चार-पांच महीने और इंतजार कर लीजिए. घर में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं होगी. बुकिंग के लिए भी नहीं करना पड़ेगा इंतजार. जैसा पहले चल रहा था, वैसा ही होने वाला है. क्योंकि होर्मुज खुल गया है. यह भारत के लिए सबसे बड़ी खबर है!
यह खबर केवल गृहिणियों के लिए ही नहीं, बल्कि होटल व्यवसाय, रेस्टोरेंट और सभी तरह के प्रतिष्ठानों के लिए भी गुड न्यूज़ है. वर्तमान में गैस त्रासदी से पूरी दुनिया दो चार है. लोग गैस की किल्लत महसूस कर रहे हैं. पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों के लिए डीजल और पेट्रोल की मात्रा निश्चित है. बहुत जल्द यह सब कोरोना की तरह बंदिश से आजाद होने वाला है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की जो बड़ी घोषणा हुई है, उससे सिलीगुड़ी ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लोगों ने राहत की सांस ली है. होटल उद्योग ने खुशी जताई है. काफी सारे होटल गैस न मिलने के चलते बंद हो गए थे. अब उनका पुनर्जीवन होने वाला है. लोगों को भी महंगाई से थोड़ी राहत मिल सकती है. खाने पीने के दाम घट सकते हैं. कई होटलों ने खाने-पीने की चीजों पर या तो दाम बढ़ा दिए थे या फिर उनकी क्वालिटी कम कर दी थी. अब फिर से पटरी पर लौटने की बारी है.
ग्रामीण इलाकों में गैस बुकिंग के लिए फिलहाल डेढ़ महीने का समय निर्धारित किया गया है. इसी से आप समझ सकते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू एलपीजी की किस कदर भारी किल्लत है. बहुत जल्द ग्रामीण क्षेत्रों में भी घरेलू एलपीजी गैस पहले की तरह ही सुलभ हो जाएगी. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने कीमतों को लेकर भी तस्वीर साफ कर दी है.
वास्तव में ईरान और अमेरिका के बीच डील के बाद ही केंद्र सरकार ने देश के लोगों को यह खुशखबरी दी है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बड़ी घोषणा करते हुए एलजी का बैकलॉग घटाकर 3.1 दिन कर दिया है. पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की आपूर्ति पहले की तरह ही होती रहेगी. पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने यह जानकारी दी है.
इस समय पहाड़ में एलपीजी आपूर्ति सामान्य रूप से नहीं हो पा रही है. इसे लेकर आए दिन नई-नई खबरें सुनने को मिल रही है. पहाड़ में एलपीजी का वितरण सामान्य तरीके से नहीं हो पा रहा है. बहुत से परिवार वंचित रह जाते हैं या समय पर उन्हें एलपीजी गैस नहीं मिल पाती है. लेकिन आज की घोषणा के बाद अब किसी भी एजेंसी पर गैस की कोई किल्लत नहीं रहेगी.
पेट्रोलियम मंत्रालय की इस घोषणा के बाद यह भी उम्मीद की जा रही है कि सरकार या तेल कंपनियां पेट्रोल, डीजल या एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ाई गई कीमतों को कम करने का प्रयास करेगी. इस पर संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भी सकारात्मक संदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि सरकार इस पर ध्यान दे रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलती स्थितियों को देखते हुए खुदरा कीमतों के बारे में जल्दी फैसला ले लिया जाएगा.
अमेरिका ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है. तेल कंपनियां इसका फायदा उठा रही है. यानी रिकवरी की जा रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार हर एलपीजी सिलेंडर पर अंडर रिकवरी 700 रुपए प्रति सिलेंडर है. इसी तरह से हर एक लीटर डीजल पर अंडर रिकवरी ₹27 रुपया, जबकि हर 1 लीटर पेट्रोल पर अंडर रिकवरी तीन रुपया है.
बताते चलें कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल, 50% LNG और 60% एलपीजी दुनिया भर के बाजारों से आयात करता है. जिसका मध्य पूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले एक बड़ा हिस्सा स्टेट ऑफ होर्मुज से आता था. लेकिन ग्लोबल मार्केट में पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स की सप्लाई 28 फरवरी 2026 को मध्य पूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद पिछले 108 दिनों के दौरान बुरी तरह बाधित हुई थी.
