अगर आप तीस्ता नदी के आसपास निचले इलाकों में रहते हैं तो सावधान हो जाइए. क्योंकि कभी भी तीस्ता नदी में जल सैलाब आ सकता है. उत्तर बंगाल का मौसम भी बेईमान नजर आ रहा है. सिक्किम में कई जगह हुए भूस्खलन के बाद तीस्ता नदी और चकुंग नदी में गिरे मलबे के कारण कई जगह तीस्ता का प्राकृतिक प्रवाह थम सा गया है. वहां पानी तेजी से एकत्र होने लगा है
रविवार को सुबह में सिक्किम में भूस्खलन हुआ था. भूस्खलन के कारण पहाड़ी से गिरी चट्टानों के चलते नदियों के सामान्य प्रवाह में बाधा पहुंची है. जानकार मानते हैं कि नदी में मलबा जमा होने से नदी का प्रवाह रुक जाता है. ऐसे में डैम के टूटने का खतरा बढ़ जाता है. क्योंकि जब पानी तेजी से एकत्र होना शुरू हो जाएगा और उसका प्रवाह रुक जाएगा तो सीधे डैम पर चोट करता है और डैम के टूटने का खतरा बढ़ता है.
ऐसे में नदी में बाढ का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है. यूं तो तीस्ता मे हर साल बाढ़ आती है. लेकिन इस बार नदी में पहले से ज्यादा मात्रा में मलबा एकत्र होने से नदी की गहराई कम होने की बात विशेषज्ञ बता रहे हैं. जिस वजह से अगर जरा भी पानी फैलता है तो आसपास के इलाकों के डूबने का खतरा बढ़ जाएगा. हालांकि रात तक स्थिति ज्यादा खराब नहीं थी
आज सुबह से तीस्ता का जलस्तर बढ़ने की बात स्थानीय लोगों ने बताई तो तेजी से अफवाह भी फैलने लगी. लोग सुबह उठते ही नदी के किनारे भागने लगे यह देखने के लिए कि पानी कितना बढ़ा हुआ है, उन्होंने देखा कि सभी संवेदनशील स्थानों पर सेना और पुलिस के जवान तैनात थे. इसके साथ ही पुलिस और सेना के अधिकारियों के द्वारा माइकिंग भी की जा रही थी. हालांकि घबराने की बात नहीं है.
नेपाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में आई भीषण बाढ़ और जान माल के नुकसान के चलते बंगाल प्रशासन किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहता है. इसलिए प्रशासनिक तंत्र सभी चुनौतियों से निपटने के लिए उपाय कर रहे हैं. बाढ़ आशंकित क्षेत्रो में अफवाह लोगों में अफरा तफरी का सबसे बड़ा कारण होता है. इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों के बीच उठने वाली किसी भी अफवाह पर नकेल कसने के लिए सभी उपाय कर लिए हैं.
तीस्ता में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान करना शुरू कर दिया है. आज सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारियों ने माइक के जरिए लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है. तीस्ता बाजार, कालीझोरा,सेवक आदि से लेकर जलपाईगुड़ी जिले में नदी के किनारे स्थित बस्तियों एवं गांव के लोगों में दहशत देखी जा रही है. उन्होंने अपना घर खाली करना शुरू कर दिया है.
कहा जा रहा है कि यहां कभी भी बाढ़ आ सकती है. अगर भारी बरसात हुई तो डैम टूटने का खतरा बढ़ जाएगा. ऐसे में तीस्ता और दूसरी नदियों का जल तेजी से आसपास के इलाकों और बस्तियों में फैलना शुरू हो जाएगा. जिस तेजी से तीस्ता नदी में जहां तहां जल प्रवाह में रुकावट के साथ डैम बनने की गति बढ रही है, ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों ने यहां अलर्ट जारी कर दिया है.
सेना और पुलिस के जवानों को निचले इलाकों में तैनात कर दिया गया है. बच्चों और बडो को नदी के किनारे नहीं जाने दिया जा रहा है. पुलिस और सेना से कहा गया है कि जरा भी जल प्रवाह में असामान्य स्थिति दिखे या भूस्खलन की आशंका हो तो तुरंत ही प्रशासन को सूचित करें. जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बाढ आपदा प्रबंधन टीम को भी चौकस कर दिया है. इसके अलावा एनडीआरएफ तथा एस टी आर एफ की टीम को भी हर पल चौकस रहने का निर्देश दिया गया है.
इस बीच तीस्ता नदी के किनारे रहने वाले लोगों के बीच अफवाह भी तेजी से फैल रही है. प्रशासनिक अधिकारियों ने अफवाह फैलाने वाले लोगों तथा अपुष्ट समाचार फैलाने वाले लोगों से निपटने की हर संभव तैयारी की है. स्थानीय लोगों से कहा जा रहा है कि वह केवल प्रशासनिक सूचना तंत्र, जिला प्रशासन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा बंगाल पुलिस से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.
बहरहाल देखना होगा कि तीस्ता में बढ़ रहा जलस्तर और कितनी तेजी तक ऊपर उठता है. यह भी देखना होगा कि यह क्या खतरे के निशान को पार करता है? सबसे बड़ी बात मौसम अगले 24 घंटे में क्या रहने वाला है? इस पर निर्भर करेगा कि तीस्ता उत्तर बंगाल के लोगों का कितना नुकसान करती है.

