July 27, 2026
Sevoke Road, Siliguri
Shankar ghosh bjp WEST BENGAL westbengal

विश्व मैंग्रोव दिवस 2026: पश्चिम बंगाल सरकार का ब्लू कार्बन इकोनॉमी पर जोर, सुंदरबन को बनाया जाएगा वैश्विक इको-टूरिज्म मॉडल !

https://khabarsamay.com/world-mangrove-day-2026-west-bengal-governments-emphasis-on-blue-carbon-economy-sundarbans-to-be-made-a-global-eco-tourism-model/

विश्व मैंग्रोव दिवस 2026 के अवसर पर पश्चिम बंगाल पर्यटन विभाग ने दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन के सहयोग से रायचक स्थित ताज गंगा कुटीर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला, सतत पर्यटन और ब्लू कार्बन इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. शंकर घोष ने कहा कि सुंदरबन दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहरों में से एक है। उन्होंने कहा कि मैंग्रोव जंगल प्राकृतिक कार्बन सिंक होने के साथ-साथ चक्रवात, तटीय कटाव और खारे पानी के बढ़ते प्रभाव से सुरक्षा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन का विकास पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित और कम प्रभाव वाला होना चाहिए।

मंत्री ने सुंदरबन के समग्र विकास के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने का प्रस्ताव रखा, जिसमें पर्यटन अवसंरचना, सड़क संपर्क, अंतर्देशीय जल परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस योजना में सुंदरबन मामलों का विभाग, वन विभाग, मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

डॉ.शंकर घोष ने मैंग्रोव संरक्षण को पर्यटन से जोड़ने की नई पहल की भी घोषणा की। इसके तहत सुंदरबन आने वाले प्रत्येक पर्यटक को कम से कम एक मैंग्रोव पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि पर्यटन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की “वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन” पहल के तहत दार्जिलिंग और सुंदरबन को पश्चिम बंगाल के प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थलों के रूप में प्रस्तावित किया गया है।

पर्यटन मंत्री ने यह भी कहा कि सुंदरबन तक सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के साथ-साथ कोलकाता से सीधे जलमार्ग के जरिए सुंदरबन तक निर्बाध परिवहन सेवा शुरू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। इससे नदी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को पर्यावरण अनुकूल परिवहन का विकल्प भी मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान उत्तर 24 परगना के नेबुखाली में समानांतर मैंग्रोव पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया, जिसे लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायचक कार्यक्रम से जोड़ा गया। इसका उद्देश्य मैंग्रोव संरक्षण के लिए विभिन्न जिलों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।

इस अवसर पर पर्यटन राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती, सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना, सागर के विधायक सुमंत मंडल, फलता के विधायक देबांग्शु पांडा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उपस्थित रहे।

मैंग्रोव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए उमाशंकर मंडल (मैंग्रोव मैन), अजंता डे, अनिल मिस्त्री, डॉ. अनामित्र अनुराग डांडा और ग्रीन ब्रिगेड को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में पर्यटन विभाग ने दोहराया कि उसका लक्ष्य सुंदरबन को ऐसा वैश्विक मॉडल बनाना है, जहां जलवायु संरक्षण, स्थानीय आजीविका और जिम्मेदार पर्यटन एक साथ आगे बढ़ें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *