केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सिलीगुड़ी में हैं. यहां उनका व्यस्त कार्यक्रम है. सबसे महत्वपूर्ण विषय ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर है. सिलीगुड़ी गलियारा जिसे चिकन नेक भी कहा जाता है, सामरिक दृष्टिकोण से भारत का सबसे संवेदनशील भाग है. यह क्षेत्र पूर्वोत्तर राज्यों को भारत से जोड़ता है.
नेपाल, भूटान तथा बांग्लादेश की सीमाओं के बेहद करीब सिलीगुड़ी की सुरक्षा केवल राज्य का विषय नहीं, बल्कि यह भारत की संप्रभुता और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है. यही कारण है कि गृह मंत्री अमित शाह पिछले एक डेढ महीने में यहां दो बार आ चुके हैं. उन्होंने अपनी पहली यात्रा में भी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और सिलीगुड़ी चिकन नेक की सुरक्षा की आधिकारिक समीक्षा की थी. एक बार फिर से वे सिलीगुड़ी में हैं.
हालात कुछ बदले नहीं है. बल्कि पहले से भी ज्यादा गंभीर हो गया है. पश्चिम बंगाल में कुछ दिन पहले ही एसटीएफ ने ISI के संदेह में चार लोगों को गिरफ्तार किया था. उनसे पूछताछ के बाद बंगाल को तबाह करने की कई ऐसी चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लगी थी, जिसके बाद राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई. अगर सुरक्षा एजेंसियों और एसटीएफ ने जरा सी भी चूक की होती तो आज बंगाल की कहानी कुछ और लिखी जाती. बंगाल में क्या-क्या होता, कोई सोच भी नहीं सकता था.
कूचबिहार के पास दिनहाटा से पकड़े गए संदिग्ध पाकिस्तानी जासूसों से पूछताछ के बाद एसटीएफ ने एक और संदिग्ध पाकिस्तान जासूस को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. उसका नाम प्रदीप्त बोस है. वह युवक सिलीगुड़ी का रहने वाला है और उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने का आरोप है.
हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद एसटीएफ की टीम प्रदीप्त बोस को पकड़ने के लिए दिल्ली रवाना हो गई. एसटीएफ के पास ऐसी जानकारी थी कि प्रदीप्त बोस सिलीगुड़ी चिकन नेक के संवेदनशील स्थानों और प्रतिष्ठानों की जानकारी सीमा पार पाकिस्तान भेज रहा था. इसके बाद ही एसटीएफ की टीम दिल्ली रवाना हो गई. दिल्ली पुलिस ने बंगाली एसटीएफ का आरोपी को गिरफ्तार करने में पूरा सहयोग दिया.
बंगाल एसटीएफ ने इस आरोपी को दिल्ली के बंगाली पाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया था. एक दिन पहले ही उसे दिल्ली से कूचबिहार स्थित दिनहाटा लाया गया, जहां उससे एसटीएफ पूछताछ कर रही है. सबसे ज्यादा चिंता वाली बात यह है कि एक सप्ताह के अंदर ही ISI एजेंट के संदेह में पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
यह बंगाल सरकार के लिए भी चिंता का विषय है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की जान को खतरा इन्हीं लोगों से थी. ये लोग पड़ोसी देशों में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे आकाओं के इशारे पर बंगाल में उथल-पुथल करने की कोशिश में जुटे हुए थे. उनकी योजना चिकन नेक की सुरक्षा में सेंध लगाकर पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए भी खतरा उत्पन्न करने की थी.
इन संदिग्ध पाकिस्तानी जासूसों की गिरफ्तारी सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है. अब तक सुरक्षा एजेंसियों को पता चल गया है कि इस क्षेत्र में ISI मॉड्यूल की सक्रियता बढ़ गई है. एसटीएफ को यह भी शक है कि प्रदीप्त बसु और उसके साथी भारत के कई राज्यों में फैले एक इंटरनेशनल स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं.
भारत के गृह मंत्री के रूप में अमित शाह की सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. यही कारण है कि सीमा सुरक्षा को लेकर उन्होंने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की है. बंगाल और केंद्र के तमाम बड़े अधिकारी, सीमा सुरक्षा बल के जवान, सेना के जवान व सुरक्षा एजेंसियां चिकन नेक को लेकर काफी अलर्ट है और गृह मंत्री के साथ भावी रणनीतिक योजना पर चर्चा कर रहे हैं.
उधर बंगाल में घुसपैठ भी एक चुनौती बनी हुई है. गृह मंत्री इस पर भी अधिकारियों से विचार विमर्श कर रहे हैं. एक दिन पहले ही दक्षिण 24 परगना जिले के रायदीघी से पुलिस ने 10 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है. यह सभी कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पुलिस की धर पकड़ से घबराकर बंगाल में शरण लेने के लिए पहुंचे हुए थे. पकडे गए इन सभी घुसपैठियों को फिलहाल होल्डिंग सेंटर भेज दिया गया है, जहां से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जल्द ही बांग्लादेश भेज दिया जाएगा.
अमित शाह के सिलीगुड़ी दौरे को रणनीतिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उत्तर बंगाल का यह क्षेत्र देश के सुरक्षा और संपर्क तंत्र की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में गृह मंत्री और अधिकारियों के बीच संभावित सुरक्षा समीक्षा और हाईटेक आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
आज कावाखाली मैदान में देश के तीन नए आपराधिक कानून, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर केंद्रित प्रदर्शनी और समीक्षा बैठक हुई. इसका मकसद सीमावर्ती इलाकों में नए कानून के तहत त्वरित कानूनी और पुलिसिया कार्रवाई को सुनिश्चित करना है.
जैसा कि सूत्र बता रहे हैं कि अगर पाकिस्तानी जासूसों से पूछताछ के बाद कुछ और संवेदनशील अहम जानकारियां सामने आती है तो केंद्रीय जांच एजेंसियों को इसमें शामिल किया जा सकता है. ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क ने भारतीय सेना अथवा बीएसएफ की कितनी संवेदनशील जानकारियां सीमा पार साझा की है.
एसटीएफ और शीर्ष पुलिस अधिकारियों से पूर्व में गृह मंत्रालय को जो जानकारी हाथ लगी थी, उसको केंद्र में रखकर ही अमित शाह ने अधिकारियों के साथ तकनीकी रोड मैप तय करने के साथ ही कई नई परियोजनाओं की आधारशिला को अपनी योजना में शामिल किया है. इसमें सीमा पार से होने वाली घुसपैठ, तस्करी और नेटवर्क घुसपैठ को रोकने के लिए सेंसर आधारित तकनीक, आधुनिक निगरानी प्रणालियों और इंटेलिजेंस शेयरिंग को एकीकृत करना शामिल है.
केंद्रीय गृह मंत्री के सिलीगुड़ी दौरे को देखते हुए राज्य के कार्यवाहक महानिदेशक और पुलिस प्रमुख सिद्धार्थ नाथ गुप्ता समेत कई शीर्ष पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने के लिए पहले ही सिलीगुड़ी में डेरा डाले हुए हैं.

