सिलीगुड़ी: शहर के 41 नंबर वार्ड स्थित इस्कॉन रोड निवासी 26 वर्षीय पर्वतारोही अस्तित्व साहू ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर अपने पहले ही प्रयास में 4,600 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। खास बात यह रही कि उन्होंने इस अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की अतिरिक्त ऑक्सीजन, निजी गाइड या विशेष तकनीकी सहायता का सहारा नहीं लिया। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनका यह प्रयास साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का उदाहरण बनकर सामने आया है।
अस्तित्व साहू के अनुसार उन्होंने 13 जुलाई को माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में खराब मौसम के कारण उन्हें दो दिनों तक बेस कैंप में रुककर मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद मौसम अनुकूल होने पर उन्होंने अपनी चढ़ाई आगे बढ़ाई। अभियान के दौरान एक दिन पहले स्नोकेट वाहन की सहायता से उन्हें लगभग 5,100 मीटर तक पहुंचने का विकल्प दिया गया, लेकिन उन्होंने इस सुविधा का लाभ नहीं उठाया और अपनी क्षमता के बल पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि कई पर्वतारोहियों को शिखर के समीप वाहन से ले जाकर तस्वीरें लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन उनके लिए तस्वीरों से अधिक महत्वपूर्ण अपनी मेहनत और शारीरिक क्षमता के दम पर ऊंचाई तक पहुंचना था। यही कारण रहा कि उन्होंने पूरे अभियान में आत्मनिर्भर रहते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया।
अस्तित्व साहू 4,600 मीटर की ऊंचाई तक बिना ऑक्सीजन पहुंचे, जिसे वह अपने पर्वतारोहण जीवन की बड़ी उपलब्धियों में से एक मानते हैं। उनका कहना है कि यह अभियान चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ सीख और अनुभव से भरपूर रहा। कठिन मौसम, बर्फीली ढलानों और कम तापमान के बीच लगातार आगे बढ़ना आसान नहीं था, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति ने उन्हें हर चुनौती का सामना करने का हौसला दिया।
माउंट एल्ब्रुस की कुल ऊंचाई 5,642 मीटर है और इसे यूरोप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माना जाता है। अस्तित्व का कहना है कि भविष्य में वह बेहतर प्रशिक्षण और अधिक तैयारी के साथ इस शिखर को पूरी तरह फतह करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे। उनका सपना दुनिया की अन्य प्रसिद्ध चोटियों पर भी सफल पर्वतारोहण अभियान पूरा करना है।
पेशे से मीडिया एजेंसी से जुड़े अस्तित्व साहू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के रहने वाले हैं और पिछले करीब डेढ़ वर्ष से सिलीगुड़ी में रह रहे हैं। पर्वतारोहण उनका जुनून है और इससे पहले भी वह हिमाचल प्रदेश की युनम चोटी सहित कई पर्वतीय अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। उनकी इस उपलब्धि से सिलीगुड़ी के खेल और साहसिक गतिविधियों से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है और युवा पर्वतारोहियों को भी प्रेरणा मिल रही है।
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बिना ऑक्सीजन यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर 4,600 मीटर तक पहुंचे सिलीगुड़ी के अस्तित्व साहू, पहले ही प्रयास में हासिल की बड़ी उपलब्धि
- by Ryanshi
- July 29, 2026
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- 3 hours ago

