जलपाईगुड़ी। भगवान जगन्नाथ देव की स्नान यात्रा को लेकर जलपाईगुड़ी में भक्तों के बीच उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। जलपाईगुड़ी के श्री श्री गौड़ीय मठ में इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलराम और माता सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना और स्नान उत्सव का आयोजन किया गया।
स्नान यात्रा रथ यात्रा से पहले मनाया जाने वाला भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा का एक पवित्र स्नान उत्सव है। हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान जगन्नाथ को 108 कलश जल से स्नान कराया जाता है। इसके बाद भगवान 15 दिनों के लिए अनवसर काल में जाते हैं।
हिंदू धर्म में भगवान जगन्नाथ देव की स्नान यात्रा को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। भक्त इस दिन को भगवान जगन्नाथ के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मानते हैं।
पुरी की तरह ही जलपाईगुड़ी के श्री श्री गौड़ीय मठ में भी इस उत्सव को पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाया गया। यहां भगवान जगन्नाथ, बलराम और माता सुभद्रा को स्नान कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम के अंत में भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

