June 26, 2026
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बरसात के मौसम में SMC में इस्तीफे का दौर क्या जिम्मेवारियों से पीछे हटने का संकेत है?

Is the spate of resignations in SMC during the rainy season a sign of abdication of responsibilities?

सिलीगुड़ी नगर निगम का कार्यकाल अभी 1 साल बाकी है. लेकिन उससे पहले ही सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड पार्षद खासकर तृणमूल कांग्रेस के वार्ड पार्षद और अधिकारी इस्तीफा दे रहे हैं. शुरुआत सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर गौतम देव से हुई और उसके बाद कई वार्डों के टीएमसी पार्षदों ने इस्तीफे दे दिए हैं.

46 नंबर वार्ड के तृणमूल पार्षद दिलीप बर्मन पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं. वार्ड नंबर 40 के टीएमसी पार्षद राजेश प्रसाद मुन्ना ने मेयर परिषद से इस्तीफा तो दिया ही, उन्होंने टीएमसी से ही दूरी बना ली है. इसी तरह से वार्ड नंबर 41 की टीएमसी पार्षद शिविका मित्तल ने भी टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है. आने वाले दिनों में कुछ और टीएमसी पार्षद इस्तीफा दे सकते हैं.

आखिर टीएमसी के पार्षद समय से पहले इस्तीफा क्यों दे रहे हैं? सिलीगुड़ी की जनता का सवाल है कि 5 साल के लिए वे पार्षद हैं. अपने-अपने क्षेत्र की जनता की सेवा करना उनका दायित्व है. अभी सिलीगुड़ी में बरसात शुरू हो गई है और इसी के साथ ही जल जमाव की समस्या भी गंभीर हो गई है. ऐसे में सिलीगुड़ी की जनता को अपने पार्षद के सहयोग की अधिक जरूरत है. जबकि इसके बजाय पार्षद मैदान छोड़कर जा रहे हैं.

अब तो यह सवाल सिलीगुड़ी नगर निगम में विपक्ष के नेता अमित जैन की ओर से भी उठाया जा रहा है. उन्होंने गौतम देव के इस्तीफे के बाद अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि गौतम देव अपनी जिम्मेवारी छोड़कर भाग नहीं सकते हैं. टीएमसी बोर्ड को सिलीगुड़ी की जनता से जनादेश मिला है. अभी बारिश के समय में लोगों को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है. तो क्या यह माना जाए कि प्रतिकूल स्थिति देखकर टीएमसी के पार्षद अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं?

गौतम देव के मेयर पद से इस्तीफे के बाद सिलीगुड़ी नगर निगम को अनाथ होने से बचाने के लिए आनन फानन में डिप्टी मेयर रंजन सरकार को मेयर और संजय पाठक को डिप्टी मेयर बनाने की तैयारी कर ली गई है. सूत्र बता रहे हैं कि मेयर गौतम देव के इस्तीफे के बाद जो रणनीति बनाई गई है, उसके अनुसार अगर राज्य सरकार बोर्ड को चलाने का आदेश देती है तो उस स्थिति में रंजन सरकार और संजय पाठक को क्रमशः मेयर और डिप्टी मेयर बनाकर बाकी 1 साल तक सिलीगुड़ी नगर निगम का प्रशासन चलाया जा सकता है.

सूत्र बता रहे हैं कि सिलीगुड़ी नगर निगम के कम से कम 30 टीएमसी पार्षद यही चाहते हैं कि सिलीगुड़ी नगर निगम अपना कार्यकाल पूरा करे और इसीलिए उन्होंने रंजन सरकार और संजय पाठक पर भविष्य की रणनीति तय करने की जिम्मेवारी सौंप दी है. अगर राज्य सरकार यह फैसला करती है कि सिलीगुड़ी नगर निगम अपना कार्यकाल पूरा करे तो इस स्थिति में टीएमसी के पार्षद और अधिकारी बोर्ड का संचालन कर सकते हैं.

सूत्रों ने बताया कि टीएमसी के पार्षद नहीं चाहते हैं कि सिलीगुड़ी की जनता में यह संदेश जाए कि बरसात के समय (मुसीबत के समय) वे सिलीगुड़ी की जनता को उनके हाल पर छोड़कर अपनी जिम्मेदारियों से दूर हो गए. इसलिए पार्टी की प्रतिष्ठा को बचाने के लिए उन्होंने रणनीति बनाई है कि अगर भविष्य में राज्य सरकार उनसे बातचीत करती है तो इस स्थिति में सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड चलाने और परिसेवा देने में कभी पीछे नहीं हटेंगे.

जिला तृणमूल कांग्रेस के सभापति कुंतल राय पहले ही कह चुके हैं कि टीएमसी के पार्षद जनता की सेवा के लिए तैयार हैं. अगर राज्य सरकार का आदेश होता है या इस संबंध में कोई अधिसूचना प्रकाशित होती है तो उसके अनुसार बोर्ड के पार्षद फैसला करेंगे. इसका सीधा सा मतलब यह है कि टीएमसी कभी नहीं चाहेगी कि जनता में उसकी छवि खराब हो अब देखना होगा कि राज्य की सुवेंदु सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम का भविष्य क्या तय करती है. क्या वक्त से पहले चुनाव होगा या फिर समय पर सिलीगुड़ी नगर निगम के चुनाव कराए जाएंगे?

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