July 29, 2026
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सिलीगुड़ी में फ्लैट खरीदने से पहले नए नियम को जान लें, वरना पछताना पड़ सकता है!

Know the new rules before buying a flat in Siliguri, otherwise you may regret it!

अगर आप सिलीगुड़ी में फ्लैइट खरीदने की योजना बना रहे हैं तो उससे पहले कुछ बातों की जानकारी आपको अवश्य होनी चाहिए. क्योंकि सरकार बदल चुकी है और नई सरकार ने कुछ नए प्रावधान और नियम लागू किए हैं. इसलिए इनके बारे में जानकारी रखना जरूरी है पहले फ्लैट खरीदने के लिए अथवा बेचने के लिए ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती थी. अथवा यह एक सामान्य प्रावधान में शामिल था. इसका उतना महत्व नहीं था जितना कि आज है.

अब सरकार ने ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट को अनिवार्य कर दिया है. और इसे सख्ती से लागू किया गया है. ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट के बिना ना तो आप फ्लैट खरीद सकते हैं और ना ही बिक्री कर सकते हैं. कम से कम जो खरीददार हैं, उन्हें ध्यान रखना होगा कि बिल्डर से फ्लैट खरीदते समय ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट पर जोर दें और यह सुनिश्चित करें कि बिल्डर के द्वारा आपको यह सर्टिफिकेट दिया जाएगा. आपको बताते हैं कि ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट क्या है और सरकार इस पर जोर क्यों देना चाहती है?

वास्तव में बिल्डिंग ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट सिलीगुड़ी नगर निगम द्वारा जारी एक अनुमति पत्र होता है जो यह साबित करता है कि आप जो बिल्डिंग या बिल्डिंग में फ्लैट लेने जा रहे हैं, उनका निर्माण स्वीकृत नक्शे या मानकों के अनुसार हुआ है और आप बिल्डिंग में सुरक्षित और निर्भीक रूप से रह सकते हैं. यह एक तरह का प्रमाण है जो आपको सभी तरह की बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से लैस करता है. अगर आपके पास बिल्डिंग ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट नहीं होगा तो आप बिजली पानी आदि के हकदार नहीं हो सकते हैं. इस प्रमाण पत्र के जरिए यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा भी उपलब्ध है.

बिल्डिंग ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट के जरिए खरीदार को सुरक्षा, यूटिलिटी कनेक्शन, होम लोन, रीसेल आदि की गारंटी मिल जाती है. बैंक लोन के लिए यह जरूरी है. बिना इसके आप अपनी संपत्ति को बेच भी नहीं सकते हैं. आज इस बात की घोषणा करते हुए राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि अगर आप सिलीगुड़ी अथवा आसपास या कहीं भी बंगाल के किसी भी कोने में फ्लैट खरीदने जा रहे हैं तो ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट के अलावा बिल्डर अगर कोई और सर्टिफिकेट जारी करता है तो उसे मना कर दें.

वास्तव में यह सब पूर्व टीएमसी सरकार में टीएमसी शासित सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड पर लगाए गये भ्रष्टाचार के बाद उत्पन्न स्थिति का परिणाम है. हालांकि अभी तक एसएमसी पर भ्रष्टाचार का कोई मामला सामने नहीं आया है. परंतु जन चर्चा है कि पूर्ववर्ती टीएमसी शासित बोर्ड में कानून व्यवस्था की कोई परवाह नहीं की गई और पैसे लेकर बिल्डरों को मनमाने तरीके से इमारत का निर्माण करने दिया गया. वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार सिलीगुड़ी नगर निगम बोर्ड पर लगे संभावित भ्रष्टाचार की जांच करने जा रही है. इसी संदर्भ में बिल्डिंग ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया गया है.

आज शंकर घोष ने एक संवाददाता सम्मेलन में शहर में लगाए गए अवैध होर्डिंग्स पर भी बात की और यह भी कहा कि यह किसकी मर्जी से लगाया गया और इसका पैसा किसकी जेब में गया है, इसका भी हिसाब लिया जाएगा. शंकर घोष ने सिलीगुड़ी कोलकाता बोलबे बस पर पथराव तथा उत्तर बंगाल पुलिस महानिदेशक द्वारा की जाने वाली कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि इस मामले में पुलिस ने सख्त कानून व्यवस्था का पालन करते हुए सात लोगों को अपनी हिरासत में लिया है.

शंकर घोष ने आज स्पष्ट कर दिया कि पूर्ववर्ती सरकार में जो चलता था, वह आज नहीं चलेगा. सिलीगुड़ी का शासन स्पष्ट और पारदर्शी होगा. जिन्होंने भ्रष्टाचार किया है, उन्हें जेल जाना होगा.हमारी सरकार उन सभी पर नजर रख रही है जो पूर्व में विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए थे. अब उन सभी का हिसाब लिया जाएगा. बहरहाल यह खबर सिलीगुड़ी अथवा आसपास में नए फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. अगर आपने सावधानी नहीं रखी तो आपको काफी पछताना पड़ सकता है!

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