सिलीगुड़ी, 23 सितंबर 2026: बच्चों में लंबाई और शारीरिक विकास से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मणिपाल हॉस्पिटल सिलीगुड़ी ने अपना पहला समर्पित हाइट क्लिनिक शुरू किया है। यह क्लिनिक 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए उपलब्ध होगा, जहां उनकी लंबाई और विकास से जुड़ी समस्याओं की विस्तृत जांच और उचित चिकित्सकीय प्रबंधन किया जाएगा।
इस क्लिनिक में बाल रोग और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञ मिलकर बच्चों के विकास का आकलन करेंगे। क्लिनिक का नेतृत्व डॉ. अजीत छेत्री, सीनियर कंसल्टेंट-पेडियाट्रिक्स और डॉ. आनंद मोहन चक्रवर्ती, कंसल्टेंट-एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, मणिपाल हॉस्पिटल सिलीगुड़ी करेंगे।
हाइट क्लिनिक सोमवार से शनिवार, दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध रहेगा। यहां उन बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिनकी लंबाई उनकी उम्र के अनुसार अपेक्षित गति से नहीं बढ़ रही है या जिनके विकास को लेकर अभिभावकों को चिंता है।
क्लिनिक में बच्चों की लंबाई और वजन को मापने और समय के साथ उसमें होने वाले बदलाव को ट्रैक करने के साथ-साथ ग्रोथ वेलोसिटी यानी लंबाई बढ़ने की गति, बोन एज और अन्य आवश्यक जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर हार्मोन से जुड़ी जांच, ग्रोथ हार्मोन स्टिमुलेशन टेस्ट और जेनेटिक मूल्यांकन भी किया जा सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों में कम लंबाई के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें हार्मोन की कमी, पारिवारिक रूप से कम लंबाई, विकास या यौवन में देरी, लंबे समय से चली आ रही बीमारियां और कुछ आनुवंशिक स्थितियां शामिल हो सकती हैं। अगर कोई बच्चा लगातार अपने हमउम्र बच्चों से छोटा है, उसकी लंबाई बढ़ने की गति कम हो गई है, यौवन में देरी हो रही है या जन्म के समय कम वजन के बाद अपेक्षित कैच-अप ग्रोथ नहीं हुई है, तो चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी हो सकता है।
क्लिनिक के लॉन्च पर डॉ. अजीत छेत्री ने कहा कि कई बार अभिभावक इस चिंता के साथ अस्पताल आते हैं कि उनके बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ रही है। ऐसी स्थिति परिवार के लिए चिंता का कारण बन सकती है। एंडोक्राइनोलॉजिस्ट की विशेषज्ञता को हाइट क्लिनिक से जोड़ने से बच्चों की ग्रोथ से संबंधित समस्याओं का व्यापक मूल्यांकन और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
वहीं, डॉ. आनंद मोहन चक्रवर्ती ने कहा कि किसी खास उम्र में बच्चे की लंबाई देखकर ही उसके विकास का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता। बच्चे की लंबाई समय के साथ किस गति से बढ़ रही है, इसे समझना भी जरूरी है। कुछ बच्चे अपने साथियों की तुलना में छोटे हो सकते हैं, लेकिन उनका विकास सामान्य हो सकता है, जबकि लंबाई बढ़ने की गति में कमी या विकास के रुक जाने की स्थिति में आगे की जांच की जरूरत पड़ सकती है।
मणिपाल हॉस्पिटल सिलीगुड़ी के अनुसार, इस समर्पित हाइट क्लिनिक का उद्देश्य बच्चों में विकास से जुड़ी चिंताओं की शुरुआती पहचान और विशेषज्ञ मूल्यांकन को आसान बनाना है, ताकि परिवारों को बाल रोग और एंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञों की सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकें।

