October 16, 2026
Sevoke Road, Siliguri
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पूजा के दौरान सिलीगुड़ी का ट्रैफिक संभालना नहीं होगा आसान!

Managing Siliguri traffic during the Puja season will not be easy!

16 अक्टूबर से ही दुर्गा पूजा की भीड़भाड़ शुरू हो जाएगी. लोग पंडालों और सड़कों पर निकलेंगे. ऐसे में सिलीगुड़ी की ट्रैफिक व्यवस्था के चरमराने का खतरा उत्पन्न हो गया है. 25 सितंबर को डीसीपी ट्रैफिक काजी शमसुद्दीन अहमद तथा एडीसीपी पूर्णिमा शेरपा का तबादला होने के बाद अब तक ये पद भरे नहीं जा सके हैं. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि यातायात विभाग के अधिकारियों के अभाव में पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था को किस तरह संभाल पाएगी?

यह एक विचारणीय प्रश्न है और पुलिस के लिए चुनौती भी है. वर्तमान में पर्याप्त संख्या बल या कार्य बल की अनुपस्थिति में सिलीगुड़ी के विभिन्न चौक चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था के संचालन के लिए सिविक वॉलिंटियर्स की सेवा ली जा रही है. अधिकारी बहुत कम नजर आते हैं. 2 दिन बाद शहर में भीड़भाड़ बढ़ेगी तो उस समय पर्याप्त बल की आवश्यकता होगी. मार्गदर्शन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति में ट्रैफिक संभालना आसान नहीं होगा. ऐसे में पुलिस के पास क्या योजना है?

सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शहर की यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी तरह की तैयारियां कर ली गई है. पूजा के दौरान भीडभाड़ से निबटने और कुशल ट्रैफिक संचालन के लिए सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस की ओर से एक कार्य योजना तैयार की गई है. 16 अक्टूबर से ही शहर के विभिन्न इलाकों में नो एंट्री तथा रूट डायवर्जन का सिद्धांत लिया गया है. यह 24 अक्टूबर तक, जब तक कि प्रतिमा विसर्जन का कार्य संपन्न नहीं हो जाता है, तब तक यह सिद्धांत लागू रहेगा.

पूजा के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के संचालन के लिए और क्या-क्या तैयारी की गई है? इस पर एक नजर डालना आवश्यक है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूरे नौ दिनों तक शहर की विभिन्न रूटों पर आवश्यक प्रतिबंध लागू रहेंगे. इनमें छोटे और बड़े वाहनों का रूट डायवर्जन, बसों का परिचालन, प्रमुख चौराहों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती, सिलीगुड़ी से बाहर जाने वाली बसों का आगमन तथा ठहराव से लेकर शहर के विभिन्न मोडो पर दो पहिया और तीन पहिए वाहनों की आवाजाही प्रतिबंध के नियम निर्धारित किए गए हैं.

आप शहर के किसी भी इलाके में रहते हो, अगर ट्रैफ़िक विभाग द्वारा जारी अधिसूचना को ध्यान में रखते हैं तो पूजा के दौरान कहीं घूमने, फिरने, जाने आने में कोई परेशानी नहीं होगी. यहां बताते चले कि ये सभी प्रतिबंध रोज शाम 4:00 बजे से अगले दिन सुबह चार बजे तक लागू रहेेंगे. आइए एक-एक कर जानते हैं. अगर आप सिलीगुड़ी से जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरद्वार आदि की ओर जाना चाहते हैं तो इसके लिए बसें नौकाघाट से मिलेंगी.

जबकि कोलकाता, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड आदि जाने के लिए बसें सिलीगुड़ी जंक्शन स्थित तेंजिंग नोर्गे बस टर्मिनस या परिवहन नगर या नौकाघाट आदि से खुल सकती हैं. अगर आप पूजा के दौरान सिक्किम आदि जाना चाहते हैं तो इसके लिए बस पीसी मित्तल बस टर्मिनल से मिलेगी. अगर आप बागडोगरा, खोड़ीबारी, पानी टंकी, नक्सलबाड़ी आदि की ओर जाना चाहते हैं तो सिटी बसों को नौका घाट से पकड़ सकते हैं.

सिलीगुड़ी के विभिन्न व्यस्त चौक चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए बाहर से आने वाली गाड़ियों को अलग-अलग रास्तों से गुजरना होगा. एनजेपी जाने के लिए यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से ही जाना होगा. सिक्किम तथा Dooars से आने वाले वाहनों को ईस्टर्न बाईपास से होकर वीआईपी मोड होते हुए स्टेशन तक जाना होगा. दादा भाई मोड, सुब्रत संघ, गेट बाजार, विनर्स क्लब होकर एनजेपी स्टेशन जाने पर प्रतिबंध रहेगा. यहां तक कि छोटे तथा दो पहिया वाहनों के आवागमन पर भी प्रतिबंध रहेगा.

शहर के जिन इलाकों में पूजा पंडाल स्थित रहेंगे, वहां वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इस तरह से सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस और ट्रैफिक विभाग की ओर से एक कार्य योजना तैयार की गई है और इसके संचालन के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं बनाई गई है. इसका मकसद पूजा के दौरान लोगों की सुरक्षा, सुव्यवस्थित यातायात और शांति स्थापना है. समय के हिसाब से कुछ नियम तुरंत प्रभाव से बदल भी सकते हैं. वाहन चालकों और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए सभी चौक चौराहों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे. ये सभी व्यवस्थाएं प्रतिमा विसर्जन तक लागू रहेंगी.

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