June 11, 2026
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ममता बनर्जी का खेला खत्म ! अब कल्याण बनर्जी भी बागी हुए!

आज कल कोलकाता से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में एक फिल्म चल रही है, जो इतनी सनसनीखेज है कि पहले से दर्शकों को पता ही नहीं चलता कि आगे क्या होने वाला है. जैसे-जैसे फिल्म क्लाइमैक्स की ओर बढ़ रही है, दर्शकों के दिल की धड़कन भी बढ़ती जा रही है! नेताओं की इस फिल्म का द एंड कैसे होता है, यह देखना दिलचस्प होगा.

टीएमसी की इस फिल्म के क्लाइमेक्स में कल्याण बनर्जी का चेहरा सामने आया है ने जैसे कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को कह दिया है, ममता दीदी! आपको मेरे और अभिषेक के बीच किसी एक को चुनना होगा. अब बहुत हो गया. अभिषेक बनर्जी अथवा मेरे बीच किसी एक का फैसला कर लो… कदाचित किसी को यकीन नहीं होगा कि कल्याण बनर्जी भी विरोधी सांसदों के स्वर में स्वर मिला रहे हैं. लेकिन जब किसी का बुरा समय चलता है तो इंसान क्या उसकी परछाई भी उसका साथ छोड़ देती है. ममता बनर्जी की हालत वर्तमान में ऐसी ही है.

ममता बनर्जी के भरोसेमंद भी ताश के पत्ते की तरह बिखरते जा रहे हैं. जिस कल्याण बनर्जी को ममता बनर्जी ने काकोली घोष की जगह लोकसभा में चीफ व्हिप बनाया था, अब वह भी उनका साथ छोड़ने की ओर लगातार कदम बढ़ा रहे हैं. टीएमसी से अलग हो रहे सांसदों तथा विधायकों को भले ही कोई अवसरवादी कहे और उनके चरित्र पर सवाल उठाए, लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि अब टीएमसी में रहकर भी क्या करेंगे? भविष्य उनका वहां तो रहा नहीं. ऐसे में टीएमसी से निकल जाने में ही उन्होंने अक्लमंदी समझी है.

राज्य विधानसभा में टीएमसी के 80 विधायक चुनाव जीत कर आए हैं. उनमें से 60 से अधिक विधायक पहले ही पार्टी से अलग हो चुके हैं. जबकि टीएमसी के 29 सांसदों में से 20 से अधिक सांसद बागी गुट में शामिल हो चुके हैं. ममता बनर्जी के खासमखास में कल्याण बनर्जी का नाम सबसे ऊपर था. कल तक कल्याण बनर्जी ममता बनर्जी का दम भरते थे. लेकिन आज फिल्म के क्लाइमेक्स में बागी हो गए. कह दिया या तो अभिषेक बनर्जी को चुन लो या फिर मेरे जैसे वफादार को!

कल्याण बनर्जी चाहते हैं कि ममता बनर्जी या तो अभिषेक बनर्जी को हटाए. अगर ऐसा नहीं करती है तो वह पार्टी में नहीं रह सकते. उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर केस से भी खुद को अलग कर दिया है. उन्होंने कहा है कि अभिषेक बनर्जी को कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं रहा. आगे भी वह मुझ पर भरोसा नहीं कर सकते. कल्याण बनर्जी द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाने की घटना तब हुई, जब वह अभिषेक बनर्जी के लिए केस तैयार कर रहे थे. आधी रात को उन्हें बताया गया कि केस से वकील को बदल दिया गया है.

खुद को ममता बनर्जी का भरोसेमंद बताने वाले कल्याण बनर्जी अभिषेक बनर्जी पर इस कदर खफा हैं कि उन्होंने उनकी औकात तक बता दी है. यह भी कह दिया कि टीएमसी को इस स्थिति में लाने वाला अगर कोई जिम्मेदार है तो वह अभिषेक बनर्जी ही है. कल्याण बनर्जी ने जैसे दो टूक बात कह दी है. एक म्यान में दो तलवारे नहीं रह सकतीं. फैसला ममता बनर्जी को करना है.

पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी की करारी हार के बाद कल्याण बनर्जी आखिर तक ममता बनर्जी के करीब खड़े रहे. वे कई अहम मामलों में कोर्ट से लेकर संसद की अदालत तक टीएमसी की पैरवी करते नजर आए.अभिषेक बनर्जी के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर से संबंधित मामला चल रहा है. उस मामले में भी कल्याण बनर्जी वकील थे. लेकिन अब वकील बदला जा चुका है. यह कल्याण बनर्जी के लिए एक अपमानजनक बात लगती है. टीएमसी की इस फिल्म का क्लाइमेक्स टीएमसी के ताबूत में आखिरी कील की तरह दर्शक देख रहे हैं.

टीएमसी की यह फिल्म लगातार झटके देती जा रही है. इससे पहले ममता बनर्जी को दो बड़े झटके लग चुके हैं. प्रकाश चिक बाइक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया तो कल तक ममता बनर्जी के साथ खड़े नजर आए प्रसून चटर्जी भी बागी काकोली गुट का हिस्सा हो चुके हैं. राजनीतिक विश्लेषकों को लगता है कि इसी के साथ ही फिल्म का द एंड हो जाएगा. क्योंकि उसके बाद भतीजा बुआ के अलावा बाकी कुछ बचता नहीं है.

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