजनीतिक तूफान!

Is it necessary to ask the religious identity of a biryani maker in Siliguri? A poster put up by the Hindu Jagran Manch in Siliguri has sparked a political storm!

हिंदू जागरण मंच की सिलीगुड़ी शाखा ने सिलीगुड़ी के विभिन्न इलाकों में कथित रूप से एक विवादास्पद पोस्टर क्या लगा दिया, माकपा से लेकर टीएमसी व दूसरे दलों के साथ ही विभिन्न धर्मनिरपेक्ष संगठनों ने हिंदू जागरण मंच और भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनकी ओर से कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के इतिहास में ना तो कभी ऐसा हुआ है और ना ही कभी ऐसा होगा. हमारा संविधान रोजी-रोटी के मसले पर किसी को भी भेदभाव की इजाजत नहीं देता है.

दरअसल हिंदू जागरण मंच की ओर से कथित रूप से शहर के विभिन्न इलाकों में एक खास तरह का पोस्टर लगाया गया है, जिसमें लोगों खासकर हिंदू वर्ग से अपील की गई है कि त्यौहार में वे हिंदुओं की दुकानों से ही बिरयानी खरीदे और पूजा सामग्री भी हिंदू व्यापारी या दुकानदार की दुकान से ही खरीदें. हिंदू जागरण मंच का कथित पोस्ट फेसबुक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है.

हिंदू जागरण मंच ने इस तरह का पोस्टर कब लगाया, यह तो पता नहीं लेकिन रविवार के दिन सोशल मीडिया पर हिंदू जागरण मंच के उपरोक्त पोस्ट की खूब चर्चा हुई. अनेक लोगों ने इस पर टिप्पणी भी की है कि खाने-पीने की चीजों में किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. जिसको जो दुकान अच्छा लगे, खरीददारी करनी चाहिए. उपभोक्ता को यह नहीं देखना चाहिए कि हिंदू की दुकान है या मुस्लिम की.

सिलीगुड़ी के कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि मुस्लिम दुकानों में बिरयानी का अपना ही आकर्षण होता है. हिंदू दुकानों में बिकने वाली बिरयानी का स्वाद वैसा नहीं हो सकता, जैसा कि मुस्लिम कारीगर बिरयानी बनाने में एक्सपर्ट होते हैं. यह उसी तरह से है जैसे पहाड़ के गोरखा मोमो बनाने में एक्सपर्ट होते हैं.

हिंदू जागरण मंच द्वारा वायरल पोस्ट को लेकर सिलीगुड़ी का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है. सर्वप्रथम वाममोर्चा की ओर से अशोक भट्टाचार्य ने इसका न केवल विरोध किया है बल्कि यह भी कहा है कि सिलीगुड़ी सदियों से सर्व धर्म समभाव की नीति पर चलता आ रहा है. यहां हिंदू मुस्लिम में कभी कोई फर्क नहीं किया गया. जाति पंथ से ऊपर उठकर हर धर्म और वर्ग के लोगों ने सिलीगुड़ी का विकास किया है. अशोक भट्टाचार्य ने ऐसे पोस्ट लगवाने वाले लोगों पर पुलिस कार्रवाई की मांग की है.

अशोक भट्टाचार्य ने कहा है कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक देश है. एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में इस तरह का पोस्टर लगाना कानूनन अपराध है. पुलिस प्रशासन को फौरन ऐसे पोस्ट हटा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारा संविधान सभी धर्म के लिए एक समान अधिकार देता है और किसी व्यक्ति की आजीविका धर्म से तय नहीं होनी चाहिए. सिलीगुड़ी नगर निगम के पूर्व मेयर गौतम देव ने हिंदू जागरण मंच के पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्य जनक है. भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है. देश में लोकतंत्र है. हमारा देश संविधान से चलता है.

गौतम देव ने कहा कि बंगाल कवि गुरु का है. बंगाल सुभाष चंद्र बोस नेताजी का है, जिन्होंने कभी भी समाज को बांटने या धर्म के आधार पर अधिकार की बात नहीं कही. पश्चिम बंगाल सर्व धर्म समभाव की वकालत करता है और यह इसका इतिहास है. हमें तो आश्चर्य होता है कि इस तरह का पोस्टर क्या सोचकर लगाया गया! जब सिलीगुड़ी के विधायक और मंत्री शंकर घोष से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

हालांकि भाजपा की ओर से यह जरूर कहा जा रहा है कि हिंदू जागरण मंच एक स्वतंत्र संगठन है. हिंदू जागरण मंच के नेता क्या बयान देते हैं, उससे भाजपा को क्या लेना देना है! वे अपना बयान दे सकते हैं इसमें क्या बड़ी बात है.

इस बीच हिंदू जागरण मंच की ओर से पोस्ट को लेकर उठ रहे विवाद पर सफाई देने की कोशिश की गई है. हिंदू जागरण मंच की ओर से प्रशांत सरकार तथा अभिषेक दास ने कहा है कि हिंदू जागरण मंच ने कभी किसी को निर्देश नहीं दिया. बल्कि अपील की है. इसलिए कि हिंदू वर्ग के कारोबार को समर्थन देने से अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ेगा. इसके साथ ही लोगों की आय भी बढ़ेगी. हिंदू जागरण मंच ने कहा है कि उनकी अपील को लेकर किसी को भ्रम में नहीं रहना चाहिए.

हिंदू जागरण मंच ने कहा है कि हमारा मकसद बांटना नहीं है. जैसा कि राजनीतिक दल लोगों में भ्रम पैदा करना चाहते हैं. हम तो समाज के नागरिकों को सचेत करना चाहते हैं. हमें मुसलमानों से कोई नाराजगी नहीं है. बल्कि हम तो यही चाहते हैं कि वे कारोबार करें. लेकिन अपना सटीक परिचय दे और सटीक व्यवसाय करें. बहुत से मुस्लिम कारोबारी फर्जी नाम से अपनी दुकान चला रहे हैं. हिंदू जागरण मंच के प्रवक्ता ने उनसे सावधान रहने के लिए लोगों को सचेत किया है.

बहरहाल देखना होगा कि हिंदू जागरण मंच की सफाई के बाद यह विवाद थमता है या नहीं. वैसे भी सिलीगुड़ी के अनेक लोगों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में बिरयानी बनाने वाले की धार्मिक पहचान पूछे बिना लोग बरसों से इसे खाते रहे हैं. लोगों का तर्क है कि यह नहीं भूलना चाहिए कि पूजा पंडाल की सजावट या पंडाल निर्माण में मुस्लिम कारीगर भी होते हैं!

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